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झारखंड

फिजियोथेरेपी से मसाले तक का सफर, रांची की वीना एक साथ संभाल...

Last Updated:May 10, 2026, 16:52 IST Success Story: रांची की रहने वाली वीना महेश्वरी एक साथ 3 बिजनेस संभालती हैं. आज उनके रांची में तीन-तीन सेंटर हैं, जहां वे फिजियोथेरेपिस्ट के तौर पर मरीजों को ठीक करती हैं. इन्होंने इसकी पढ़ाई भी की है. इसके अलावा रांची यूनिवर्सिटी से एस्ट्रोलॉजी में गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई भी की है. साथ ही, कई तरह के मसाले बनाने का काम करती हैं. ये सारे बिजनेस करते हुए आज महीने के 2 लाख से ऊपर की कमाई करती हैं. वीणा ने लोकल 18 को बताया, मैंने मैसूर से फिजियोथेरेपिस्ट की पढ़ाई की है. इसके अलावा बैंगलोर और कई सारे शहरों में काम किया है. इसके बाद अब रांची में खुद के 3 सेंटर हैं. हमारा खुद का ऑफिस है. यहां पर खासतौर पर वैसे लोग, जो डिसेबल्ड हैं, सुनने में तकलीफ है, बोलने में तकलीफ है, बैक में पेन है, यह सारी समस्या है, तो उनको हम कई तरह के एक्सरसाइज और थेरेपी देते हैं. उन्होंने बताया, हमारे साथ आज पांच फिजियोथैरेपिस्ट जुड़े हुए हैं, जो साथ काम करते हैं और सारे के सारे प्रोफेशनल हैं. इसके अलावा मैं जन्म कुंडली भी देखती हूं और आज हमारे हजारों क्लाइंट्स हैं और आपको कई तरह के मिक्स मसाले, बिरयानी मसाले, ये सारे मसाले भी भी हमारे हां बनते हैं. यह सब मेरी दादी बनाती थीं और उनको देखकर यह सब सीखा है. मेरा बस यही मकसद है कि सामने वाले इंसान की जिंदगी को आसान बनाया जा सके. उन्होंने आगे बताया कि उम्र तो सिर्फ एक नंबर है. आप 60 के हों, 65 के हों, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप कुछ करना चाहते हों और आपके अंदर लगन है, तो फिर आपको कोई नहीं रोक सकता. भले 60 साल से ऊपर की महिलाएं क्यों न हों. आपको अपने पैर पर खड़ा होना चाहिए, क्योंकि पैसे की जरूरत उम्र नहीं देखती. बुजुर्ग महिलाओं को टिप्स देते हुए वीणा ने कहा कि, आपके हाथ में जो भी स्किल है. मान लीजिए, मसाला बनाना आता है, तो वही बनाएं या अगर आपको मालपुआ या गुजिया बनाना आता है, तो उसी को बनाएं और मेले में स्टॉल लगाकर बेचने का काम करें. अगर आप ईमानदारी से कुछ बनाते हैं, तो सफलता जरूर मिलती है. आप 60 या 70 उम्र के हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता है. अगर आप भीतर से फिट हैं, तो सब ठीक है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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मनमानी फीस पर प्रशासन सख्त, 92 निजी स्कूलों को फीस में एडजस्ट...

निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने पर प्रशासन सख्त, 92 निजी स्कूलों को फीस में एडजस्ट करनी होगी अधिक ली गई राशि रांची: निजी स्कूलों के मनमानी फीस वसूलने पर अब जिला प्रशासन सख्त हो गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में री-एडमिशन, एनुअल चार्ज और अन्य मदों में अतिरिक्त फीस लेने वाले स्कूलों को अब यह राशि मासिक शुल्क में एडजस्ट करने का निर्देश दिया गया है। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के सभी निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पेश की गई। जांच में सामने आया कि पिछले तीन वर्षों के शुल्क वृद्धि विश्लेषण में 129 में से 92 स्कूलों ने नियमों का उल्लंघन किया है। इन स्कूलों के प्राचार्यों को 15 दिनों में फी-एडजस्टमेंट प्लान बनाकर जमा करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में अबुआ पोर्टल पर मिली शिकायतों की समीक्षा हुई। कई अभिभावकों ने मनमानी फीस वृद्धि व री-एडमिशन शुल्क लेने की शिकायत दर्ज कराई थी। 19 स्कूलों ने नहीं बनाया पीटीए जिले के सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) से संचालित 149 स्कूलों में से 130 ने अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) का गठन कर लिया है। शेष 19 स्कूलों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले स्कूलों को नोटिस जारी करने और उनका फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्देश भी दिया गया। स्कूलों में की गई फीस वृद्धि का विवरण ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल सेवंथ डे एडवेंटिस्ट इंग्लिश स्कूल सरला बिरला पब्लिक स्कूल सेंट फ्रांसिस स्कूल, बहेया सेवन स्टार्स एकेडमी नोट: अन्य स्कूलों ने भी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सत्र 2026-27 में 10 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है। अनुपस्थित रहने वाले स्कूलों को नोटिस जारी करने व उनका फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्देश भी दिया गया है। आरटीई सीटों पर लॉटरी जल्द शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए जल्द ऑनलाइन लॉटरी कराने की बात कही गई। बैठक में उपायुक्त ने सेंसस 2027 के अंतर्गत पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (Self-Enumeration) करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। इसके लिए बच्चों को भी जानकारी दें, ताकि वे अपने माता-पिता को डिजिटल माध्यम से स्व-गणना करने को कहें। Source link

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पाकुड़ में निर्माणाधीन मकान में लाखों की चोरी:दरवाजा तोड़कर घुसे चोर, घर...

पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के बैंक कॉलोनी में रविवार को चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने एक निर्माणाधीन मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने मकान का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और पूरे घर को खंगाल डाला। घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि चोरी गए सामान की कीमत करीब डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच है। मकान मालिक शुभेन चंद्र शाहा के भतीजे घर पर रहते थे, जो परीक्षा देने के लिए बोकारो गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो घर का ताला टूटा हुआ पाया। अंदर का सारा सामान बिखरा हुआ था। शादी के नए कपड़े, उपकरण और बैटरी चोरी चोरों ने अलमारी में रखे शादी के नए कपड़े, बढ़ई मिस्त्री के मशीनरी उपकरण और गैरेज में खड़े टेंपो की बैटरी भी चुरा ली। मकान मालिक शुभेन चंद्र शाहा ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही उनकी बेटी की शादी हुई थी। जिसके नए कपड़े और अन्य सामान भी चोरी हो गए। इस घटना से परिवार काफी आहत है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बैंक कॉलोनी में इससे पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। पुलिस जांच में जुटी, बढ़ी सुरक्षा की मांग नगर थाना के एएसआई अरुण ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने पुष्टि की कि घर से नए कपड़े, बढ़ई के उपकरण और टेंपो की बैटरी चोरी हुई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और चोरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। Source link

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CBSE 12th Result 2026 TIME LIVE: इंटरनेट के बिना डिजिलॉकर पर सीबीएसई...

नई दिल्ली (CBSE 12th Result 2026 TIME LIVE). सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 बहुत जल्द घोषित होने वाला है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब किसी भी वक्त सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 का डायरेक्ट लिंक ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर एक्टिव कर देगा. इसके साथ ही सरकारी रिजल्ट डिजिलॉकर ऐप और वेबसाइट digilocker.gov.in या उमंग ऐप पर भी चेक कर सकते हैं. डिजिलॉकर ने अपने ऐप और वेबसाइट पर Coming Soon का मेसेज अपलोड कर दिया है. इस साल सीबीएसई बोर्ड 12वीं की कॉपियां डिजिटल तरीके से चेक की गईं हैं. इससे गलती की गुंजाइश कम रहने की संभावना है. सीबीएसई 12वीं के नतीजे भारत के साथ ही दुनिया के अन्य हिस्सों में इसी बोर्ड से पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए भी जारी किए जाएंगे. ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से पश्चिमी एशिया में हालात बिगड़ गए थे. इसलिए वहां सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं रद्द हो गई थीं. यूएई समेत कई देशों में रिजल्ट जारी करने के लिए ऑल्टरनेटिव मेथड अपनाया जाएगा. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जारी होते ही नीचे लिखे स्टेप्स से उसे चेक कर सकते हैं- स्टेप 1- सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर विजिट करें. स्टेप 2- CBSE 12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3- रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी जैसी डिटेल्स एंटर करें. स्टेप 4- इतना करते ही सीबीएसई 12वीं रिजल्ट स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा. स्टेप 5- सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 चेक करके उसे डाउनलोड कर लें. फ्यूचर रेफरेंस के लिए प्रिंटआउट भी निकाल लें. CBSE 12th Result 2026 Date LIVE: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पिछले साल कब जारी हुआ था? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पिछले साल यानी 2025 में 13 मई को घोषित किया गया था. इस साल भी 15 मई तक 12वीं के नतीजे घोषित होने की पूरी संभावना है. CBSE 12th Topper List 2026 LIVE: क्या सीबीएसई टॉपर लिस्ट जारी करेगा? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई मनोवैज्ञानिक दबाव कम करने के लिए ‘फर्स्ट, सेकंड, थर्ड’ की घोषणा नहीं करता. हालांकि, जो स्टूडेंट्स हर विषय में 95% से अधिक अंक लाते हैं या टॉप 0.1% में होते हैं, उन्हें बोर्ड बाद में डाक के जरिए ‘मेरिट सर्टिफिकेट’ भेजता है. CBSE 12th Result 2026 LIVE: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए QR कोड सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: डिजिलॉकर वाली मार्कशीट के नीचे एक QR कोड होता है. कॉलेज इसे स्कैन करके तुरंत पुष्टि कर सकते हैं कि मार्कशीट असली है या नहीं. इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो जाती है. CBSE 12th Result 2026 LIVE:विषय कोड और ग्रेडिंग सिस्टम सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: मार्कशीट में विषय के नाम के साथ उसका कोड (जैसे English-301) होता है. इसके साथ ही ‘Positional Grade’ (A1, A2, B1) भी दिया जाता है, जो बताता है कि आप उस विषय में देश के टॉप कितने प्रतिशत छात्रों में शामिल हैं. CBSE 12th Result 2026 LIVE: माइग्रेशन सर्टिफिकेट का महत्व सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई डिजिलॉकर पर मार्कशीट के साथ-साथ ‘माइग्रेशन सर्टिफिकेट’ भी जारी करता है. अगर आप स्कूल बदलकर किसी यूनिवर्सिटी (जैसे DU या BHU) में जा रहे हैं तो एडमिशन के वक्त यह सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट होगा. CBSE Class 12th Result LIVE: इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी का ब्रेकअप सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: मार्कशीट में थ्योरी के 80/70 अंक और इंटरनल/प्रैक्टिकल के 20/30 अंक अलग-अलग कॉलम में होते हैं. स्टूडेंट को दोनों में अलग-अलग पास होना जरूरी नहीं है (12वीं में एग्रीगेट 33% चाहिए होता है, लेकिन प्रैक्टिकल देना अनिवार्य है). CBSE Class 12th Marksheet 2026 LIVE: प्रोविजनल मार्कशीट बनाम ओरिजिनल सीबीएसई 12वीं मार्कशीट 2026 लाइव: सीबीएसई की ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट पर ‘PROVISIONAL’ लिखा हो सकता है. इसका मतलब है कि यह कॉलेज में एडमिशन के लिए तुरंत इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन जब तक स्कूल से हार्ड कॉपी न मिले, इसे संभालकर रखना होगा. CBSE Class 12th Result LIVE: IVRS और लैंडलाइन सेवा से जानें सीबीएसई 12वीं रिजल्ट सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: जो स्टूडेंट्स दूर-दराज के इलाकों में हैं, उनके लिए सीबीएसई इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम नंबर जारी करता है. आप लोकल बोर्ड ऑफिस के नंबर पर कॉल करके अपना रोल नंबर बोलकर विषय-वार अंक सुन सकते हैं. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: उमंग (UMANG) ऐप का विकल्प सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: अगर डिजिलॉकर और वेबसाइट दोनों धीमे चल रहे हैं तो ‘उमंग’ ऐप एक सरकारी एग्रीगेटर है जो सीधे बोर्ड के सर्वर से डेटा उठाता है. यहां ‘सीबीएसई’ सर्च करके रिजल्ट देखना अक्सर ज्यादा तेज होता है. CBSE Class 12th Result LIVE: रिजल्ट घोषणा की टाइमिंग का ट्रेंड सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई अक्सर दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच 12वीं रिजल्ट जारी करता है. डिजिलॉकर पर अपडेट आने का मतलब है कि बोर्ड अब बस प्रेस रिलीज जारी करने और ऑफिशियल ट्विटर (अब X) हैंडल पर घोषणा करने की तैयारी में है. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: एडमिट कार्ड आईडी का महत्व सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: कई स्टूडेंट्स केवल रोल नंबर याद रखते हैं, लेकिन सीबीएसई पोर्टल पर रिजल्ट देखने के लिए ‘एडमिट कार्ड आईडी’ भी जरूरी होती है. यह आपके एडमिट कार्ड पर ऊपर राइट साइड में लिखी होती है. इसके बिना आप लॉगिन नहीं कर पाएंगे. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई के पास करोड़ों हिट्स झेलने के लिए कई मिरर साइट्स हैं. अगर cbseresults.nic.in लोड नहीं हो रही है तो स्टूडेंट्स तुरंत results.gov.in या गूगल सर्च के माध्यम से सीधे ‘सीबीएसई रिजल्ट पोर्टल’ खोजें, जहां ट्रैफिक कम हो सकता है. CBSE Class 12th Result LIVE: डिजिटल मार्कशीट की कानूनी मान्यता सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: आईटी एक्ट 2000 के तहत, डिजिलॉकर की तरफ से जारी डिजिटल मार्कशीट को फिजिकल मार्कशीट के बराबर ही दर्जा प्राप्त है. यूनिवर्सिटी और कॉलेज एडमिशन के समय इसे ‘ओरिजिनल’ मानकर स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: बिना इंटरनेट के डिजिलॉकर एक्सेस सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: डिजिलॉकर की सबसे बड़ी खासियत है कि एक बार रिजल्ट ‘इश्यूड डॉक्यूमेंट्स’ में सेव हो जाने के बाद आप उसे बिना इंटरनेट के भी ऐप पर देख सकते

झारखंड

Kaddu Kofta: ढाबा स्टाइल कद्दू कोफ्ता! गर्मी में बनाएं लौकी की ये...

Last Updated:May 10, 2026, 16:13 IST Kaddu Kofta Dhaba Style: गर्मी का मौसम शुरू होते ही तापमान लगातार बढ़ने लगता है, ऐसे में खान-पान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है. इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को ठंडक पहुंचाएं और पाचन में भी हल्के हों. कद्दू ऐसी ही एक सब्जी है, जो गर्मियों में आसानी से बाजार में मिल जाती है और पेट को ठंडा रखने में मदद करती है. हालांकि, ज्यादातर लोगों को कद्दू की सामान्य सब्जी ज्यादा पसंद नहीं आती, खासकर बच्चों को तो इसका स्वाद बिल्कुल भी नहीं भाता. हालांकि अगर इसी कद्दू को थोड़ा ट्विस्ट देकर कोफ्ते के रूप में बनाया जाए, तो इसका स्वाद इतना लाजवाब हो जाता है कि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं. खास बात यह है कि कद्दू के कोफ्ते बनाना बहुत आसान है और इसका स्वाद बिना ज्यादा मेहनत के भी ढाबा स्टाइल जैसा शानदार बन सकता है. बता दें कि झारखंड, बिहार की तरफ लौकी को कद्दू कहा जाता है. 55 वर्षीय गृहणी मनोरमा देवी के अनुसार, कद्दू के स्वादिष्ट कोफ्ते बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू को अच्छी तरह धोकर उसका छिलका उतार लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद कद्दू को कद्दूकस करके एक बाउल में रखें और उसका अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निचोड़ लें, क्योंकि कद्दू में पानी की मात्रा अधिक होती है. अब इसमें बेसन और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें और छोटे-छोटे बॉल्स यानी कोफ्ते तैयार कर लें. Add News18 as Preferred Source on Google दूसरी ओर, टमाटर और अदरक को मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें. अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें और तैयार कोफ्तों को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तल लें. इसी तरह सभी कोफ्तों को फ्राई करके अलग रख लें. यह प्रक्रिया कोफ्तों को बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनाने के लिए बेहद जरूरी होती है, जिससे खाने में इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. इन्हें मीडियम आंच पर तलना ठीक रहता है. अब स्वादिष्ट ग्रेवी तैयार करने की बारी आती है, जो इस डिश की जान होती है. उसी कढ़ाई में बचे हुए तेल में तेज पत्ता, हींग और जीरा डालकर तड़का लगाएं. इसके बाद बारीक कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें, फिर टमाटर का पेस्ट डालकर लगभग पांच मिनट तक अच्छे से पकाएं. इसके बाद अदरक का पेस्ट मिलाकर थोड़ा और भूनें. जब मसाले से हल्का तेल अलग होने लगे, तब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. मसाला जब अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें जरूरत के अनुसार पानी डालकर एक उबाल आने दें. अब इसमें तले हुए कोफ्ते डाल दें और कुछ देर तक पकने दें ताकि कोफ्ते मसाले का पूरा स्वाद सोख लें. अंत में हरा धनिया, थोड़ा गरम मसाला और कसूरी मेथी डालकर इसे और भी खुशबूदार बना दें. लीजिए, आपका स्वादिष्ट ढाबा कद्दू का कोफ्ता तैयार है इतना टेस्टी कि कोई नहीं समझ पाएगा आपने कोफ्ता बनाया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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जामताड़ा के नारायणपुर में स्कॉर्पियो ने बच्ची को कुचला:तालाब से नहाकर लौट...

जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतका की पहचान कोरीडीह वन गांव निवासी सफाउल अंसारी की पुत्री सजदा खातून (9 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बच्ची तालाब से स्नान कर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी। हादसे के बाद की तीन तस्वीरें देखें… इलाज के दौरान रास्ते में तोड़ा दम हादसे के बाद परिजन और स्थानीय ग्रामीण तत्काल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नारायणपुर ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया। हालांकि, धनबाद ले जाने के क्रम में रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, हाईवे किया जाम बच्ची की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर सुबह करीब 11 बजे से गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन से आम लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस के आश्वासन पर हटा जाम, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना प्रभारी मुराद हसन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद प्रशासन द्वारा उचित मुआवजे और कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे में शामिल स्कॉर्पियो की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। Source link

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गुमला में वज्रपात से 13 वर्षीय बच्चे की मौत:बकरी चराने गए छोटे...

गुमला जिले के भरनो प्रखंड अंतर्गत सुकुरुहुटु गांव में वज्रपात की चपेट में आने से एक 13 वर्षीय छात्र की मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई घायल हो गया। मृतक की पहचान अमन महतो (13) के रूप में हुई है। घटना के संबंध में मृतक के पिता फुलेन्द्र महतो ने बताया कि उनके दोनों बेटे अमन और अमित महतो (10) बकरी चराने के लिए घर से कुछ दूरी पर गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों भाई पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए, तभी अचानक वज्रपात हुआ और दोनों उसकी चपेट में आ गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही गई अमन की जान वज्रपात की चपेट में आने से दोनों भाई अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने अमन महतो को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना में घायल अमित महतो को प्राथमिक उपचार के बाद होश आ गया है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। गांव के लोग भी अस्पताल पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम, गांव में मातम सूचना मिलते ही भरनो थाना के एसआई मंटू चौधरी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर रविवार को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बता दें कि मृतक अमन और घायल अमित दोनों उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुकुरुहुटु के छात्र थे। अमन सातवीं कक्षा में पढ़ता था, जबकि अमित पांचवीं का छात्र है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। Source link

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CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट कुछ देर में, डिजिलॉकर पर...

नई दिल्ली (CBSE 12th Result 2026). सीबीएसई 12वीं के स्टूडेंट्स की धड़कनें तेज हो गईं हैं. महीनों का इंतजार, प्रैक्टिकल की टेंशन और बोर्ड परीक्षा कादबाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. डिजिलॉकर पर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 ‘Coming Soon’ का साइन बोर्ड लटक चुका है, जिसका सीधा सा मतलब है कि सीबीएसई किसी भी वक्त 12वीं रिजल्ट जारी कर सकता है. सोशल मीडिया से लेकर स्कूल के WhatsApp ग्रुप्स तक, सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है- भाई, रिजल्ट आ गया क्या? डिजिलॉकर का ताजा अपडेट बड़ा संकेत है कि बोर्ड ने डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. अक्सर देखा गया है कि डिजिलॉकर पर स्टेटस बदलने के कुछ ही घंटों के अंदर ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर लिंक लाइव हो जाता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी संभालकर रखें. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 न केवल आपकी मेहनत का रिपोर्ट कार्ड होगा, बल्कि  कॉलेज एडमिशन की रेस में शुरुआती ‘लॉन्च पैड’ भी साबित होगा. डिजिलॉकर का ‘Coming Soon’ का क्या मतलब है? जब भी डिजिलॉकर ऐप और वेबसाइट digilocker.gov.in पर ‘सीबीएसई रिजल्ट कमिंग सून’ का बैनर दिखता है तो मान लेना चाहिए कि बोर्ड ने रिजल्ट की फाइल्स सर्वर पर चढ़ानी शुरू कर दी हैं. यह स्टूडेंट्स के लिए एक तरह का ‘प्री-नोटिफिकेशन’ है, जिससे वे अपना अकाउंट पहले से ही एक्टिवेट कर लें और बाद में उन्हें कोई दिक्कत न हो. डिजिलॉकर पर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 कैसे देखें? सीबीएसई की वेबसाइट cbse.gov.in क्रैश होने पर डिजिलॉकर से 12वीं रिजल्ट चेक करना सबसे सही और सुरक्षित विकल्प है. आप नीचे लिखे स्टेप्स से सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 चेक कर सकते हैं- डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in पर जाएं. अपने आधार नंबर या मोबाइल नंबर से साइन-इन करें. ‘Education’ सेक्शन में जाकर ‘CBSE’ चुनें. ‘Class XII Marksheet’ पर क्लिक करें और अपना रोल नंबर और साल दर्ज करें. सीबीएसई 12वीं डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी. सीबीएसई की वेबसाइट पर 12वीं रिजल्ट कैसे चेक करें? सीबीएसई का रिजल्ट मुख्य रूप से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट्स cbseresults.nic.in, cbse.nic.in और results.cbse.nic.in पर उपलब्ध होगा. इसके अलावा, उमंग (UMANG) ऐप और आईवीआरएस (IVRS) यानी फोन कॉल के जरिए भी स्टूडेंट्स अपना नतीजा सुन सकेंगे. ऑल्टरनेटिव तरीकों से पास और फेल का स्टेटस पता चल जाता है. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट में इस बार क्या खास रहने वाला है? 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीबीएसई 12वीं टॉपर लिस्ट 2026 आधिकारिक रूप से जारी नहीं की जाएगी, जिससे छात्रों के बीच गैर-जरूरी कॉम्पिटिशन और तनाव कम किया जा सके. हालांकि, मेरिट सर्टिफिकेट उन स्टूडेंट्स को जरूर मिलेंगे जिन्होंने विषयों में 0.1% हाईएस्ट स्कोर किया होगा. अगर डिजिलॉकर पिन (PIN) नहीं है तो क्या करें? केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों को रिजल्ट से पहले ही 6 अंकों का सुरक्षा पिन (Security PIN) जारी कर दिया है. अगर आपको अपना पिन नहीं मिला है तो तुरंत अपने स्कूल से संपर्क करें. इसके बिना आप डिजिलॉकर (digilocker.gov.in) से सीबीएसई बोर्ड 12वीं की मार्कशीट डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट मन-मुताबिक नहीं होने पर क्या करें? सीबीएसई बोर्ड 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद अगर आपको लगता है कि आपके अंक कम हैं तो आप ‘वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स’ के लिए आवेदन कर सकेंगे. वहीं, जो स्टूडेंट्स एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाएंगे, उनके लिए सीबीएसई जून-जुलाई में सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करेगा. यह परीक्षा देकर आप इसी साल पास हो सकते हैं. सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित होते ही लाखों स्टूडेंट्स वेबसाइट cbse.gov.in पर एक साथ लॉगिन करेंगे. इस स्थिति में पोर्टल धीमा होना आम है. सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. अगले 15-20 मिनट में साइट फिर से सामान्य हो जाएगी.. या फिर ऊपर बताए गए ऑल्टरनेटिव तरीकों यानी डिजिलॉकर और उमंग ऐप का सहारा लें. Source link

झारखंड

पाकुड़ में मदर्स डे समारोह; सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश:स्कूलों में बच्चों ने मां...

पाकुड़ जिले में रविवार को मातृ दिवस पूरे उत्साह और भावनात्मक माहौल के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां माताओं को नमन कर उनके योगदान को याद किया गया। शहर के डीएवी पब्लिक स्कूल के सभा भवन में विशेष समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया। जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित कर मातृ शक्ति को सम्मान दिया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा माहौल, माताएं हुईं भावुक कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया। बच्चों ने नृत्य, गीत और रवींद्र संगीत की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही बच्चों ने हस्तनिर्मित कार्ड बनाकर अपनी माताओं को भेंट किए, जिससे माताएं भावुक हो उठीं। कार्यक्रम में मां-बच्चे के अटूट रिश्ते को दर्शाने के लिए विशेष गतिविधियां भी आयोजित की गईं। माताओं के लिए खेल और रैंप वॉक, दिखा उत्साह समारोह में माताओं के लिए भी कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। खेलकूद प्रतियोगिताओं और रैंप वॉक में माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यालय में आमंत्रित माताओं ने बच्चों के साथ समय बिताया और कार्यक्रम का आनंद लिया। पूरे आयोजन में मां और बच्चों के बीच प्रेम और अपनापन साफ झलक रहा था। टैगोर जयंती पर श्रद्धांजलि, मां को बताया पहली गुरु कार्यक्रम के दौरान कविगुरु रविंद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई गई। प्राचार्य डॉ. विश्वदीप चक्रवर्ती सहित शिक्षकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि मां परिवार की धुरी होती है। वही बच्चों की पहली गुरु होती है, जो उन्हें जीवनभर सही मार्गदर्शन देती है। Source link

झारखंड

जामताड़ा के सारठ में बदहाल सड़कों से जनजीवन बेहाल:15 साल से नहीं...

जामताड़ा जिले के सारठ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कों का पिछले 15 वर्षों से निर्माण नहीं हुआ है, जिससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। करमाटांड प्रखंड के कालाझरिया मोड़ स्थित फाटक से बागबेर जाने वाली सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इसके अलावा मुख्य सड़क से पंचायत मंडप कार्यालय तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण लोग कच्ची पगडंडियों और खेतों के किनारे होकर आने-जाने को मजबूर हैं। गड्ढों और जलजमाव से बढ़ी परेशानी इन सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात का पानी जमा रहता है। इससे मोटरसाइकिल सवारों को कई बार वाहन से उतरकर पैदल चलना पड़ता है। पैदल यात्रियों के लिए भी इन रास्तों पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। बारादहा पंचायत में सलाया होते हुए बारादहा तक की सड़क भी खराब स्थिति में है। बागबेर गांव निवासी शहाबुद्दीन अंसारी ने बताया कि कालाझरिया फाटक से शीतलपुर के बीच की सड़क वर्षों से जर्जर है, जहां साप्ताहिक हाट लगने के कारण लोगों का आवागमन अधिक रहता है। अक्सर दुर्घटनाएं भी होती हैं। ग्रामीणों ने उठाई आवाज, फिर भी नहीं हुई पहल स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। कमरूदीन अंसारी ने बताया कि कालाझरिया से बारादहा तक की सड़क इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कालाझरिया से शीतलपुर, अलगचुवा, भिठरा और नवाडीह तक की सड़कें मुख्य मार्ग हैं, जिनकी हालत बेहद खराब है। बरसात के मौसम में इन सड़कों पर जलजमाव के कारण स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जनप्रतिनिधि और विभाग ने दी सफाई इस मामले में जिप सदस्य सुरेंद्र मंडल ने कहा कि आजादी के बाद भी इन सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद के फंड में मात्र 15 लाख रुपए आते हैं, जिससे इतनी बड़ी सड़कों का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने स्थानीय विधायक और सांसद से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं ग्रामीण विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दुखा मंडल ने कहा कि विधायक की अनुशंसा मिलने पर सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर जल्द सड़क निर्माण की मांग की है। Source link

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