![]()
बोकारो एसपी कार्यालय से 11 और हजारीबाग एसपी कार्यालय से 31 करोड़ रुपए की अवैध निकासी मामले में सीआईडी की एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी ने उन खातों की डिटेल जुटाई है, जिनमें अवैध निकासी की राशि ट्रांसफर की गई थी। एसआईटी की अब तक की जांच में बोकारो में करीब 600 संदिग्ध खाते सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों और उनके सहयोगियों ने पैसे ट्रांसफर किए। वहीं, हजारीबाग में ऐसे 250 संदिग्ध खातों की जानकारी मिली है। अब एसआईटी यह पता लगा रही है कि सरकारी राशि किन-किन खातों से होकर इन खातों तक पहुंची। एसआईटी ने खाताधारकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। उनसे पूछा गया है कि संबंधित राशि कहां से आई, क्यों आई और पैसा भेजने वाले व्यक्ति से उनका क्या संबंध है। अगर खाताधारक राशि के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए, तो उनके खाते फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एसआईटी ने बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय की लेखा शाखा के सभी कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी है। उम्मीद है कि इस सप्ताह रिपोर्ट मिल जाएगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ट्रेजरी घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है। रिपोर्ट से पैसों के ट्रांजेक्शन की पूरी ट्रेल सामने आने की संभावना है। जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई, उनकी पूरी जानकारी भी रिपोर्ट से मिलेगी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अवैध निकासी के लिए फर्जी बिल तैयार किए थे। राशि निकासी के बाद इन दस्तावेजों को कंप्यूटर से डिलीट कर दिया गया था। एसआईटी अब डिलीट डेटा भी रिकवर करने में जुटी है। कौशल पांडेय से आज होगी पूछताछ बोकारो एसपी कार्यालय से अब तक 11 करोड़ रुपए की अवैध निकासी सामने आ चुकी है। इस मामले में एसआईटी मंगलवार को बोकारो एसपी कार्यालय के तत्कालीन लेखापाल और मुख्य आरोपी कौशल पांडेय को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। ट्रेजरी घोटाले का खुलासा सबसे पहले बोकारो एसपी कार्यालय से हुई अवैध निकासी के मामले में हुआ था। इसलिए एसआईटी ने सबसे पहले कौशल पांडेय को रिमांड पर लेने का फैसला किया है। जांच में सामने आया है कि कौशल पांडेय, गृह रक्षक सतीश कुमार सिंह, सिपाही काजल मंडल और एएसआई अशोक कुमार भंडारी ने मिलकर सरकारी राशि की अवैध निकासी की थी। ईडी भी सक्रिय, मांगी जाएगी जांच रिपोर्ट: ट्रेजरी घोटाला मामले में ईडी ने भी ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईडी अब बोकारो के बीएस सिटी थाना, हजारीबाग के लोहसिंघना थाना और सीआईडी से अब तक की जांच रिपोर्ट मांगेगा। इसके बाद ईडी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट से अनुमति मांगेगा। इधर, हजारीबाग के डीसी ने कहा- प्रमाणपत्र देने पर ही होगा वेतन भुगतान ट्रेजरी घोटाले के बाद हजारीबाग उपायुक्त ने सभी विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों में स्थापना मद से निकाली गई राशि की जांच करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से प्रमाणपत्र मांगा गया है कि राशि की निकासी विभागीय आवंटन और उपलब्ध राशि के अनुसार झारखंड कोषागार संहिता-2016 का पालन करते हुए की गई है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, अप्रैल के किसी भी मद के विपत्र का भुगतान नहीं किया जाएगा। जिन विभागों ने प्रमाणपत्र जमा कर दिया है, वहां वेतन जारी होना शुरू हो गया है। पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि कुछ प्रखंडों में प्रमाणपत्र नहीं मिलने से भुगतान रुका है।
Source link