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झारखंड

Jharkhand CM Hemant Soren | Babula Marandi Demands NIA Probe Into Gang...

कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान द्वारा विदेश से वीडियो जारी कर धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, पुलिस प्रशासन, कोयला तंत्र और कथित वसूली नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले आरोप सामने रखे हैं। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प . पत्र के साथ उन्होंने इन वीडियो को डीवीडी के रूप में भी दिया है। पत्र में उन्होंने लिखा कि यह केवल किसी अपराधी का बयान नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की विश्वसनीयता पर सवाल है। बाबूलाल ने कहा है कि धनबाद के एसएसपी को तत्काल हटाया जाए। पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में जांच हो। उन्होंने पत्र में मांग रखते हुए कहा है कि धनबाद के एसएसपी को तत्काल हटाया जाए। पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में जांच हो। माइनिंग माफिया और वसूली नेटवर्क की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। पूरे प्रकरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता और जनता का विश्वास बहाल हो सके। पुलिस और अपराधी के बीच फर्क हो रहा धुंधला पत्र में उन्होंने कहा कि झारखंड, खासकर धनबाद की स्थिति ऐसी बन गई है जहां पुलिस और अपराधियों के बीच अंतर मिटता नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर गैंगस्टर का नेटवर्क है, वहीं दूसरी ओर वर्दीधारी तंत्र। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। पत्र में उन्होंने कहा कि झारखंड, खासकर धनबाद की स्थिति ऐसी बन गई है जहां पुलिस और अपराधियों के बीच अंतर मिटता नजर आ रहा है। पत्र में लिखा कि फर्क सिर्फ इतना रह गया है कि एक बिना वर्दी के वसूली कर रहा है और दूसरा वर्दी पहनकर। उन्होंने धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसी एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की साख पर सवाल है। कोयला, जमीन और वसूली नेटवर्क पर गंभीर आरोप पत्र में कहा कि वीडियो में गरीबों की जमीन कब्जाने, माइनिंग माफिया से गठजोड़ और व्यापारियों पर दबाव बनाने जैसे आरोप बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने लिखा कि आज धनबाद में व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच भय का माहौल है। कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा है कि संवेदनशील जिलों में करोड़ों रुपए की कथित बोली लगाकर पोस्टिंग होती है, जिससे कानून लागू करने के बजाय वसूली का सिस्टम मजबूत हो रहा है। उन्होंने इसे शासन व्यवस्था के क्षरण का संकेत बताया। उन्होंने धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसी एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की साख पर सवाल है। पहले भी सरकार को कराया है अवगत पत्र में बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि अपराध नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्तर से संचालित होने और पाकिस्तान से हथियार मंगाए जाने जैसी बातें सामने आती रही हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी इस मुद्दे पर सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ———————————————– इसे भी पढ़ें… प्रिंस ने विवादित वीडियो जारी कर धनबाद SSP को धमकाया:पूर्व सीएम बाबूलाल ने कहा-यह वीडियो कानून-व्यवस्था और प्रशा​सनिक विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न भगोड़े अपराधी प्रिंस खान ने एक विवादित वीडियो जारी किया। इसमें धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को धमकी दी गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने लिखा-झारखंड के इतिहास में बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सामने आई है। इस वीडियो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को लेकर कई गंभीर आरोपों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। पूरी खबर यहां पढ़ें.. Source link

झारखंड

लूना पर ब्राउन शुगर की हो रही थी सप्लाई:चतरा के हेसापारम रोड...

चतरा जिले में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। राजपुर थाना क्षेत्र में अवैध ब्राउन शुगर की तस्करी में संलिप्त एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय नशा कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम हेसापारम से बी.के. हाई स्कूल, कान्हाचट्टी की ओर एक व्यक्ति लूना मोटरसाइकिल से नशीले पदार्थ की खेप लेकर जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। छापेमारी टीम ने संभाला मोर्चा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने हेसापारम रोड पर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति भूरे रंग की टीवीएस लूना पर आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि, पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। तलाशी में मिला नशीला पदार्थ पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके पास से 6 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद की गई। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त टीवीएस लूना (रजिस्ट्रेशन नंबर JH13F-4898) और एक रियलमी नार्जी एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। बरामद ब्राउन शुगर की बाजार में अच्छी-खासी कीमत आंकी जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े कई अहम सुराग भी पुलिस को दिए हैं। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान कान्हाचट्टी निवासी दिलीप ठाकुर (पिता: गांगो ठाकुर) के रूप में हुई है। इस छापेमारी दल में थाना प्रभारी रूपेश कुमार के अलावा संदीप प्रसाद वर्मा और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस इस तस्करी नेटवर्क के अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है। चतरा पुलिस का कहना है कि जिले को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा। Source link

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PM MITRA textile park। Bangladesh News। क्‍या है भारत के पीएम मित्र...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वारंगल (तेलंगाना) में भारत के पहले पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन कर वैश्विक कपड़ा बाजार में एक बड़े बदलाव का शंखनाद कर दिया है. 1,695.54 करोड़ रुपये की लागत और 1,327 एकड़ में फैला यह पार्क केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं बल्कि बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के टेक्सटाइल वर्चस्व को सीधी चुनौती है. फार्म टू फॉरेन के 5F विजन के साथ भारत अब कच्चे माल के निर्यातक से बदलकर तैयार कपड़ों के वैश्विक हब बनने की राह पर है. जानकारों का मानना है कि वारंगल से शुरू हुई यह क्रांति बांग्लादेश के कपड़ा बाजार के लिए डेड एंड साबित हो सकती है. टेक्सटाइल की वैश्विक जंग में भारत का चेकमेटवारंगल में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन केवल एक फैक्ट्री का खुलना नहीं है बल्कि यह बांग्लादेश के उस एकाधिकार को खत्म करने की शुरुआत है जो उसने पिछले दो दशकों में बनाया था. यदि भारत के सातों पार्क इसी गति से शुरू हो गए तो आने वाले समय में दुनिया के हर बड़े स्टोर पर मेड इन बांग्लादेश की जगह मेड इन इंडिया का लेबल दिखाई देगा. PM MITRA पार्क की खूबियां और बांग्लादेश पर असर 1. लॉजिस्टिक्स की मार: एक ही छत के नीचे सब कुछबांग्लादेश के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि वहां कपड़ा उद्योग बिखरा हुआ है. पीएम मित्र पार्क में स्पिनिंग, बुनाई, प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग से लेकर गारमेंटिंग तक एक ही परिसर में होगा. इससे लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी, जिससे भारतीय कपड़े वैश्विक बाजार में बांग्लादेशी कपड़ों से कहीं ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे. 2. 5F विजन: खेत से लेकर विदेश तक का सफरभारत के पास कपास का विशाल भंडार है. अभी तक हम कच्चा कपास निर्यात करते थे और बांग्लादेश उसे प्रोसेस कर दुनिया को बेचता था. अब मोदी सरकार के 5F विजन (Farm to Fiber to Factory to Fashion to Foreign) के तहत वारंगल का किसान सीधे फैक्ट्री को कपास देगा और वहां से तैयार फैशन सीधे विदेश जाएगा. यह बांग्लादेश के’कच्चे माल के स्रोत पर सीधी चोट है. 3. बड़े पैमाने पर उत्पादनवारंगल पार्क 1,327 एकड़ में फैला है जो 24,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा. इतनी बड़ी क्षमता वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क दुनिया में विरले ही हैं. जब उत्पादन इतने बड़े पैमाने पर होगा तो प्रति यूनिट लागत 10 से 15 प्रतिशत घटेगी, जिससे भारत उन ऑर्डर्स को हथियाने में कामयाब होगा जो अब तक ढाका जाते थे. 4. आधुनिक तकनीक और सस्टेनेबिलिटीयूरोप और अमेरिका के बड़े ब्रांड अब सस्टेनेबल टेक्सटाइल मांग रहे हैं. पीएम मित्र पार्कों को विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और रिन्यूएबल एनर्जी के साथ डिजाइन किया गया है. बांग्लादेश के पुराने और असुरक्षित कारखानों की तुलना में विदेशी खरीदार अब भारत के इन आधुनिक पार्कों को प्राथमिकता देंगे. 5. महिला सशक्तिकरण और लेबर एडवांटेजकपड़ा उद्योग में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक होती है. वारंगल पार्क खासतौर पर महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर रहा है. भारत की स्किल्ड लेबर और केंद्र सरकार की PLI स्कीम का दोहरा फायदा बांग्लादेश के सस्ते श्रम के मुकाबले भारत को क्वालिटी और स्पीड में आगे खड़ा कर देगा. सवाल-जवाब पीएम मित्र योजना के तहत कुल कितने पार्कों को मंजूरी मिली है? सरकार ने कुल सात साइटों को मंजूरी दी है, जिनमें तेलंगाना (वारंगल) के अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और गुजरात शामिल हैं. क्या यह पार्क वास्तव में बांग्लादेश के टेक्सटाइल मार्केट को नुकसान पहुंचाएगा? निश्चित रूप से. अब तक बांग्लादेश भारतीय कपास और धागे पर निर्भर था. अब भारत खुद उन धागों से कपड़े बनाकर सीधे निर्यात करेगा जिससे बांग्लादेश के पास वैल्यू एडिशन का मौका कम हो जाएगा और भारत के एक्सपोर्ट वॉल्यूम में भारी बढ़ोतरी होगी. वारंगल पार्क से कितनी नौकरियों की उम्मीद है? इस परियोजना से 24,400 से ज्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जिनमें से कई नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं. Source link

झारखंड

नाबालिग किशोरी की हत्या का खुलासा, प्रेमी गिरफ्तार:शादी को लेकर हुआ विवाद,...

परसुडीह थाना क्षेत्र के सोपोडेरा स्थित राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में नाबालिग किशोरी की लाश मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्या में किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ नहीं, बल्कि किशोरी के नाबालिग प्रेमी ने ही उसे मौत के घाट उतारा। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था। रविवार सुबह जब स्कूल परिसर में किशोरी का शव मिला, तो लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। शादी को लेकर हुआ विवाद, गुस्से में कर दी हत्या पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी शुक्रवार से लापता थी और अपने प्रेमी के साथ घूम रही थी। शनिवार रात दोनों सोपोडेरा स्थित स्कूल परिसर पहुंचे थे। सुनसान जगह पर बातचीत के दौरान शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। किशोरी लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी अपनी कम उम्र का हवाला देकर इससे बच रहा था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर आरोपी ने किशोरी की हत्या कर दी। घटना के बाद वह मौके से फरार हो गया। 12 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। खोजी कुत्ते, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया गया। पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर आरोपी की पहचान कर उसे गोविंदपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में 16 वर्षीय आरोपी युवक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे रिमांड होम भेज दिया गया। गरीबी और हालात ने बदली जिंदगी की दिशा जांच में यह भी सामने आया कि मृतका बिरसानगर जोन नंबर-2 की रहने वाली थी और कोरोना काल से अपने परिवार से अलग रह रही थी। वह आसपास के घरों में काम कर अपना गुजारा कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात गोविंदपुर क्षेत्र के कुमफूटा निवासी नाबालिग युवक से हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किशोरी के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है। Source link

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जमशेदपुर में 175 पुड़िया ब्राउन शुगर जब्त:महिला समेत 5 तस्कर गिरफ्तार, अंतरजिला...

पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जमशेदपुर में नशा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ब्राउन शुगर नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में एक महिला समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांधी नगर बस्ती निवासी संतोष सिंह कपाली इलाके से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर लाकर अपने घर में छिपाकर रखे हुए है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी में विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल छापेमारी की योजना बनाई गई। घर से शुरू हुई कार्रवाई, महिला समेत दो गिरफ्तार पुलिस टीम ने संतोष सिंह के घर पर दबिश दी, जहां से 124 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई। मौके से संतोष सिंह और उसकी दूसरी पत्नी आयशा खातून उर्फ बिल्लो को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने नशे के इस कारोबार से जुड़े कई अहम सुराग पुलिस को दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी। सप्लाई चेन पर वार, अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तारी संतोष और आयशा से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया। गोविंदपुर से गौरव कुमार उर्फ अमर को 20 पुड़िया और अमित कुमार को 19 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं मानगो से मुख्य पेडलर संजय गोस्वामी उर्फ संजय बंगाली को 12 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया। इस तरह कुल 175 पुड़िया ब्राउन शुगर, जिसका वजन 26.84 ग्राम है, जब्त की गई। इसकी बाजार कीमत करीब 3.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अंतरजिला सिंडिकेट से जुड़े तार, पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी एक बड़े अंतरजिला ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। हाल ही में सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली क्षेत्र से 16.50 लाख रुपये की ब्राउन शुगर बरामदगी के तार भी इसी नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। गिरफ्तार कई आरोपी पहले भी तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं और बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हो गए थे। बर्मामाइंस थाना में कांड संख्या 26/26, दिनांक 10 मई 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से शहर में फैले नशा नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। Source link

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vijay tvk strategy | Tamil Nadu 2026 elections | पन्ना प्रमुख, बूथ...

(रिपोर्ट- उदित मिश्रा) 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों ने देश की राजनीतिक व्यवस्था को चौंका दिया. 4 मई को चुनाव आयोग ने नतीजे घोषित किए, जिसमें तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके), जो महज दो साल पुरानी पार्टी है, तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 59 साल से जारी द्रविड़ वर्चस्व का सिलसिला खत्म कर दिया. इन नतीजों से तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा बनी. एआईएडीएमके ने विपक्ष का दर्जा डीएमके को गंवा दिया. निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कोलाथुर सीट हार दी, जिसे उन्होंने लगातार तीन बार जीता था. 5 मई को तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने इस्तीफा दे दिया. टीवीके के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट दोनों सीटों पर जीत दर्ज की. रविवार यानी 10 मई को विजय तमिलनाडु के सीएम बन गए. बीजेपी की नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में उभरने की कहानी पार्टी मशीन और बूथ स्तर के प्रबंधन पर आधारित थी. टीवीके ने इसे लगभग हूबहू अपनाया. पिछले साल फरवरी में टीवीके ने बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान की घोषणा की, जिसमें 70,000 से ज्यादा बूथ एजेंट नियुक्त करने और पार्टी की आंतरिक संरचना को 2026 विधानसभा चुनावों के लिए तैयार करने की योजना थी. फरवरी 2024 में लॉन्च के बाद, पार्टी ने नई संगठनात्मक संरचना बनाई, जिसमें 10 डिप्टी जनरल सेक्रेटरी, 10 जोनल इंचार्ज और 5 ऑर्गनाइजेशनल सेक्रेटरी नियुक्त किए, जो सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों की देखरेख करते हैं. टीवीके ने तमिलनाडु को दक्षिण, उत्तर, डेल्टा (पूर्व) और कोंगु (पश्चिम) क्षेत्रों में बांटकर जोनवार बूथ कमेटी मीटिंग्स की योजना बनाई, जिनकी निगरानी विजय खुद करते थे. पार्टी ने राज्य में दो करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा बीजेपी का खास टूल ‘पन्ना प्रमुख’ सिस्टम है, जिसमें एक पार्टी कार्यकर्ता वोटर लिस्ट के एक पन्ने (करीब 30 वोटर) का जिम्मेदार होता है. टीवीके के 70,000 बूथ एजेंट 234 विधानसभा क्षेत्रों में इसी तरह का वोटर कवरेज आर्किटेक्चर है. टीवीके ने चेन्नई में महत्वपूर्ण रणनीति बैठकें की, जिसमें राज्य कार्यकारिणी और जिला सचिवों को बुलाया गया, और बूथ स्तर पर सक्रियता और फील्ड गतिविधियों के समन्वय पर फोकस किया गया. बीजेपी की गहराई में सफलता का बड़ा कारण आरएसएस है, जो दशकों पुराना कैडर नेटवर्क है और जमीनी स्तर पर भरोसा कायम करता है. टीवीके के पास इसका समकक्ष था, विजय के फैन क्लब. जुलाई 2009 में, अभिनेता विजय ने अपने फैन क्लबों, जिनकी संख्या तमिलनाडु में करीब 85,000 बताई जाती है, को विजय मक्कल इयक्कम (विजय का जन आंदोलन) नामक कल्याण संघ के तहत संगठित किया. इस संघ ने 2011 के चुनावों में एआईएडीएमके गठबंधन का समर्थन किया. कुछ समय तक निष्क्रिय रहने के बाद, संगठन ने 2021 में स्थानीय निकाय चुनावों में 169 सीटों में से 115 सीटें जीत लीं. ये साधारण फैन क्लब नहीं थे. ये एक अनुशासित और संगठित नेटवर्क में बदल गए, जो तमिलनाडु में फैला हुआ था. 1990 के दशक से यह नेटवर्क लगातार बनाया गया. जो शुरुआत में फिल्मी प्रशंसा थी, वह धीरे-धीरे संगठित सामाजिक गतिविधियों में बदल गई, जैसे रक्तदान शिविर, गरीबों के लिए कल्याण कार्य और आपदा राहत. इन प्रयासों से भरोसा बना और सामाजिक पूंजी तैयार हुई. यही पूंजी बाद में राजनीतिक आधार बन गई. रविवार को विजय का होगा शपथ समारोह. फैन क्लब पहले से ही स्थानीय समुदायों से जुड़कर मुद्दों को समझ रहे थे और जमीनी स्तर की जानकारी जुटा रहे थे. जब पार्टी औपचारिक रूप से बनी, तो यह ग्राउंडवर्क तुरंत ऑपरेशनल ताकत में बदल गया. इसी वजह से टीवीके ने राजनीतिक क्षेत्र में तैयार जमीनी उपस्थिति के साथ प्रवेश किया. यही बीजेपी ने 2012 से 2014 के बीच किया, पहले से मौजूद विचारधारा नेटवर्क को चुनावी मशीन में बदल दिया. टीवीके ने यह फैनबेस के जरिए किया, न कि धार्मिक-सांस्कृतिक नेटवर्क के जरिए. बीजेपी ने 2014 में प्रशांत किशोर का इस्तेमाल किया और फिर कई राज्य चुनावों में. टीवीके ने भी यही किया. चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने टीवीके के शीर्ष नेताओं के साथ कई बैठकें कीं, जिसमें पार्टी के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई. किशोर ने पार्टी नेतृत्व को विस्तृत SWOT विश्लेषण रिपोर्ट दी, जिसमें पार्टी की ताकत, कमजोरियां और सुधार के क्षेत्र बताए गए. रिपोर्ट में वोट शेयर बढ़ाने का रोडमैप दिया गया, जिसे किशोर ने 15% से 20% तक बताया. वरिष्ठ टीवीके नेताओं ने बताया कि रिपोर्ट ‘एक व्यापक दस्तावेज है, जो पार्टी की मौजूदा स्थिति का 360 डिग्री विश्लेषण करता है और चुनाव में संभावनाएं सुधारने के सुझाव देता है.’ किशोर ने इस विचार को खारिज किया कि टीवीके को एआईएडीएमके की जरूरत है, और कहा कि पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी. ‘टीवीके के पास 2026 में तमिलनाडु चुनाव जीतने का बड़ा मौका है,’ उन्होंने कहा, ‘इस वीडियो को संभालकर रखिए और नतीजों के वक्त चलाइए.’ फिलहाल पार्टी ने किसी भी तरह की टूट से इनकार किया है. (फाइल फोटो PTI) डिजिटल दबदबा, एल्गोरिदम बनाम सड़क बीजेपी का 2014 का चुनाव भारत का पहला सोशल मीडिया चुनाव कहा गया. टीवीके ने 2026 में तमिलनाडु में यही किया. टीवीके के डिजिटल आर्किटेक्ट सीटीआर निर्मल कुमार बीजेपी और एआईएडीएमके दोनों के डिजिटल वार रूम के अनुभवी थे. उनके पास आक्रामक, एल्गोरिदम-आधारित सोशल मीडिया इकोसिस्टम बनाने का विशेष ज्ञान था. विश्लेषकों ने टीवीके के मजबूत डिजिटल अभियान को विजय की सफलता का बड़ा कारण बताया, जिसमें पार्टी ने खुद को भ्रष्टाचार मुक्त और नया विकल्प बताया, जबकि द्रविड़ शासन के प्रति लोगों में थकावट महसूस हो रही थी. टीवीके की अक्टूबर 2024 की विक्रवंडी कांफ्रेंस में करीब 3 लाख लोग जुटे और इसे हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जैसा बीजेपी की मोदी रैलियों में होता है. टीवीके ने समझा कि ध्यान की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा, दिखने वाला कार्यक्रम पूरे न्यूज साइकिल को बदल सकता है. रणनीतिक धैर्य, 2024 छोड़ो, 2026 पर कब्जा करो बीजेपी की सबसे कम सराही गई रणनीति रही है कि कौन सी लड़ाई छोड़नी है. मोदी की बीजेपी ने उन राज्य चुनावों में ज्यादा विस्तार नहीं किया, जहां उनका आधार नहीं था, और संसाधन जीतने योग्य लक्ष्यों के लिए बचाए. विजय ने साफ किया कि टीवीके 2024 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि 2026 के लिए जमीनी समर्थन बनाने पर ध्यान देगी.

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रांची की लैला देवी की सफलता! अकेले दम पर बत्तख पालन से...

Last Updated:May 10, 2026, 16:39 IST Success Story: झारखंड की राजधानी रांची से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुंडू गांव की लैला देवी खासतौर पर बत्तख पालने का काम करती हैं. उनका पूरा जीवन यापन इसी पर निर्भर है. उनके घर में कोई नहीं है. वह गर में सिर्फ अकेली हैं. एक बत्तख ₹400 केजी तक होती है. जहां एक की कीमत ₹800 तक चली जाती है. उन्होंने बताया कि उन्हें खासतौर पर देसी चारा खिलाना पड़ता है. आइये जानते हैं लैला देवी के बारे में. लैला बताती हैं कि गुड और चावल का बत्तख के लिए खास चारा बनाया जाता है. इससे बीमारी नहीं होती है और लंबे समय तक तंदुरुस्त रहते हैं. दोपहर में जैसे हमारे खाने के लिए चावल बनता है. बस वही चावल को ले लेते हैं. उसमें थोड़ा गुड और थोड़ा भूसा मिलाते हैं. इन दोनों को मिलाकर छोटा-छोटा चारा बनाती हैं और इन सभी को देते हैं. उनके पास कम से कम 60 से 70 बत्तख थी. बीते चार-पांच दिनों में बेचने के बाद फिलहाल 20 ही बची हुई हैं. हालांकि अभी उनके पास 40- 50 बच्चे हैं. वह भी 10-20 दिन में अच्छे खासे मोटे हो जाएंगे. देसी तरीके से बड़ा और तंदुरुस्त करने के लिए इस तरीके का दाना तो देते हैं. जैसे ज्वार और जो भुट्टा तीनो को मिला के दाना तैयार किया जाता है. जो काफी फायदेमंद रहता है. इससे उनका शरीर काफी फिट रहता है. चावल, गेहूं व हरी सब्जी का मिश्रण भी इनको दिया जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा उनके लिए साफ पानी का इंतजाम किया जाता है. दिन में कम से कम 4 से 5 बार हम लोग इनको विशेष चारा देते हैं, जो हम लोग पानी पीते हैं. वहीं, साफ पानी इन्हें भी दिया जाता है और साफ सफाई कभी विशेष ध्यान रखा जाता है. इनके लिए एक छोटी सी लकड़ी का घर बना होता है. जिसको अपने घर की तरह हर दिन साफ करती हैं. क्योंकि पशुओं में गंदगी की वजह से ही बीमारी आती है, तो ऐसे में अगर आप साफ-सफाई रखेंगे तो बीमारी होने की संभावना काफी कम हो जाएगी. उन्होंने बताया कि एक का ₹400 केजी तक दाम होती है. ऐसे में अगर कोई डेढ़ केजी या 2 केजी तक है तो आराम से ₹800 तक भी मिल जाता है. अगर हम एक बार में चार से पांच बेच लें तो हमारी अच्छी खासी बचत हो जाती है. जीवन यापन के लिए यह हमारे लिए वरदान से कम नहीं है. महीना में हम जब ऐसे 50 बत्तख तक बेचती हैं तो घर का राशन, पानी, खुद के लिए दवा हर एक चीज यहां से निकल जाती है. Source link

झारखंड

पलामू में 6 किलो गांजा, 2 लाख नकद बरामद:छापेमारी से पहले बाप-बेटा...

पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा और नकदी बरामद की है। हालांकि छापेमारी से पहले ही मुख्य आरोपी बाप-बेटा मौके से फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि दुबईया माइन गांव निवासी अनुज सिंह उर्फ अनुज दूबे अपने घर में अवैध रूप से गांजा रखकर उसकी खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। एसडीपीओ के नेतृत्व में बना छापेमारी दल मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार झा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से अनुज सिंह के घर पर दबिश दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अनुज सिंह और उसका पुत्र विकास कुमार उर्फ विकास दुबे फरार हो गए। इसके बावजूद पुलिस ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली और कई अहम सबूत जुटाए। कमरे से मिला गांजा, अलमारी से नकदी बरामद तलाशी के दौरान अनुज सिंह के कमरे से अलग-अलग पॉलिथिन में रखा कुल 6.608 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। वहीं उसके बेटे विकास कुमार के कमरे की अलमारी से 500 रुपये के 399 नोट, कुल 1 लाख 99 हजार 500 रुपये नकद मिले। पुलिस ने मौके पर ही सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध मादक पदार्थ के कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, गिरफ्तारी के प्रयास तेज पुलिस ने इस संबंध में पांकी थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई में एसडीपीओ मनोज कुमार झा के साथ रविन्द्र राहुल साय, रंजीत कुमार, मृत्युंजय महतो सहित कई पुलिस जवान और महिला पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। Source link

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जमशेदपुर में 175 पुड़िया ब्राउन शुगर जब्त:महिला समेत 5 तस्कर गिरफ्तार, अंतरजिला...

पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने जमशेदपुर में नशा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ब्राउन शुगर नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में एक महिला समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांधी नगर बस्ती निवासी संतोष सिंह कपाली इलाके से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर लाकर अपने घर में छिपाकर रखे हुए है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी में विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल छापेमारी की योजना बनाई गई। घर से शुरू हुई कार्रवाई, महिला समेत दो गिरफ्तार पुलिस टीम ने संतोष सिंह के घर पर दबिश दी, जहां से 124 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई। मौके से संतोष सिंह और उसकी दूसरी पत्नी आयशा खातून उर्फ बिल्लो को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने नशे के इस कारोबार से जुड़े कई अहम सुराग पुलिस को दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी। सप्लाई चेन पर वार, अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तारी संतोष और आयशा से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया। गोविंदपुर से गौरव कुमार उर्फ अमर को 20 पुड़िया और अमित कुमार को 19 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं मानगो से मुख्य पेडलर संजय गोस्वामी उर्फ संजय बंगाली को 12 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया। इस तरह कुल 175 पुड़िया ब्राउन शुगर, जिसका वजन 26.84 ग्राम है, जब्त की गई। इसकी बाजार कीमत करीब 3.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अंतरजिला सिंडिकेट से जुड़े तार, पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी एक बड़े अंतरजिला ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। हाल ही में सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली क्षेत्र से 16.50 लाख रुपये की ब्राउन शुगर बरामदगी के तार भी इसी नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। गिरफ्तार कई आरोपी पहले भी तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं और बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हो गए थे। बर्मामाइंस थाना में कांड संख्या 26/26, दिनांक 10 मई 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से शहर में फैले नशा नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। Source link

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वो जो करते थे फॉलो करता था, आज उनके कमरे में चला...

होमखेलक्रिकेट संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा, सपने जैसा लगता है साथ बैठना Last Updated:May 10, 2026, 18:22 IST संजू सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने को लेकर दिल की बात सबसे सामने रखी, उन्होंने बताया कि कैसे जब छोटे थे तो उनको खेलते देखा था. तब उनको आदर्श मानते थे और ड्रेसिंग रूम में एक साथ रहते हैं. यह अनुभव हद से ज्यादा कमाल का है. संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा, सपने जैसा लगता है साथ बैठना नई दिल्ली. संजू सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के अपने बचपन के सपने के पूरे होने को लेकर खुलकर बात की. बताया कि कैसे बचपन से ही वह इस दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज के फैन रहे हैं. सुपर किंग्स पॉडकास्ट के ताजा एपिसोड में सैमसन ने याद किया कि पहली बार उन्होंने धोनी को भारत के लिए बल्लेबाजी करते हुए देखा था और कैसे वह उनके आदर्श बन गए थे. केरल के इस बल्लेबाज ने बताया कि जब धोनी ने अपने लंबे बालों और बेखौफ बल्लेबाजी के अंदाज के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तब वह स्कूल में ही थे. संजू सैमसन ने कहा, “मैं चौथी या पांचवीं क्लास में था, बहुत छोटा था. मुझे याद है कि मैंने एक लंबे बालों वाले लड़के को भारत के लिए बल्लेबाजी करने जाते हुए देखा. वह कुछ मैचों में जल्दी आउट हो जाते थे, फिर अचानक पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़ दिया. उन्होंने 183 रन बनाए, फिर उसके बाद लगातार बड़े स्कोर करने लगे. उसी पल से मैं उनका बड़ा फैन बन गया,” एमएस धोनी की पाकिस्तान के खिलाफ यादगार पारी. श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की पारी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बना दिया था. सैमसन ने माना कि वह धोनी से जुड़ी हर चीज को फॉलो करते थे. “उसके बाद वह हर जगह पोस्टर, मीडिया, विज्ञापन में फॉलो करते थे. वह बूस्ट के विज्ञापनों में भी आते थे. घर में हम बूस्ट पीते थे और उसकी बोतल पर एक स्टीकर होता था. मुझे याद है कि मैंने उस पोस्टर से माही का चेहरा काटकर अपनी डायरी में चिपका लिया था.” सालों बाद बचपन की वही दीवानगी अब CSK में एक करीबी गुरु-शिष्य के रिश्ते में बदल गई है. “उस पल से लेकर आज जहां मैं हूं, क्या कहूं? मैं उनके साथ बैठता हूं, बात करता हूं, उनके साथ खेलता हूं. उनके कमरे में जाता हूं और जो भी पूछना होता है, पूछ लेता हूं. वह मुझे सलाह भी देते हैं. यह एक सपना रहा है, बल्कि सपने से भी बढ़कर. मुझे लगता है कि हर बच्चा इसका सपना देखता है और मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि यहां हूं,” About the Author Viplove Kumarchief sub editor विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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