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झारखंड के हजारीबाग शहर में जयराम शर्मा ने अपने घर की छत पर बने रूफ गार्डन में दुनिया के सबसे महंगे आमों में से एक जापान के मियाजाकी आम की सफल खेती की है। उन्होंने ऑनलाइन मंगाए गए पौधे को गमले में लगाकर उसकी देखभाल की, जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष पेड़ पर फल आए हैं। जयराम शर्मा के अनुसार, उन्होंने कुछ वर्ष पहले मियाजाकी आम का पौधा मंगाकर रूफ गार्डन में लगाया था। नियमित देखभाल, उचित खाद और सिंचाई के कारण पेड़ पर लाल और बैंगनी रंग के आकर्षक फल लगे हैं। जापान के मियाजाकी शहर में उगाया जाता है मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी शहर में उगाया जाता है और इसे जापान में “ताई-नो-तामागो” या “सूरज का अंडा” कहा जाता है। यह आम पकने पर गहरे लाल और बैंगनी रंग का होता है, सामान्य आमों की तरह पीला नहीं होता। इसका औसत वजन लगभग 350 ग्राम होता है और यह सामान्य आमों से लगभग 15 प्रतिशत अधिक मीठा होता है। 2.5 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक कीमत इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फोलिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य, विशेषकर आंखों के लिए लाभकारी माने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस दुर्लभ आम की कीमत 1.5 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। जयराम शर्मा ने कहा कि वे इन फलों को बेचने के बजाय अपने परिवार के साथ इसका स्वाद लेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि हजारीबाग की जलवायु और मिट्टी में मियाजाकी आम का सफल उत्पादन क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती की संभावनाओं को दर्शाता है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीकों से इसकी खेती करें, तो यह कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर सकता है।
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