संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान के झूठ, पाखंड और आतंकियों को पालने-पोसने की उसकी दोहरी नीति का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने पाकिस्तान के आंतरिक समूहों और भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ को लेकर करारा हमला बोला. भारत ने इसे सीधे तौर पर पाकिस्तान के ‘डीप स्टेट’ (सैन्य और खुफिया तंत्र) द्वारा संचालित नफरत की एक संगठित फैक्ट्री और राज्य प्रायोजित दुष्प्रचार करार दिया है.
पी. हरिश ने वैश्विक मंच पर दोटूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान का ‘डीप स्टेट’ लंबे समय से भारत विरोधी जहरीला माहौल बनाकर अपनी घरेलू राजनीति चमकाता आया है. उन्होंने साफ किया कि यह सब कुछ केवल अपनी जनता का ध्यान भटकाने और देश के संसाधनों और सत्ता पर अपना अवैध नियंत्रण बनाए रखने के लिए किया जाता है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान आतंकवाद के मूल एजेंडे से ध्यान भटकाना चाहता है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
पाकिस्तान की उड़ी इंटरनेशनल धज्जियां 5 मुख्य बातें
• पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा बेनकाब: भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान द्वारा आंतरिक समूहों और भारत के खिलाफ ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को उसका राज्य प्रायोजित दुष्प्रचार करार दिया.
• डीप स्टेट की नफरत की फैक्ट्री: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने कहा कि पाकिस्तान का ‘डीप स्टेट’ (सैन्य और खुफिया तंत्र) केवल अपनी सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए भारत विरोधी नफरत का माहौल तैयार करता है.
• आतंकी संगठनों पर वैश्विक कार्रवाई की मांग: भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बिना किसी भेदभाव के ISIL, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों के खिलाफ एकजुट होकर सख्त कार्रवाई का आह्वान किया.
• सैन्य अभियान के नाम पर नरसंहार: पी. हरिश ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि अफगानिस्तान में निर्दोष नागरिकों की हत्या, उन्हें घायल करना और बच्चों को अनाथ बनाना आतंकवाद-रोधी कार्रवाई नहीं है; किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने से अपराधी की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती.
• पवित्र रमजान में हवाई हमले और पाखंड: भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के घोर पाखंड को उजागर करते हुए कहा कि एक तरफ वह अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की दुहाई देता है, और दूसरी तरफ पवित्र रमजान के महीने में भी हवाई हमले करने से बाज नहीं आता.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद और पाखंड की खुली पोल
यूएन में अपनी बात रखते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर घेरा. उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक एकजुटता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों का कड़ा विरोध करता है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ISIL, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सभी सहयोगी संगठनों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के मिलकर सख्त कार्रवाई करने का पुरजोर आह्वान किया.
पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा को बेनकाब करते हुए हरिश ने इतिहास और वर्तमान के उदाहरणों से पाकिस्तान को आईना दिखाया. उन्होंने कहा कि किसी नरसंहार को महज एक सैन्य अभियान का नाम दे देने से अपराधी की जिम्मेदारी और उसके गुनाह खत्म नहीं हो जाते. अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने पाकिस्तान को घेरा और कहा कि निर्दोष नागरिकों की बेरहमी से हत्या करना, उन्हें गंभीर रूप से घायल करना और वहां के मासूम बच्चों को अनाथ बना देना किसी भी लिहाज से आतंकवाद-रोधी कार्रवाई नहीं कहलाती.
रमजान में हवाई हमले, पाकिस्तान का सबसे बड़ा पाखंड
भारत ने पाकिस्तान के उस खोखले दावों की भी धज्जियां उड़ा दीं, जिसमें वह खुद को इस्लामिक एकजुटता का मसीहा बताता है. पी. हरिश ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि एक तरफ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बड़ी-बड़ी बातें करता है, वहीं दूसरी तरफ पवित्र रमजान के महीने के दौरान हवाई हमले करने से भी बाज नहीं आता. भारत ने पाकिस्तान के इस कृत्य को इतिहास का सबसे घोर पाखंड बताया. इस तीखे और अकाट्य बयानों के बाद संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रतिनिधि पूरी तरह लाजवाब और अलग-थलग नजर आए.
सवाल-जवाब
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि कौन हैं जिन्होंने पाकिस्तान को घेरा?
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरिश हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के डीप स्टेट और उसके भारत विरोधी प्रोपेगैंडा पर कड़ा प्रहार किया.
भारत ने पाकिस्तान के किस शब्द को ‘नफरत की फैक्ट्री’ का हिस्सा बताया?
भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ को राज्य प्रायोजित दुष्प्रचार और उसके डीप स्टेट द्वारा संचालित नफरत की फैक्ट्री करार दिया.
भारत ने यूएन में किन प्रमुख आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की?
भारत ने वैश्विक मंच से ISIL, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनसे जुड़े सभी सहयोगी आतंकी गुटों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलकर सख्त एक्शन लेने का आह्वान किया.