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भास्कर न्यूज| दुमका बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। बुधवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने दुमका के कुपोषण उपचार केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाएं देखीं। बच्चों के इलाज की व्यवस्था जांची। साफ-सफाई देखी। खान-पान की व्यवस्था का जायजा लिया। ऑन-ड्यूटी सेंटर इंचार्ज और एएनएम को निर्देश दिए। बच्चों की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उपायुक्त ने केंद्र की स्वच्छता व्यवस्था देखी। इसे नियमित रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि भवन में लंबे समय से पानी के सीपेज की समस्या थी। इसे अब पूरी तरह ठीक करा दिया गया है। उपायुक्त ने भर्ती बच्चों को दिए जा रहे पोषाहार की जानकारी माताओं से ली। माताओं ने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बच्चों के पोषण स्तर पर विशेष ध्यान रहे। स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप डाइट चार्ट का पालन हो। योजना के तहत लाभुकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर हो। दुमका एमटीसी सेंटर में 15 बेड हैं। अभी 12 बेड पर बच्चों का उपचार चल रहा है। उपायुक्त ने बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए पर्याप्त खिलौने उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। केंद्र प्रबंधन ने बताया कि भर्ती सभी बच्चों और उनके परिजनों को मच्छरों से सुरक्षा के लिए मच्छरदानी दी गई है। उपायुक्त ने कर्मियों के उपस्थिति पंजी की जांच की। समय पर ड्यूटी पर रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे को एक्स-रे या अन्य विशेष मेडिकल जांच की जरूरत हो तो तत्काल एम्बुलेंस का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। परिजनों को परेशानी न हो। उपायुक्त ने कहा, बच्चों का स्वास्थ्य और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित पदाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाएं। भास्कर न्यूज | दुमका दुमका राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मेला क्षेत्र की सुरक्षा, बिजली, पानी, पार्किंग, साफ-सफाई पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों को समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों के काम निविदा से होने हैं, वे तुरंत प्रक्रिया पूरी करें। मेला अवधि में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। विद्युत विभाग को मेला क्षेत्र, मंदिर परिसर, आसपास के बिजली तारों, अन्य संरचनाओं की गहन जांच का निर्देश दिया गया। विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग-अलग जगह आउटपोस्ट बनाए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि एनडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति के लिए पत्राचार हो चुका है। मेला क्षेत्र में 130 आपदा मित्र तैनात किए जाएंगे। एसडीओ ने इसके लिए विस्तृत डिजास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान करने के लिए स्थायी, अस्थायी अतिक्रमण अभियान चलाकर हटाने को कहा गया। बैठक में शिवगंगा की साफ-सफाई समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया। कचरा प्रबंधन के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने को कहा गया। वाहनों के प्रबंधन के लिए पार्किंग स्थल चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। वाहनों की दर तय करने का काम भी जल्द पूरा करने को कहा गया। पूरे मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई। एसडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया।
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