प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त पांच देशों की विदेश यात्रा के तहत यूरोपीय शहर स्वीडन में हैं, जहां उनके दौरे को लेकर खूब गहमागहमी देखी गई. पीएम मोदी का यह स्वीडन दौरा कई मायनों में बेहद खास रहा. उन्होंने यहां गॉथेनबर्ग में आयोजित यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री (ERT) के मंच से यूरोप की सबसे बड़ी कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने का खुला न्योता दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन सहित यूरोप के सभी बड़े उद्योगपतियों और वैश्विक कंपनियों के CEOs को मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, क्लीन एनर्जी और अन्य क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया. भारत को दुनिया का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बताते हुए पीएम मोदी कहा कि भारत की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पूरी रफ्तार में चल रही है और यह भारत में निवेश का सबसे सही समय है.
गॉथेनबर्ग में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल बिजनेस राउंडटेबल में स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहीं. इस बैठक को भारत और यूरोप के बीच हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण बिजनेस-डिप्लोमेसी बैठकों में माना जा रहा है.
यूरोप की दिग्गज कंपनियां हुईं शामिल
इस कार्यक्रम में यूरोप की कई बड़ी कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए. इनमें वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया, ऑरेंज, एएसएमएल, SAP, कैपजेमिनी, शेल, टोटलएनर्जी, वोल्वो ग्रुप, एयरबस, साब, आर्सेलर मित्तल, एस्ट्राजेनेका, रोश, फिलिप्स, नेस्ले और यूनिलीवर जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल थीं.
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बड़ा समझौता हुआ है और दोनों पक्ष टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा और सप्लाई चेन सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने बताए 5 बड़े सेक्टर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत-यूरोप साझेदारी के लिए पांच बड़े क्षेत्रों को प्राथमिकता बताया. इनमें टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबिलिटी, साथ ही हेल्थकेयर और लाइफ साइंस सेक्टर शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि भारत 5G से 6G तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा भंडारण और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यूरोपीय कंपनियों के लिए यहां बड़े अवसर मौजूद हैं.
‘भारत में अगले 5 साल के लिए बड़ा कमिटमेंट करें’
प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोप की कंपनियों से अपील करते हुए कहा कि हर कंपनी भारत में अगले पांच वर्षों के लिए एक बड़ा और नया निवेश संकल्प ले. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ऐसे हर बड़े प्रोजेक्ट को पूरी मदद देगी.
पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि भारत और यूरोप के बीच एक स्थायी CEO राउंडटेबल बनाया जाए, ताकि दोनों पक्षों के उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद और साझेदारी बनी रहे. इसके अलावा सेक्टर-आधारित वर्किंग ग्रुप और ERT इंडिया डेस्क बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया, जिससे भारत में निवेश करने वाली कंपनियों को मदद मिल सके.
भारत की आर्थिक ताकत का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. उन्होंने भारत के 1.4 अरब उपभोक्ताओं, तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम और पिछले 12 वर्षों में हुए बड़े आर्थिक सुधारों का भी उल्लेख किया. उन्होंने GST, IBC, कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, PLI योजना, FDI सुधार और नियमों को आसान बनाने जैसे कदमों को भारत की नई आर्थिक ताकत बताया.
भारत-यूरोप संबंधों को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि गॉथेनबर्ग में हुई यह बैठक भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकती है. खासतौर पर ऐसे समय में जब दुनिया सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नए साझेदार तलाश रही है, भारत यूरोप के लिए एक भरोसेमंद और तेजी से उभरता हुआ साझेदार बनकर सामने आया है.
ERT यानी यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री यूरोप की सबसे प्रभावशाली बिजनेस संस्थाओं में से एक है. इसमें यूरोप की करीब 55 बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के चेयरमैन और CEO शामिल हैं, जो यूरोप की आर्थिक और औद्योगिक नीतियों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं.