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इंडिया अलायंस एक बार फिर मीटिंग करने जा रहा है. दावे बहुत बड़े बड़े हैं, लेकिन आंकड़ों को देखें तो यह पहले के मुकाबले कमजोर नजर आ रहा है. ममता साथ हैं तो डीएमके और लेफ्ट बाहर है. जेएमएम से खींचतान है. सवाल ये कि क्या बीजेपी से मुकाबले की राह इस तरह निकलेगी?
इंडिया अलायंस की आज मीटिंग होगी.
बीजेपी से मुकाबले के लिए विपक्ष एक बार फिर साथ आने की कोशिश कर रहा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि 23 दल साथ हैं. डीएमके-आप के इनकार और लेफ्ट की कांग्रेस से नाराजगी के बीच इंडिया गठबंधन की बैठक सोमवार को होगी. दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब के दोपहर 12 बजे इंडिया गठबंधन के नेता देश की सियासत में आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे. सियासी तौर पर लाचार ममता भी इस बार होंगी. लेकिन सवाल ये कि डीएमके-लेफ्ट ने ‘हाथ’क्यों झटका? इंडिया अलायंस की खिचड़ी कैसे पकेगी?
डीएमके ने कांग्रेस पर आरोपों की बौछार करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ लेफ्ट ने भी लाल आंख दिखाते हुए कांग्रेस से पूछा है कि केरलम चुनाव के दौरान लेफ्ट और बीजेपी की मिलीभगत के आरोप उसने क्यों लगाए? लेफ्ट ने ये भी पूछा है कि राहुल गांधी ने केरलम सीएम के खिलाफ ED कोई एक्शन नहीं लेती, जैसे बयान क्यों दिए? क्या ये गठबंधन धर्म का पालन है? गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का आरोप डीएमके भी लगा रही हैं. उधर राज्य सभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की भी कांग्रेस से तनातनी चल रही है.
कांग्रेस के लिए राहत की बात क्यों?
हालांकि, कांग्रेस के लिए राहत की खबर ये है कि राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती देने वाली ममता अब बेहद कमजोर हो चली है और इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर पहले की अपेक्षा नरम रुख अख्तियार कर सकती हैं. बैठक में SIR, महंगाई, आर्थिक स्थिति, US ट्रेड डील, चुनाव आयोग की भूमिका और आगामी चुनावों पर चर्चा होगी. बैठक के लगभग 23 दलों के शामिल होने की उम्मीद है. आम आदमी पार्टी के पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बैठक में शामिल नहीं होने की संभावना है. बैठक में सभी दलों के शीर्ष नेतृत्व मसलन राहुल गांधी, खरगे, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे जुड़ेंगे. ममता और अभिषेक बनर्जी, उमर अब्दुल्ला, हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं के बैठक में शामिल होने का दावा विपक्ष कर रहा है.
जयराम रमेश ने क्या कहा?
केंद्र नेता जयराम रमेश ने इंडिया अलायंस की मीटिंग के बारे में एक्स पर लिखा, 23 राजनीतिक दलों ने 8 जून को होने वाली इंडिया अलायंस की मीटिंग में हिस्सा लेने की पुष्टि की है. कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है -हालांकि उन्होंने मोदी सरकार की उन नीतियों और कार्रवाइयों का कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जो लाखों भारतीयों से उनका वोट देने का अधिकार छीन रही हैं. रोज संविधान पर हमला कर रही हैं. जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं. करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं. लगातार महंगाई के जरिए घरेलू बजट को बिगाड़ रही हैं, लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात कर रही हैं. निवेश के माहौल को कमजोर कर रही हैं और अपनी विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही हैं. भारत की तरह INDIA जनबंधन अपनी विविधता के साथ एकजुट होकर खड़ा है.
इंडिया अलायंस पर सवाल क्यों?
जयराम रमेश ने मुद्दे तो गिना दिए, लेकिन इसमें से नया क्या है? ममता को छोड़ दें तो इंडिया अलायंस में आने वालों की संख्या भी कम हुई है. क्योंकि डीएमके बाहर हो गई है. जेएमएम से खींचतान चल रही है. आम आदमी पार्टी पहले की तरह ही बाहर है. इस बार लेफ्ट भी आंख दिखा रहा है ऐसे में सवाल बड़ा है कि जब मुद्दा वही है, ताकत घटी है, तब ऐसा क्या बदल गया जो इंडिया अलायंस इतना दम भर रहा है. कांग्रेस के लिए यह जरूर राहत की बात है, क्योंकि जो पार्टियां पहले कांग्रेस को आंख दिखाया करती हैं, वो कमजोर हो गई हैं, जैसे ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी. ऐसे में कांग्रेस लीडरशिप वाले रोल में खुद को पेश कर सकती है.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें