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पश्चिमी सिंहभूम जिले में युवक जोन गागराई की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अरगुंडी गांव स्थित कोटसोना नदी में मिले क्षत-विक्षत शव के मामले में पुलिस ने मृतक के दोस्त समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते हत्या करने की बात कबूल की है। पुलिस को 2 अगस्त को अरगुंडी गांव की कोटसोना नदी में एक व्यक्ति का सिर, हाथ और पैर से अलग धड़ मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मृतक की पहचान 30 वर्षीय जोन गागराई के रूप में की। डॉग स्क्वायड और ग्रामीणों की सहायता से नदी से दोनों हाथ और दोनों पैर बरामद किए गए, लेकिन सिर नहीं मिला था। मृतक के पिता गोपीनाथ गागराई के आवेदन पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। जांच के दौरान मृतक के मित्र उदय जामुदा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने आठ अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर कुल्हाड़ी (टांगी) और हसुआ से हत्या करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर मृतक का कटा हुआ सिर घटनास्थल के पास स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। हत्या में प्रयुक्त टांगी और हसुआ भी जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आदिवासी समाज के पारंपरिक मागे पर्व के दौरान जोन गागराई ने पारंपरिक वाद्ययंत्र धामा-घुमुंगा को बंद कराकर डीजे बजवाया था। इसी बात को लेकर आरोपियों के साथ उसका विवाद हुआ था, जिससे रंजिश शुरू हो गई थी। घटना के बाद जोन मजदूरी के लिए गांव से बाहर चला गया था। वह लगभग दस दिन पहले ही गांव लौटा था और उसने एक नई मोटरसाइकिल भी खरीदी थी। पुलिस का कहना है कि इस बात को लेकर भी आरोपियों में ईर्ष्या और नाराजगी थी। पुरानी रंजिश और आपसी जलन के कारण आरोपियों ने जोन की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में सालुका जामुदा, वीरसिंह जामुदा, रामसिंह उर्फ सिकंदर जामुदा, गणेश जामुदा, नारदे जामुदा और उदय जामुदा को गिरफ्तार किया है। सभी ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
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