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सीसीटीएनएस डाटा एंट्री और डिजिटल साक्ष्य अपलोडिंग में तेजी लाने का निर्देश झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नए आपराधिक कानूनों के परिप्रेक्ष्य में ई-साक्ष्य ऐप की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान की गुणवत्ता और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान डीजीपी ने सभी जिलों में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की स्थिति, कार्य प्रगति और लंबित डाटा एंट्री को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुसंधान कार्यों के लिए जरूरी मोबाइल फोन की खरीद प्रक्रिया की भी समीक्षा की। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अनुसंधान पदाधिकारी डिजिटल साक्ष्य का सही तरीके से संग्रहण करें और ई-साक्ष्य पोर्टल पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत अपलोडिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी जिलों को निर्देशित किया कि कांडों का अनुसंधान 60 से 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण जांच से न्यायिक प्रक्रिया होगी मजबूत बैठक में डीजीपी ने कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से न्यायिक प्रक्रिया मजबूत होगी और आम जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और पारदर्शी जांच प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। इस दौरान धनबाद के एसएसपी ने अनुसंधान प्रक्रिया को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। डीजीपी ने सभी एसपी को निर्देश दिया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत पुलिसिंग को अधिक तकनीक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए, ताकि जनता को त्वरित और बेहतर सेवाएं मिल सकें। बैठक में आईजी प्रशिक्षण ए. विजयालक्ष्मी, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह और डीआईजी बजट संध्या रानी मेहता पुलिस मुख्यालय में मौजूद रहे, जबकि सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी-एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसएसपी-एसपी के साथ समीक्षा
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