भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने देश के युवा मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी मुख्यालय में शनिवार को पार्टी के युवा संवाद कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए हुई अहम बैठक में युवाओं से सीधे जुड़ने के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए उनकी आकांक्षाओं और मुद्दों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. करीब चार घंटे चली इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की.
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अलावा कई युवा सांसद और विधायक शामिल हुए. बैठक का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि देश की युवा आबादी के साथ पार्टी का संवाद केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित न रहे, बल्कि सोशल मीडिया और सीधे संपर्क के माध्यम से लगातार मजबूत किया जाए.
हर राज्य में 2-3 वरिष्ठ नेताओं को मिलेगी जिम्मेदारी
बीजेपी ने युवा संवाद को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए राज्यों में वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी तय करने का फैसला किया है. इसके तहत हर राज्य में दो से तीन वरिष्ठ नेताओं को युवाओं के साथ संवाद और संपर्क अभियान की जिम्मेदारी दी जाएगी. ये नेता अलग-अलग क्षेत्रों में युवाओं से बातचीत करेंगे, उनकी समस्याओं और आकांक्षाओं को समझेंगे और पार्टी के संदेश को उन तक पहुंचाएंगे.
पार्टी की रणनीति में यह भी तय किया गया है कि युवा संवाद एकतरफा अभियान नहीं होगा. युवाओं से जुड़े मुद्दों को सुनने और उनके सुझावों को संगठन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा. यानी रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप, कौशल विकास और अवसरों जैसे विषयों को संवाद का हिस्सा बनाने की तैयारी है.
सोशल मीडिया बनेगा युवा संपर्क का बड़ा हथियार
बैठक में सोशल मीडिया को युवा संपर्क अभियान का सबसे अहम माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया गया. बीजेपी की कोशिश है कि युवाओं तक पहुंचने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक प्रभावी और योजनाबद्ध इस्तेमाल किया जाए.
इसके तहत केंद्र सरकार की युवा-केंद्रित योजनाओं, उपलब्धियों और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों को सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा आक्रामक तरीके से प्रचारित करने की रणनीति बनाई जा रही है. पार्टी का मानना है कि युवा वर्ग तक पहुंचने के लिए पारंपरिक राजनीतिक सभाओं के साथ डिजिटल संवाद भी जरूरी है.
12 साल के काम का हिसाब युवाओं तक पहुंचाएगी बीजेपी
बैठक में पिछले 12 वर्षों के दौरान युवाओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों और शुरू की गई योजनाओं को प्रमुखता से युवाओं तक पहुंचाने पर चर्चा हुई. पार्टी विशेष तौर पर MY Bharat, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और Startup India जैसी पहलों को युवा संपर्क अभियान का हिस्सा बनाएगी.
बीजेपी इन योजनाओं के जरिए युवाओं को स्वयंसेवा, इंटर्नशिप, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े अवसरों के बारे में जानकारी देने पर जोर देगी. पार्टी की कोशिश होगी कि इन योजनाओं को केवल सरकारी घोषणाओं के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के लिए उपलब्ध वास्तविक अवसरों के तौर पर प्रस्तुत किया जाए.
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल भी अभियान का हिस्सा
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई. इन कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की संभावना है.
बीजेपी की कोशिश है कि प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन, शासन और संगठन में उनके अनुभव को युवा पीढ़ी के साथ संवाद के एक बड़े विषय के रूप में सामने रखा जाए. इसके लिए विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों और युवा-केंद्रित गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
सितंबर के पहले सप्ताह में फिर होगी वर्चुअल बैठक
शनिवार की बैठक में तैयार रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए सितंबर के पहले सप्ताह में एक और वर्चुअल बैठक प्रस्तावित है. इसमें राज्यों में युवा संवाद को लेकर हुई प्रगति, सोशल मीडिया अभियान और स्थानीय स्तर पर युवाओं से संपर्क की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है.
कुल मिलाकर बीजेपी का यह अभियान युवा मतदाताओं तक अपनी पहुंच को दो स्तरों पर मजबूत करने की कोशिश है. एक तरफ पार्टी वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारकर प्रत्यक्ष संवाद बढ़ाएगी, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया के जरिए युवा वर्ग तक अपनी योजनाओं और राजनीतिक संदेश को तेजी से पहुंचाने की तैयारी है. आने वाले समय में यह अभियान बीजेपी के संगठनात्मक कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है. (IANS इनपुट के साथ)