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Crop Production : भला हो किसानों का जिनकी वजह से नहीं बढ़ेगी...


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Inflation Cost : सरकार ने संसद में बताया है कि देश में अनाज के बंपर उत्पादन और सरकार के बड़े भंडार से कीमतों पर अंकुश लगाने में मदद मिली है. सरकार ने कहा है कि बीते एक साल में सिर्फ खाद्य तेलों के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं, बाकी सभी चीजों की महंगाई दर काबू में रही है.

किसानों की वजह से काबू में रही महंगाई, सरकार ने आंकड़ों से बताई सच्चाईZoom

देश में अनाज के बंपर उत्पादन से कीमतों पर काबू पाने में मदद मिली है.

नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के आंकड़ों में भले ही खुदरा महंगाई दायरे को पार करते हुए 5 फीसदी के आसपास पहुंच रही है. लेकिन, अनाज के बंपर उत्पादन की वजह से खाने-पीने की चीजों के दाम उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे. यह जानकारी खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने संसद को दी है. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन और पर्याप्त सरकारी स्टॉक की मदद से पिछले एक साल में अनाज और दालों की खुदरा कीमतें काफी हद तक स्थिर रही हैं.

वर्मा ने राज्यसभा में बताया कि सब्जियों में आलू की कीमतें उल्लेखनीय रूप से स्थिर रही हैं, जबकि टमाटर और प्याज में केवल थोड़ा मौसमी बदलाव देखा गया है. खाद्य तेलों की कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं, क्योंकि इसे आयात करना पड़ता है. उपभोक्ता मामलों का विभाग देशभर के 579 मूल्य निगरानी केंद्रों के माध्यम से 41 खाद्य वस्तुओं की दैनिक खुदरा कीमतों पर नजर रखता है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 में 3,765.63 लाख टन के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन और सरकार के पास पर्याप्त बफर स्टॉक के कारण एक साल में अनाज और दालों की खुदरा कीमतें काफी हद तक स्थिर रही हैं.

कितनी बढ़ी अनाजों की महंगाई
28 जुलाई तक खुदरा चावल की कीमतें साल-दर-साल 5.18 फीसदी बढ़कर 44.89 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं, जबकि गेहूं का आटा 1.03 फीसदी बढ़कर 37.14 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. दालों में उड़द दाल 5.46 फीसदी बढ़कर 121.12 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, अरहर दाल 2.97 फीसदी बढ़कर 123.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, मसूर दाल 2.21 फीसदी बढ़कर 90.36 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई और मूंग दाल मामूली 0.92 फीसदी बढ़कर 111.71 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई.

खाद्य तेल कितना महंगा हुआ
खाद्य तेलों में सबसे अधिक महंगाई देखी गई. पैक्ड सूरजमुखी तेल 18.03 फीसदी बढ़कर 189.42 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया तो पैक्ड पाम तेल 14.09 फीसदी बढ़कर 148.5 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. सोया तेल 11.69 फीसदी बढ़कर 164.19 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. मूंगफली का तेल 9.16 फीसदी बढ़कर 205.73 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया, जबकि सरसों का तेल 7.26 फीसदी बढ़कर 196.44 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया.

सब्जियों में भी आई तेजी
सब्जियों में देखें तो प्याज की कीमतें 25.43 फीसदी बढ़कर 35.07 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं, जबकि आलू और टमाटर की कीमतों में 11 फीसदी से अधिक की गिरावट आई. इस अवधि के दौरान दूध की कीमतें 3.12 फीसदी बढ़कर 60.89 रुपये प्रति लीटर हो गईं और अंडे की कीमतें 12.50 फीसदी बढ़कर 86.84 रुपये प्रति दर्जन हो गईं. सरकार विकसित हो रही स्थिति की निगरानी करने के लिए प्रतिबद्ध है और यदि आवश्यक हुआ तो अनुचित मूल्य अस्थिरता को नियंत्रित करने के उद्देश्य से आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करेगी.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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