![]()
देवघर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक राजा कुमार मित्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले में एक संगठित गिरोह फर्जी तरीके से फ्लिपकार्ट, अमेजन, एयरटेल पेमेंट बैंक, गूगल पे और फोनपे के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी आम लोगों को झांसा देकर उनसे पैसे वसूले जा रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी अभियान चलाते हुए छह आरोपियों को धर दबोचा। मोबाइल, सिम कार्ड बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशु दास, मिथुन कुमार दास, चंदन दास, कैलाश दास, कुंदन कुमार दास और अजीत कुमार दास के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और एक प्रतिबंधित सिम कार्ड बरामद किया है। जब्त किए गए उपकरणों की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी के कई सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विशु दास, मिथुन कुमार दास और चंदन दास का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और ये पहले भी साइबर थाना में दर्ज मामलों में शामिल रह चुके हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय होकर संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहा था। कैशबैक और ऐप के नाम पर करते थे ठगी पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी गूगल पे, फोनपे और पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का लालच देते थे। वे फोनपे गिफ्ट कार्ड बनवाकर उसे रिडीम कर लेते थे और इस तरह लोगों से ठगी करते थे। इसके अलावा फर्जी एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी बनकर एयरटेल थैंक्स ऐप के माध्यम से कार्ड बंद होने और उसे चालू कराने के नाम पर भी ठगी की जाती थी। इस अभियान में साइबर थाना प्रभारी नागेंद्र कुमार मंडल, अवर निरीक्षक उपेंद्र मिश्रा सहित पथरड्डा ओपी और देवघर पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
Source link