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असम कैबिनेट में पीयूष हजारिका और अशोक सिंघल शपथ लेंगे. बिमल बोरा और जयंत मल्ला भी इस ईवेंट में शामिल हैं. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पुरानी टीम पर भरोसा जताया है. असम की सियासत में इस एक्शन से बवाल मच गया है. सीएम हिमंत ने विकास के कामों की निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की है.
12 नए मंत्री असम कैबिनेट में शपथ लेंगे, जिससे मंत्रियों की संख्या 17 हो जाएगी. (फाइल फोटो)
गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को पूरा करते हुए 12 विधायकों के नामों का ऐलान कर दिया है. ये सभी विधायक 5 जून को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेंगे. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि अश्विनी राय सरकार, अशोक सिंघल, बिमल बोरा, बिस्वजीत दैमारी, जयंत मल्ला बरुआ, कौशिक राय, केशब महंत, कृष्णेंदु पॉल, नीलिमा देवी, पीयूष हजारिका, रणोज पेगू और सुसांता बोरगोहैन शुक्रवार को दोपहर 12:45 बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री पद की शपथ लेंगे.
इस शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और पहले शामिल किए जा चुके चार मंत्रियों (अजंता नेओग, रमेश्वर तेली, अतुल बोरा और चरण बोरो) को मिलाकर मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 17 हो जाएगी. नई कैबिनेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भाजपा नेतृत्व ने अपनी अनुभवी टीम पर भरोसा बनाए रखा है. पिछली सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके अशोक सिंघल, पीयूष हजारिका, जयंत मल्ला बरुआ, रणोज पेगू, बिमल बोरा और असम गण परिषद (एजीपी) के केशब महंत को एक बार फिर कैबिनेट में जगह मिली है. इससे साफ है कि सरकार अनुभवी नेताओं के जरिए विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखना चाहती है.
वहीं बराक घाटी क्षेत्र से आने वाले भाजपा विधायक कौशिक राय और कृष्णेंदु पॉल ने भी अपनी कैबिनेट सीट बरकरार रखी है. दोनों को पिछली सरकार के विस्तार के दौरान मंत्री बनाया गया था. इसके साथ ही चार नए चेहरे पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल होने जा रहे हैं. इनमें अश्विनी राय सरकार, बिस्वजीत दैमारी, नीलिमा देवी और सुसांता बोरगोहैन का नाम शामिल है.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को भी कैबिनेट में जगह दी गई है. माना जा रहा है कि इन नए चेहरों को शामिल कर सरकार ने क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने की कोशिश की है. हालांकि नई कैबिनेट में कुछ पुराने मंत्रियों को जगह नहीं मिली है. चंद्र मोहन पटोवारी, जोगेन मोहन और उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा इस बार मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे. वहीं पिछली सरकार में मंत्री रहे रंजीत कुमार दास को इस बार विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें