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OMG! कोटा का कमाल जारी, शुभम कुमार AIR 1 और कबीर छिल्लर...


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JEE Advanced 2026 Result: जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणामों ने एक बार फिर कोटा कोचिंग हब की प्रतिष्ठा को मजबूत कर दिया है, जहां से ऑल इंडिया रैंक 1 और 2 हासिल करने वाले छात्रों की सफलता की कहानियां सामने आई हैं. कोटा की प्रमुख कोचिंग संस्थाओं जैसे एलन और रेजोनेंस में पढ़ने वाले छात्रों ने अपनी मेहनत और मार्गदर्शन के दम पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. इन टॉपर्स की सफलता ने लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों को प्रेरित किया है और यह साबित किया है कि सही दिशा और निरंतर अभ्यास से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. कोचिंग संस्थानों ने भी छात्रों को बेहतरीन स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज और मेंटरशिप प्रदान की.

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कोटा। जेईई एडवांस्ड 2026 के घोषित परिणामों में कोटा कॅरियर इंस्टीट्यूट ने एक बार फिर ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया रैंक-1 देने का कीर्तिमान बनाया है. कोटा कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर स्टूडेंट शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की. वहीं कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक 2 अपने नाम की है कोटा ने अपने इतिहास में दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक 1, 2 और 3 एक साथ देने की उपलब्धि हासिल की है। देखिए इन स्टूडेंट्स की सक्सेस स्टोरी कोटा से.

शुभम कुमार ने जेईई-एडवांस्ड 2026 में 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की. शुभम ने जेईई मेन में 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था और ऑल इंडिया रैंक-6 प्राप्त की थी. मूलतः गया (बिहार) के साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है. पिछले दो वर्षों की कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन, अनुशासन, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. शुभम की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर की दुकान संचालित करते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में IIT Patna में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रही हैं. घर का शैक्षणिक माहौल और परिवार का निरंतर सहयोग शुभम की सफलता की मजबूत नींव बना.

अनुशासन के साथ पढ़ाई करें
शुभम ने बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनके शिक्षकों और परिवार का त्याग व विश्वास रहा. पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, जबकि मां ने हर परिस्थिति में भावनात्मक और मानसिक संबल दिया. उन्होंने शिक्षकों की हर बात को गंभीरता से सुना और उनके बताए तरीकों का पालन किया. जब भी कोई विषय कठिन लगता था, वे बार-बार अपने संदेह दूर करते थे. शिक्षकों द्वारा कॉन्सेप्ट्स को मूलभूत स्तर से समझाए जाने से उनकी नींव मजबूत हुई. उनका मानना है कि यदि विद्यार्थी अपने शिक्षकों पर भरोसा रखते हुए अनुशासन के साथ पढ़ाई करें, तो बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं.

अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखा
शुभम रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. कक्षा में पढ़ाए गए विषयों का उसी दिन पुनरावर्तन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. वे प्रतिदिन प्रश्नों का अभ्यास करते और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे. जेईई की तैयारी के दौरान कई बार दबाव की स्थिति बनी, लेकिन उन्होंने उसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. हर चुनौती को उन्होंने प्रेरणा में बदला और अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखा. अब उनका लक्ष्य IIT Bombay की कंप्यूटर साइंस शाखा से बीटेक करना है.

कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2
वहीं कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की है. परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है. पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है. कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं. कबीर ने जेईई-मेन में 300 में से 300 अंक प्राप्त कर आॅल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की. इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं. कबीर आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वल्र्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है.

हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना
कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण कोटा में फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है, क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं. हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया. मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं. नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का गहराई से एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए. कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है. रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही. पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया. गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था. मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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