फीस से ज्यादा था पेट्रोल का खर्च, पिता ने लगाया दिमाग, कोचिंग...
Last Updated:April 28, 2026, 20:39 IST कोडरमा के आश्रम रोड निवासी बिजली मिस्त्री धर्म प्रकाश ने जुगाड़ तकनीक से साधारण साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदलकर मिसाल पेश की है. उनकी बेटी पिंकी कुमारी ने बताया कि पहले साधारण साइकिल से ट्यूशन जाने में करीब आधा घंटा लग जाता था और काफी थकान होती थी. अब इलेक्ट्रिक साइकिल से आने-जाने में पंद्रह मिनट से भी कम समय लगता है और बिना थकान के सफर पूरा हो जाता है. ख़बरें फटाफट कोडरमा: पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने जहां आम लोगों की जेब पर असर डाला है वहीं अब लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रुख कर रहे हैं. इसी बीच कोडरमा के झुमरी तिलैया शहर के आश्रम रोड निवासी बिजली मिस्त्री धर्म प्रकाश ने अपनी जुगाड़ तकनीक और हुनर से साधारण साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदल डाला है. दसवीं तक पढ़ाई करने वाले धर्म प्रकाश वर्षों से बिजली के विभिन्न उपकरणों की मरम्मत का काम करते आ रहे हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए एक ऐसी इलेक्ट्रिक साइकिल तैयार की है जो कम खर्च में बेहतर सुविधा दे रही है. साधारण साइकिल को बना दिया इलेक्ट्रिक साइकिलधर्म प्रकाश ने बताया कि उनकी बेटी पिंकी कुमारी स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं और ट्यूशन पढ़ने के लिए रोज घर से करीब पांच किलोमीटर दूर जाती है. आने-जाने में उसे रोजाना 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था. पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण दोपहिया वाहन से आने-जाने का खर्च ट्यूशन फीस से भी अधिक होने लगा. इसी परेशानी ने उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा दी. उन्होंने घर में रखी एक साधारण साइकिल को जुगाड़ तकनीक के जरिए इलेक्ट्रिक साइकिल में बदलने का फैसला किया. करीब एक सप्ताह की मेहनत के बाद उन्होंने यह मॉडल तैयार किया. इसे बनाने में लगभग 8 हजार रुपये की लागत आई है. 2 घंटे में फुल चार्जउन्होंने बताया कि साइकिल में 24 वोल्ट की डीसी मोटर, लिथियम बैट्री, डबल चेन स्पॉकेट का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा इसमें बैटरी चार्जिंग इंडिकेटर, हॉर्न, एक्सीलेटर और लाइट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. इस इलेक्ट्रिक साइकिल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बैटरी सिर्फ दो घंटे में फुल चार्ज हो जाती है और एक बार चार्ज होने पर करीब 30 किलोमीटर तक चल सकती है. साथ ही यदि रास्ते में बैटरी कम हो जाए तो इसे सामान्य साइकिल की तरह पैडल मारकर भी चलाया जा सकता है. अब ट्यूशन जाने में आधे से भी कम समय लगता हैउनकी बेटी पिंकी कुमारी ने बताया कि पहले साधारण साइकिल से ट्यूशन जाने में करीब आधा घंटा लग जाता था और काफी थकान होती थी. अब इलेक्ट्रिक साइकिल से आने-जाने में पंद्रह मिनट से भी कम समय लगता है और बिना थकान के सफर पूरा हो जाता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand First Published : April 28, 2026, 20:38 IST Source link