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लोग शुद्ध दूध, घी और मक्खन के लिए जानवर पालते हैं. इन जानवरों की देखरेख में लोग दिनभर लगे रहते हैं. कई लोग इनसे मिलने वाले दूध को बेचते हैं और कुछ लोग दूध से घी, पनीर और दही जैसे प्रोडक्ट भी तैयार करके बेचते हैं. इससे लोगों को आय होती है. बढ़िया आय तभी होगी जब ज्यादा मात्रा में दूध, घी और खोया आदि तैयार करेंगे. इसके लिए जरूरी है इस बात का पता होना कि गाय और भैंस में किसके दूध में घी ज्यादा मिलता है….
शशांक शेखर/जहानाबाद: खेती-बाड़ी के साथ हमारे देश में पशु पालन भी लोगों के लिए किसी व्यवसाय से कम नहीं रहा है. समय के साथ पशु पालन का कारोबार बढ़ता भी गया. पहले तो लोग गाय-भैंस के साथ ही बैल और सांड भी पालते थे. गाय-भैंस से जहां लोगों को दूध मिलता था वहीं बैल और सांड को लोग खेती-किसानी से जुड़े कार्यों के लिए पालते थे. दूध से लोग दही, घी, पनीर, मक्खन और खोवा जैसे तमाम तरह के आइटम बनाते हैं और खाने-पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं. गाय और भैंस के दूध में अंतर भी होता है. भैंस का दूध ज्यादा सफेद होता है और गाय के दूध में भैंस के दूध की तुलना में थोड़ा पीलापन होता है. यह भी है कि गाय के दूध में फैट कम होता है इसलिए इससे घी भी कम निकलता है. वहीं सेहत के लिए गाय का दूध ज्यादा पाचक और फायदेमंद माना जाता है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने जहानाबाद पशुपालन के कर्मचारी पशु चिकित्सक डॉक्टर रानी कुमारी से बातचीत की.
डॉक्टर रानी का कहना है कि पहले तो यह समझना होता है कि दूध का अंश किससे बना हुआ होता है. इस बारे में उन्होंने कहा कि दूध में 70 फीसदी पानी का अंश होता है. बाकी हिस्सा सॉलिड पार्ट्स कहलाता है. दूध के बेस मटेरियल में जो घुलनशील रहता है वह फैट कहा जाता है. फैट में प्रोटीन, कैल्शियम और लैक्टोज होता है, जिसे सॉलिड पार्ट कहा जाता है. स्वाद से पता कर लेते हैं कि दूध का स्वाद मोटा है या पतला.
डॉक्टर रानी ने बताया कि भैंस का दूध ज्यादा मोटा होता है. एक साधारण गाय के दूध में फैट की बात करें तो यदि गाय के दूध में 4% फैट है तो भैंस में 7 प्रतिशत तक फैट पहुंच जाता है. उसी तरह का हिसाब अन्य कैल्शियम और लैक्टोज में रहता है. जब सॉलिड पार्ट ज्यादा होता है तो दूध में चिकनाई ज्यादा होती है. यही वजह है कि भैंस के दूध में घी निकलने की संभावनाएं अधिक हो जाती है. जब दूध में सॉलिड पार्ट का प्रतिशत कम होगा तो दूध चिकना कम होगा और उससे दूध जल्दी सूखेगा. ऐसे दूध से खोया अधिक मिल सकता है. यानी खोया के लिए गाय का दूध ज्यादा बेहतर है तो वहीं घी के लिए भैंस का दूध बढ़िया रहेगा. हालांकि, आयुर्वेद आदि में देशी गाय के घी का सेवन महत्वपूर्ण और फायदेमंद बताया गया है.
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