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चीनी या फिर गुड़…किसकी चाय अच्छी और हेल्दी होती है?


अंबाला. हर साल 21 मई पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है. इस दिन का चाय के उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने के साथ-साथ चाय उद्योग से जुड़े किसानों और श्रमिकों की आजीविका और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है. वहीं भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि रोजाना की आदत और भावनाओं से जुड़ी चीज है. सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान, चाय के बिना बात अधूरी लगती है. लेकिन, जैसे-जैसे लोग सेहत को लेकर जागरूक हुए हैं. ऐसे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं कि चीनी या फिर गुड़, किसकी चाय अच्छी होती है.

दरअसल, चाय में चीनी के अलावा, गुड़ एक हेल्दी विकल्प है. बहुत से लोग मानते हैं कि अगर चाय में चीनी की जगह गुड़ डाल दिया जाए, तो वह नुकसानदेह नहीं रहती, लेकिन, क्या यह सच है?  क्या वाकई गुड़ वाली चाय सेहत के लिए बेहतर है, या यह सिर्फ एक भ्रम है?  इसी सवालों को लेकर लोकल 18 की टीम ने अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक डॉ. जितेंद्र वर्मा से बातचीत की.

उन्होंने बताया कि गुड़ और चीनी में सबसे बेहतर आयुर्वेद में गुड़ को ही माना गया हैं. क्योंकि चीनी गुड़ से ही बनती है, लेकिन दोनों के बीच काफी ज्यादा फर्क होता है. उन्होंने कहा कि गुड़ में भी क्वालिटी काफी मायने रखती हैं, क्योंकि आजकल गुड़ में भी मिलावट देखने को मिल रही है इसलिए अच्छे ब्रांड का ही गुड़ लोगों को चाय में डालना चाहिए.

वह बताते हैं कि कई जगह पर गुड़ को साफ करने के लिए मीठा सोडा डाला जाता है,जिससे पिला और लाल गुड़ इतना फायदेमंद नहीं होता है. चीनी का काफी नुकसान होता है, क्योंकि चीनी से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी काफी ज्यादा बढ़ रही है. इसलिए गर्मियों के मौसम में चाय का इस्तेमाल भी काफी काम करना चाहिए और अगर चाय पी भी रहे हैं तो उसमें देसी गुड़ ही डालें. चीनी के इस्तेमाल बंद करने के बाद काफी ज्यादा बदलाव शरीर में देखने को मिलता है और मोटापा भी कम होता है.

आयुर्वेदिक डॉ. जितेंद्र वर्मा बताते हैं कि ब्राउन कलर का गुड़ अच्छा और फायदेमंद होता है. इसके साथ ही चाय में गुड़ की मात्रा भी सीमित रखनी है. आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर को 6 प्रकार के रस की जरूरत होती है, जिसमें मधुर, अम्ल, लवण, कटु तिक्त, कषाय शामिल हैं. यह 6 प्रकार के रस हमें खानपान की सभी वस्तुओं से मिल जाते हैं और इनका ध्यान हमें बस रखना होता हैं.

आयुर्वेदिक डॉ. जितेंद्र वर्मा बताते हैं कि ब्राउन कलर का गुड़ अच्छा और फायदेमंद होता है.

चाय में गुड़ डालने से कितना पोषण मिलता है?

हकीकत यह है कि चाय में हम गुड़ बहुत ही कम मात्रा में डालते हैं. आमतौर पर आधा या एक छोटा चम्मच. इतनी कम मात्रा से मिलने वाले मिनरल्स का शरीर पर कोई खास असर नहीं पड़ता. यानी पोषण के लिहाज से गुड़ वाली चाय, चीनी वाली चाय से बहुत अलग नहीं है.

असली समस्या कहां है?

समस्या गुड़ या चीनी में नहीं, बल्कि मीठे की आदत में है. जब लोग गुड़ को पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं, तो वे इसकी मात्रा बढ़ा देते हैं. यही आदत धीरे-धीरे सेहत को नुकसान पहुंचाती है, चाहे मीठा गुड़ से आए या चीनी से.



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