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झांसी की रानी बन रहीं है सहारनपुर की बेटियां, लट्ठ से देंगी...


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अब बेटियां अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार और अन्य लड़कियों की सुरक्षा भी अकेले कर सकती है. आर्य समाज द्वारा आयोजित किए गए सात दिवसीय वीरांगना शिवर, जिसमें सैकड़ो महिलाओं व युवतियों को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मन को शांत और समय आने पर अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए गुर सिखाए गए. इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने लठ बाजी कर सभी को हैरान कर दिया, साथ ही लड़कियों ने तलवार बाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया.

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सहारनपुर: घर से बाहर निकलने पर बेटियां अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है. बेटियों के इस डर को निकालने के लिए अब आर्य समाज आगे आया है. जिन्होंने सहारनपुर जनपद की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से लड़कियों को घरों से निकाल कर उनको इस काबिल बनाने का फैसला लिया है. अब बेटियां अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार और अन्य लड़कियों की सुरक्षा भी अकेले कर सकती है. आर्य समाज द्वारा आयोजित किए गए सात दिवसीय वीरांगना शिवर, जिसमें सैकड़ो महिलाओं व युवतियों को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मन को शांत और समय आने पर अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए गुर सिखाए गए.

इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने लठ बाजी कर सभी को हैरान कर दिया, साथ ही लड़कियों ने तलवार बाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. समाज में यह मैसेज देने का काम किया की लड़कियां लड़कों से काम नहीं है और वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती है. जिस तरीके से झांसी की रानी ने देश के लिए अंग्रेजों से लड़ अपना बलिदान दिया. उसी तरीके से अब इन बेटियों को भी समय आने पर देश के लिए लड़ने और अपनी सुरक्षा खुद करने का जज्बा और जुनून इनके अंदर पैदा किया गया.

लट्ठ से देंगी छेड़खानी का जवाब 

चंदा आर्य ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मैंने सहारनपुर की वीरांगनाओं को लाठी चलाना सिखाया है. लाठी चलाना इसलिए सिखाया है क्योंकि आज के युग में जिस तरीके से लड़कियों के साथ अत्याचार हो रहे हैं उनसे बचने के लिए लड़कियों को लाठी चलाना सिखाया गया. लाठी चलाने का एक-एक अभ्यास ऐसा सिखाया गया है अगर उनके साथ कल को कोई छेड़छाड़, अभद्रता करता है तो वह अपनी लाठी के दाम और सिखाए गए जुडो के दम पर अपने आप को बचा सकती है.

खुशी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हमने लगभग 50 लड़कियों को तलवार चलाना सिखाया है और तलवारबाजी सीखने का मकसद यही है कि वह अपने आप को स्वस्थ और मजबूत बना सके आज के माहौल को देखते हुए तलवारबाजी सीखना बहुत ही जरूरी हो चुका है. जबकि आज के समय में लड़कियां तलवार उठाने के लिए भी 100 बार सोचती है कि हम चलाएंगे कैसे जबकि यहां पर यही चीज सिखाया जाता है कि तलवार को चलाना कैसे हैं और कैसे दुश्मन से लड़ना है.

खुद कर सकती हैं अपनी सुरक्षा

रितु ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि सहारनपुर की जो लड़कियां है वह अपनी आत्म सुरक्षा खुद कर सके, बिना किसी के डर के बाहर जा सके, आत्म निर्भर बनाकर अपनी सुरक्षा स्वयं करना इस तरह का प्रशिक्षण दिया गया है साथ ही लड़कियों को सर्वांग सुंदर व्यायाम, जूडो कराटे, तलवारबाजी सिखाए गए हैं जिससे कि अगर कोई उनको छेड़ता है तो उसका मुंह तोड़ जवाब वह दे सके. जबकि आज के समय में देखा जा रहा है कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. तो इन सब चीजों से सामना करने के लिए उस लड़की को सेल्फ डिफेंस (अपनी सुरक्षा करना) आना चाहिए.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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