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लोहरदगा|लोहरदगा, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष व झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज पूरी मानवता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन गई है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1972 में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के निर्णय के बाद हुई थी। संजय सर्राफ ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन पृथ्वी के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। ऐसे समय में यह दिवस लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु, शुद्ध जल और हरित वातावरण मानव जीवन के लिए अनिवार्य हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण, जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा कचरे के पुनर्चक्रण जैसे उपाय अपनाने की आवश्यकता है। संजय सर्राफ ने कहा कि पृथ्वी हमारी साझा धरोहर है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से ही स्वच्छ, हरित व सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है।
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