भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

पलामू का टूनटुनिया पहाड़, जहां पत्थरों से निकलती है टन-टन की आवाज,...


Last Updated:

पलामू जिले का टूनटुनिया पहाड़ गर्मी के मौसम में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. प्राकृतिक सुंदरता, ठंडा वातावरण और रहस्यमयी विशेषताओं के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचते हैं. यह पर्यटन स्थल प्रकृति, रोमांच और आध्यात्मिक शांति का अनोखा संगम माना जाता है.

पलामू: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ऐसी जगहों की तलाश करने लगते हैं, जहां प्राकृतिक ठंडक, खूबसूरत नजारे और सुकून भरा माहौल मिल सके. झारखंड के पलामू जिले में स्थित टूनटुनिया पहाड़ ऐसी ही एक अनोखी पर्यटन स्थली है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रहस्यमयी विशेषता के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती है. हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं.

टूनटुनिया नाम के पीछे है दिलचस्प कहानी
पड़वा प्रखंड में स्थित इस पहाड़ की सबसे खास बात यहां मौजूद पत्थर हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, जब दो पत्थरों को आपस में टकराया जाता है तो उनसे टन-टन की स्पष्ट आवाज निकलती है. इसी अनोखी ध्वनि के कारण इस स्थान का नाम टूनटुनिया पहाड़ पड़ गया. वर्षों से यह रहस्य लोगों के लिए आकर्षण का विषय बना हुआ है. हालांकि अब तक इस अनोखी आवाज के पीछे का वैज्ञानिक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है.

गर्मी में भी मिलता है ठंडक का एहसास
भीषण गर्मी के दिनों में भी टूनटुनिया पहाड़ का वातावरण काफी सुखद रहता है. चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों की खूबसूरत श्रृंखला और सदाबह नदी का शांत प्रवाह यहां के मौसम को सुहावना बनाता है. पहाड़ के आसपास बहने वाली ठंडी हवाएं लोगों को गर्मी से राहत देती हैं. यही वजह है कि गर्मी के मौसम में यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है.

झरना और नदी बढ़ाते हैं आकर्षण
टूनटुनिया पहाड़ के पास स्थित सिखिया खोरी झरना भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. गर्मी के दिनों में लोग यहां पहुंचकर झरने के आसपास समय बिताते हैं और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं. वहीं सदाबह नदी का किनारा पिकनिक और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतरीन जगह माना जाता है.

आस्था और पर्यटन का सुंदर संगम
लगभग 250 से 300 फीट ऊंची इस पहाड़ी के शिखर पर भगवान शिव का मंदिर स्थित है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था और पर्यटन का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है.

मेले और पिकनिक का प्रमुख केंद्र
मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसे अवसरों पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है. इसके अलावा नए साल के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल सैकड़ों पर्यटक इस अनोखे पर्यटन स्थल का दीदार करने आते हैं.

यहां कैसे पहुंचे
टूनटुनिया पहाड़ पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है. मेदिनीनगर से पड़वा मोड़ होते हुए पाटन मार्ग पर मान आहार मोड़ से बाईं ओर नहर के रास्ते लगभग 4 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. यदि आप गर्मी की छुट्टियों में प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो पलामू का टूनटुनिया पहाड़ आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित हो सकता है.

About the Author

Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top