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वाटर कनेक्शन जांच और बिजली मीटर अपग्रेड करने के नाम पर साइबर...




रांची में साइबर ठगों ने अब ठगी का नया तरीका निकाल लिया है। नगर निगम और बिजली वितरण निगम के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ठग खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर घर-घर पहुंच रहे हैं और कभी वाटर कनेक्शन जांच तो कभी स्मार्ट मीटर अपग्रेड के नाम पर उपभोक्ताओं से पैसे ऐंठ रहे हैं। इतना ही नहीं, अब वे मोबाइल हैक कर बैंक खाते तक खाली कर दे रहे हैं। ठग दो तरीके अपना रहे हैं। निगम के नाम पर सीधे घर जाकर पेयजल उपभोक्ताओं को डराते हैं। जबकि, बिजली निगम के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए डिजिटल ठगी कर रहे। घर पहुंचने वाले ठग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताते हैं। वे वाटर यूजर चार्ज बकाया या कनेक्शन में गड़बड़ी का हवाला देकर जुर्माना और कनेक्शन काटने की धमकी देते हैं। जो लोग डर जाते हैं, उनसे 2 हजार से 10 हजार रुपए तक वसूल कर फरार हो जाते हैं। दूसरी ओर, बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर स्मार्ट मीटर अपग्रेड नहीं कराने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी जाती है। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो जाता है। फिर ठग बैंकिंग एप तक पहुंच बना लेते हैं। रहें सतर्क… 1930 पर शिकायत करें पहचान पत्र जरूर देखें : कोई भी व्यक्ति खुद को निगम या बिजली विभाग का कर्मचारी बताए तो उसका आईडी कार्ड जांचें। बिना पहचान के प्रवेश न दें। धमकी से न घबराएं : कनेक्शन काटने या जुर्माने की धमकी अक्सर ठगी का हिस्सा होती है। पहले विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर पुष्टि करें। एपीके फाइल डाउनलोड न करें : व्हाट्सएप या अनजान नंबर से आई किसी भी एपीके फाइल को न खोलें। यह मोबाइल हैक करने का सबसे बड़ा जरिया है। सिर्फ आधिकारिक ऐप का इस्तेमाल करें। बैंकिंग डिटेल साझा न करें : किसी के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी कोई जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत करें : ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। केस स्टडी : स्मार्ट मीटर अपग्रेड के नाम पर मोबाइल हैक मधुकम निवासी सतीश कुमार को फोन आया कि उनका स्मार्ट मीटर अपग्रेड नहीं हुआ है, इसलिए कनेक्शन काट दिया जाएगा। घबराकर उपभोक्ता ने बात मान ली। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई।जैसे ही फाइल डाउनलोड की गई, मोबाइल हैक हो गया। कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से करीब 12 हजार रुपए कट गए। बाद में पता चला कि ठगों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर पूरी ठगी को अंजाम दिया।
केस स्टडी : डोरंडा में नकली निगम कर्मी बनकर पहुंचे ठग डोरंडा के मनी टोला निवासी साकेत कुमार के घर दो लोग पहुंचे। खुद को नगर निगम का कर्मी बताया और कहा कि उनके नाम पर 40 हजार रुपए वाटर टैक्स बकाया है। उन्होंने कनेक्शन काटने की धमकी दी और पुलिस केस की बात भी कही। जब साकेत ने आपत्ति जताई तो ठगों ने ‘मामला सेट’ करने के नाम पर पैसे देने का सुझाव दिया। साकेत को शक हुआ और उन्होंने अधिकारियों से बात कराने को कहा। इसके बाद दोनों ठग फरार हो गए। निगम और विभाग भी अलर्ट : नगर निगम और बिजली विभाग के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि विभाग का कोई कर्मचारी इस तरह घर-घर जाकर कैश वसूली या मोबाइल फाइल डाउनलोड कराने का काम नहीं करता।



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