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aaj ka Kanya rashifal 06 june 2026 Virgo horoscope in hindi today...

Last Updated:June 06, 2026, 00:08 IST Aaj ka Kanya Rashifal 06 june 2026: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन खुशियों की नई सौगात लेकर आया है. सितारों की शुभ स्थिति के चलते आज आपको करियर और कारोबार के क्षेत्र में अपनी मेहनत की जमकर सराहना मिलेगी. आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ा लाभ होने वाला है. न सिर्फ आपका लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलेगा, बल्कि आय के कुछ नए स्रोत भी बन सकते हैं. पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी, सेहत दुरुस्त रहेगी और आज आपका मन आध्यात्मिक कार्यों की ओर आकर्षित होगा. हालांकि, दिन को पूरी तरह बेहतर बनाने के लिए आपको अपने अनियंत्रित खर्चों पर लगाम लगानी होगी. पढ़िए पूरी भविष्यवाणी. देवघर: दैनिक राशिफल का आकलन ग्रह नक्षत्र के हिसाब से किया जाता है. वही ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, वैधृति योग रहने वाला है. चन्द्रमा आज मकर उपरांत कुम्भ राशि में संचार करेगा. देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल बताते है की कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन काफी शुभ और सकारात्मक रहने वाला है. ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति के कारण आपके जीवन में कई अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं. सुबह से ही आपके अंदर एक नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिलेगा. लंबे समय से जो काम रुके हुए थे, उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी और आप पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने कार्यों को आगे बढ़ाएंगे. आज आपके मन में सकारात्मक विचार आएंगे, जिससे हर काम को बेहतर तरीके से करने में सफलता मिलेगी. आपका आध्यात्मिक कार्यों मे रूचि बढ़ेगीआज आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर अधिक रहेगा. पूजा-पाठ, ध्यान, भजन-कीर्तन या किसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है. इससे मानसिक शांति मिलेगी और मन प्रसन्न रहेगा. यदि पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर तनाव महसूस कर रहे थे, तो आज उसमें राहत मिलने के संकेत हैं. मन शांत रहेगा और आप खुद को पहले से अधिक संतुलित महसूस करेंगे. परिवार में शांति का माहौल रहेगापारिवारिक जीवन की बात करें तो घर का माहौल सुखद और खुशहाल बना रहेगा. परिवार के सदस्यों के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा. घर में किसी रिश्तेदार या अतिथि के आने की संभावना है. जिससे घर में चहल-पहल बढ़ेगी. परिवार के लोगों के साथ बातचीत और मेलजोल से रिश्तों में मजबूती आएगी. घर के बड़े-बुजुर्गों का सहयोग और आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होगा. जिससे आत्मविश्वास और बढ़ेगा. कार्यछेत्र में मेहनत और लग्न की सराहना की जायेगी नौकरी और व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए भी आज का दिन अच्छा रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन की सराहना हो सकती है. अधिकारी और सहकर्मी आपके काम से प्रभावित होंगे. यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं तो उसमें सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है. व्यापार करने वाले लोगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं. किसी नए संपर्क या योजना से भविष्य में अच्छा लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. आर्थिक मामलों में आज दिन अनुकूल रहेगाआर्थिक मामलों में भी आज का दिन अनुकूल दिखाई दे रहा है. आय के नए स्रोत बनने की संभावना है. कहीं से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है या किसी नए कार्य से लाभ प्राप्त हो सकता है. यदि आप किसी निवेश या नए व्यवसाय की योजना बना रहे हैं तो सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य में फायदा दे सकता है.हालांकि खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखना भी जरूरी रहेगा. स्वास्थ के लिहाज से भी आज दिन रहेगा बढ़िया स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन सामान्य से बेहतर रहेगा. आप खुद को ऊर्जावान और सक्रिय महसूस करेंगे. मानसिक रूप से भी काफी मजबूत रहेंगे. सकारात्मक सोच और खुशमिजाज स्वभाव के कारण पूरे दिन आपके चेहरे पर आत्मविश्वास दिखाई देगा. कुल मिलाकर आज का दिन कन्या राशि के लोगों के लिए सुख, शांति, सफलता और आर्थिक लाभ के अच्छे संकेत लेकर आया है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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अभिषेक की ताकत पर लगी लगाम? TMC में ममता बनर्जी का नया...

Last Updated:June 05, 2026, 23:59 IST टीएमसी के युवा संगठन की कमान अभिनेत्री से नेता बनीं और लोकसभा सांसद सायोनी घोष को अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक मधुरिमा ठाकुर को महासचिव बनाकर सौंपी गई है. महिला संगठन की अध्यक्ष लोकसभा सांसद माला रॉय को बनाया गया है. ख़बरें फटाफट ममता बनर्जी ने एक बार फिर से अभिषेक को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है. (फाइल फोटो)  कोलकाता.  पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन में बदलाव करते हुए अपने भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) बनाए रखा है. हालांकि, इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन को डिप्टी जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों के बाद अभिषेक बनर्जी के लिए संगठनात्मक फैसले पहले की तरह पूरी तरह एकतरफा लेना आसान नहीं होगा, क्योंकि अब उनके साथ दो उप महासचिव भी जिम्मेदारी निभाएंगे. इसी के साथ तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल ईकाई का भी व्यापक पुनर्गठन किया गया है. लंबे समय से स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों से जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जता रहे वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. लोकसभा सांसद सजदा अहमद, राज्यसभा सदस्य ममता बाला ठाकुर, विधायक नयन बंदोपाध्याय और वरिष्ठ नेता स्वैत खोंडकर को प्रदेश ईकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वहीं, बाबर अली, पुलक रॉय, असीमा पात्रा, अरूप बिस्वास और राजीव बनर्जी को प्रदेश महासचिव बनाया गया है. इनमें असीमा पात्रा वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस की विधायक भी हैं. राज्य समिति के कार्यकारी सदस्यों में ज्योतिप्रिय मल्लिक, डॉ. राणा चटर्जी, बिदेश बोस, त्रिणांकुर भट्टाचार्य, जया दत्ता, तपस चटर्जी, वसुंधरा गोस्वामी और गौतम देव को शामिल किया गया है. पार्टी के युवा संगठन की कमान अभिनेत्री से नेता बनीं और लोकसभा सांसद सायोनी घोष को अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक मधुरिमा ठाकुर को महासचिव बनाकर सौंपी गई है. महिला संगठन की अध्यक्ष लोकसभा सांसद माला रॉय को बनाया गया है. छात्र संगठन की महासचिव प्रियंका अधिकारी होंगी, जबकि पूर्व मंत्री मलय घटक को पार्टी की ट्रेड यूनियन विंग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. किसान और कृषि मजदूर प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी बेचाराम मन्ना और पूर्णेंदु बोस को दी गई है. इसके अलावा चंद्रिमा भट्टाचार्य, कल्याण बनर्जी, मदन मित्रा और कुणाल घोष पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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सीनियर जर्नलिस्ट सुशांत सिन्हा की News18 इंडिया के साथ नई पारी शुरू,...

होमताजा खबरदेश सीनियर जर्नलिस्ट सुशांत सिन्हा की News18 इंडिया के साथ नई पारी शुरू Last Updated:June 05, 2026, 22:57 IST सीनियर जर्नलिस्ट सुशांत सिन्हा न्यूज़18 इंडिया से जुड़ गए हैं. वह अपनी गहरी न्यूज़ एनालिसिस, सटीक एडिटोरियल नज़रिए और दर्शकों के साथ मज़बूत जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं. सुशांत सिन्हा के पास पत्रकारिता का 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है. नई दिल्ली. सीनियर जर्नलिस्ट और टेलीविज़न न्यूज़ एंकर सुशांत सिन्हा News18 इंडिया से जुड़ गए हैं. इससे ना सिर्फ चैनल की एडिटोरियल लीडरशिप, बल्कि प्राइमटाइम प्रोग्रामिंग और भी मज़बूत होगी. 20 से ज़्यादा सालों के अनुभव वाले जर्नलिस्ट सिन्हा अपने साथ टाइम्स नेटवर्क, एनडटीवी, न्यूज24 और इंडिया टीवी जैसे बड़े न्यूज़ नेटवर्क में काम करने का शानदार अनुभव लेकर आए हैं. उन्होंने अपने करियर में अहम एडिटोरियल और ऑन-एयर एंकरिंग की भूमिकाएं निभाई हैं. सिन्हा अपनी गहरी न्यूज़ एनालिसिस, सटीक एडिटोरियल नज़रिए और दर्शकों के साथ मज़बूत जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं. News18 इंडिया में, सिन्हा एक नए प्राइमटाइम शो को लीड करेंगे. इससे चैनल का गहराई से और संदर्भ-आधारित पत्रकारिता और सार्थक न्यूज़ चर्चा पर फ़ोकस और बढ़ेगा. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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कभी घर-घर बांटा अखबार, आज खुद के ब्रांड से चमकाया नाम, रोचक...

Last Updated:June 05, 2026, 21:57 IST Jamshedpur manpreet singh success story : जमशेदपुर के 21 वर्षीय मनप्रीत सिंह की कहानी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है. महज 3 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद उन्होंने बचपन से ही काम करना शुरू कर दिया. कभी घर के अमरूद बेचकर पैसे कमाए, तो कभी घर-घर अखबार पहुंचाया. बाद में कपड़ों के कारोबार से जुड़े और “Shades of Punjab” नाम से अपना ब्रांड शुरू किया. आज शहर में उनके दो आउटलेट चल रहे हैं, जहां पंजाबी परिधानों की अच्छी रेंज मिलती है. मनप्रीत कहते हैं कि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर : जब बच्चे अपनी छोटी-सी दुनिया में खिलौनों, बैट-बॉल और टेडी बेयर के साथ खेलते हैं, उस उम्र में जमशेदपुर के मनप्रीत सिंह जिंदगी की कठिन सच्चाइयों से रूबरू हो चुके थे. महज 3 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया. घर में मां और एकमात्र बेटे मनप्रीत ही थे. परिवार की जिम्मेदारी और आर्थिक चुनौतियों ने उन्हें बचपन से ही संघर्ष करना सिखा दिया. आज 21 वर्षीय मनप्रीत सिंह शहर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. उनके द्वारा स्थापित “Shades of Punjab” आज जमशेदपुर में पंजाबी परिधानों का एक जाना-पहचाना नाम है. शहर के काशीडीह और जेमको में उनके दो सफल आउटलेट संचालित हो रहे हैं, जहां महिलाओं और पुरुषों के लिए ऑथेंटिक पंजाबी परिधानों का बड़ा संग्रह उपलब्ध है. घर-घर अखबार पहुंचाने का काम कियामनप्रीत बताते हैं कि उन्होंने महज 8 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. उनके घर में अमरूद का पेड़ था और वे उन अमरूदों को तोड़कर सब्जी मंडी में बेचने जाया करते थे. इसके बाद उन्होंने घर-घर अखबार पहुंचाने का काम किया. समय के साथ उन्होंने राशन दुकान में काम किया और स्पेयर पार्ट्स की दुकान में भी मेहनत की. छोटी उम्र में ही उन्होंने समझ लिया था कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए संघर्ष और मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता. ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए वे पंजाब गए, लेकिन वहां की फीस और खर्च उनके लिए काफी अधिक साबित हुए. आर्थिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया. ऐसे समय में उन्होंने अपने भाई के साथ कपड़ों के व्यापार में हाथ बंटाना शुरू किया. इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि यदि सही तरीके से काम किया जाए तो रेडीमेड और पारंपरिक कपड़ों का व्यवसाय काफी आगे बढ़ सकता है. यही सोच लेकर वे वापस जमशेदपुर लौटे और “Shades of Punjab” की शुरुआत की. धीरे-धीरे लोगों का विश्वास बढ़ता गया और उनका कारोबार भी आगे बढ़ता गया. आज उनके स्टोर में पंजाबी कुर्ती, सलवार-सूट, चुन्नी, पगड़ी, जूती, मोजड़ी, जींस, शर्ट और अन्य पारंपरिक एवं आधुनिक परिधानों का बेहतरीन संग्रह उपलब्ध है. सफलता का श्रेय अपनी मां की मेहनत, भगवान आशीर्वाद मनप्रीत कहते हैं कि बचपन में उनके भी दोस्त थे, लेकिन वे कभी उनके साथ खेल नहीं पाए. घर की जिम्मेदारियां और मां का सहारा बनने की चिंता हमेशा उनके साथ रही. हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी. आज वे अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां की मेहनत, भगवान के आशीर्वाद और लगातार किए गए संघर्ष को देते हैं. उनका मानना है कि यदि इरादे मजबूत हों तो कठिन से कठिन परिस्थितियां भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं. आज वे जमशेदपुरवासियों को ऑथेंटिक पंजाबी पहनावे से जोड़ने का काम कर रहे हैं और युवाओं के लिए मिसाल बने हुए हैं. About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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indian doctor sudhir srivastava creates history with 20000 km longest robotic tele...

Last Updated:June 05, 2026, 20:35 IST Remote Robotic Heart Surgery: मेडिकल साइंस का सबसे बड़ा चमत्कार भारत में हुआ. क्या कोई डॉक्टर 20 हजार किलोमीटर दूर दूसरे देश में बैठकर भारत के मरीज का दिल खोलकर ऑपरेशन कर सकता है? विज्ञान ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है. मशहूर सर्जन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने गुयाना से बैठकर इंदौर के एक मरीज की सफल रोबोटिक हार्ट टेली-सर्जरी कर नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है. इस हैरान कर देने वाले ऑपरेशन में भारत के ही बने एक खास रोबोट का इस्तेमाल हुआ. जानिए कैसे समंदर पार से डॉक्टर के एक इशारे पर रोबोट ने बचाई मरीज की जान. दिल्ली: भारत के मशहूर हार्ट सर्जन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने एक ऐसा काम किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. उन्होंने गुयाना में बैठकर भारत के इंदौर में मौजूद एक मरीज के दिल की रोबोट की मदद से सर्जरी की. खास बात यह है कि डॉक्टर और मरीज के बीच करीब 20 हजार किलोमीटर की दूरी थी. इसे दुनिया की सबसे लंबी दूरी से की गई रोबोटिक हार्ट सर्जरी माना जा रहा है. कैसे हुई इतनी दूर से सर्जरीडॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने गुयाना में बैठकर कंप्यूटर और रोबोटिक सिस्टम के जरिए इंदौर में मरीज की सर्जरी की. डॉक्टर जो भी हाथ से मूवमेंट कर रहे थे, रोबोट उसे उसी समय मरीज के शरीर पर कर रहा था. यह दिल की बहुत नाजुक सर्जरी थी, लेकिन सब कुछ सफल रहा और मरीज अब ठीक है. इतनी दूर से सर्जरी करना आसान नहीं थाडॉ. सुधीर ने बताया कि यह काम काफी मुश्किल था. इससे पहले भी वह 10 हजार किलोमीटर दूर से सर्जरी कर चुके हैं, इसलिए उन्हें थोड़ा अनुभव था. सर्जरी से पहले इंटरनेट, मशीन और नेटवर्क की कई बार जांच की गई ताकि बीच में कोई दिक्कत न आए. उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी मरीज का भरोसा होता है, क्योंकि मरीज एक जगह होता है और डॉक्टर हजारों किलोमीटर दूर. मरीज की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गयाइतनी दूर से सर्जरी में सबसे बड़ा सवाल मरीज की सुरक्षा का होता है. इसे देखते हुए इंदौर में डॉक्टरों की एक पूरी टीम मौजूद थी. अगर किसी वजह से तकनीकी दिक्कत आती, तो वहां मौजूद डॉक्टर तुरंत सर्जरी संभाल लेते.इस सर्जरी में इस्तेमाल हुआ रोबोटिक सिस्टम भारत में बना है, जिसका नाम SSI Mantra है. डॉ. सुधीर का कहना है कि उनका मकसद ऐसी तकनीक बनाना है जिससे गांव और दूर-दराज के इलाकों में भी अच्छे डॉक्टरों का इलाज पहुंच सके. इंटरनेट और सुरक्षा का भी रखा गया ध्यानडॉ. सुधीर ने बताया कि सर्जरी के लिए खास फाइबर इंटरनेट का इस्तेमाल किया गया था, ताकि नेटवर्क बीच में बंद न हो और कोई साइबर खतरा भी न हो. भविष्य में और दूर तक होगी सर्जरीडॉ. सुधीर का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. आने वाले समय में दुनिया के किसी भी कोने में बैठे मरीज का इलाज दूर बैठे डॉक्टर कर सकेंगे. इससे उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जहां अच्छे डॉक्टर आसानी से नहीं पहुंच पाते.भारत में बना यह रोबोटिक सिस्टम अब कई देशों में इस्तेमाल हो रहा है. इस उपलब्धि के बाद भारत की तकनीक और डॉक्टरों की तारीफ दुनिया भर में हो रही है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi Source link

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जिंदगी भर भाइयों के साथ रहते हैं चीते, रफ्तार है सबसे बड़ी...

Last Updated:June 05, 2026, 19:41 IST मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है. इसके लिए टाइगर रिजर्व के अंदर करीब 600 वर्ग किलोमीटर की जगह चिन्हित की गई है. इसके अलावा जो वनरक्षक है. उनको भी इसको लेकर कूनो में प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है. जंगल के अंदर जो गांव अभी विस्थापन के लिए बच्चे हैं. हजारों लोग रह रहे हैं. मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है. इसके लिए टाइगर रिजर्व के अंदर करीब 600 वर्ग किलोमीटर की जगह चिन्हित की गई है. और तैयारी भी जोर-जोर से चल रही है. इसके अलावा जो वनरक्षक है. उनको भी इसको लेकर कूनो में प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है. जंगल के अंदर जो गांव अभी विस्थापन के लिए बच्चे हैं. हजारों लोग रह रहे हैं. उनके लिए भी चीता चौपाल लगाई जा रही हैं. इनको लेकर जो भ्रांतियां हैं. लोगों के मन में नेगेटिव बातें बैठी हुई है. उनको दूर किया जा रहा है. इनके संरक्षण का उद्देश्य और महत्व बताया जा रहा है. आज हम बड़ी बिल्ली प्रजाति के सबसे छोटे वन्य जीव कहलाने वाले चीता के बारे में बात करेंगे. इनकी क्या खासियत होती है. यह तेंदुआ और टाइगर से कितने अलग होते हैं इनका व्यवहार किस तरह का होता है. किस तरह से यह रहना शिकार करना पसंद करते हैं. नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह बताते हैं कि चीता घास के मैदान और खुले क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं. यह अपनी अद्भुत रफ्तार और रफ्तार के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. इनके जो शिकार करने का जो तरीका है. भागना है सबसे बड़ी ताकतइनका जो शिकार ब्लैक बग चीतल चिंकारा नीलगाय के छोटे बच्चे यानी कि कम वजन वाले जो वन्य जीव होते हैं. उनको पहले चेस करते हैं चेस करने के दौरान ही उनका शिकार करते हैं और उनकी कोशिश होती है. वह एक बार के हमले में ही मर जाए, जिससे ना तो छुपाने का डर हो और ना ही रखने का है. यह बहुत ही कम समय में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी दौड़ सकते हैं. इन्हें धरती पर रहने वाले सबसे तेज दौड़ने वाले वन्यजीवों में गिना जाता है.चीतो की एक और प्रवृत्ति होती है कि वह टाइगर और तेंदुआ की तरह अकेले नहीं होते हैं. ग्रुप में रहना पसंद करते हैं. उनके ग्रुप में जो दो-तीन भाई-बहन होते हैं. वह जिंदगी भर साथ रहते हैं साथ घूमते हैं और शिकार करते हैं. इसलिए इनको सामाजिक होना भी कहा जाता है. चीता का जीवन चक्र 10 – 12 साल का होताइनके नाखून भी छोटे होते यानी कि टाइगर कि तरह इनके नाखून अंदर बाहर नहीं होते हैं. जिनकी वजह से उनकी पकड़ कमजोर होती है. किसी के चलते वह पेड़ों पर नहीं जा पाए और यह छोटे जीवों का शिकार करते हैं.चीता का जीवन चक्र 10 – 12 साल का होता है. इनके शरीर पर ब्लैक स्पॉट होते हैं. जबकि चेहरे पर नाक के नीचे से धारियां होती हैं. हर चीता पर ब्लैक स्पॉट और धारियां अलग-अलग होती हैं जो इनकी पहचान का कारण बनती है. मैं टाइगर और तेंदुआ की तरह दहाड़ने वाला आर्गन गले में नहीं होता है. यह बिल्ली की तरह आवाज निकालता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sagar,Madhya Pradesh Source link

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Sikar News | Best Temple | जहां कृष्ण ने रखे थे 7...

होमताजा खबरधर्म जहां कृष्ण ने रखे थे 7 कदम! अब उसी धरोहर को बचाने के लिए जुटा पूरा गांव Last Updated:June 05, 2026, 18:44 IST Sikar Jile Ke Pramukh Mandir : सीकर जिले के कदमा का बास गांव में ग्रामीणों ने अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को बचाने का अनोखा उदाहरण पेश किया है. करीब 500 वर्ष पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर का 10 करोड़ रुपये की लागत से भव्य जीर्णोद्धार कराया जा रहा है. खास बात यह है कि इस पूरे अभियान में गांव के लोगों, भामाशाहों और श्रद्धालुओं का जनसहयोग शामिल है. मंदिर निर्माण में करौली के पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जिन पर बारीक नक्काशी का कार्य किया जा रहा है. मंदिर के साथ स्थित पौराणिक कुंड का संरक्षण और सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है. ग्रामीणों का मानना है कि यह स्थान कर्दम ऋषि और भगवान कृष्ण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं का केंद्र है. महाभारत काल से जुड़ी कथाओं और प्राचीन कदंब वृक्षों के कारण यह क्षेत्र विशेष आस्था रखता है. मंदिर पुनर्निर्माण का यह अभियान अब पूरे इलाके में धरोहर संरक्षण की मिसाल बनता जा रहा है. सीकर. सीकर जिले के कदमा का बास गांव के लोगों ने यह साबित कर दिया है कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं होती, बल्कि समाज भी अपनी विरासत को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. गांव के लोगों ने करीब 500 वर्ष पुराने श्री राधा-कृष्ण मंदिर के जीर्णोद्धार का जिम्मा अपने हाथों में लिया है. इस कार्य पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. मंदिर के साथ-साथ यहां स्थित पौराणिक कुंड के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का काम भी जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से किया जा रहा है. कदमा का बास गांव में मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है. इसे पूरा होने में अभी लगभग दो वर्ष का समय लग सकता है. निर्माण कार्य में करौली के उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है. प्रत्येक पत्थर पर बारीक नक्काशी की जा रही है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 35 से अधिक कारीगर जुटे हुए हैं. नक्काशी का अधिकांश कार्य करौली में किया जाता है, जबकि मंदिर परिसर में पत्थरों की फिटिंग और अन्य निर्माण कार्य जारी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर का स्वरूप पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाया जा रहा है. गांव का इतिहास और धार्मिक महत्वग्रामीणों के अनुसार कदमा का बास गांव का इतिहास बेहद प्राचीन है. इस गांव का उल्लेख संवत 1030 के हर्ष शिलालेख में ‘कर्दमखता’ नाम से मिलता है. यह स्थान ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि महाभारत काल में इस क्षेत्र में भीषण अकाल पड़ा था. तब कर्दम ऋषि ने कठोर तपस्या कर भगवान कृष्ण से लोगों के कष्ट दूर करने का वरदान मांगा था. इसके बाद यहां पवित्र जल कुंड की स्थापना हुई, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. दूर-दूर से लोग यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. भगवान कृष्ण से जुड़ी हैं कई मान्यताएंमंदिर और कुंड के संरक्षण कार्य में गांव तथा आसपास के क्षेत्रों के भामाशाह भी बढ़-चढ़कर आर्थिक सहयोग कर रहे हैं. गांव में मौजूद प्राचीन कदंब वृक्ष भी धार्मिक मान्यताओं से जुड़े हुए हैं. स्थानीय लोगों का विश्वास है कि भगवान कृष्ण ने यहां सात कदम रखे थे, जिन स्थानों पर सात कदंब वृक्ष उत्पन्न हुए. इनमें से छह वृक्ष आज भी मौजूद हैं. ग्रामीण समय-समय पर इन वृक्षों और पवित्र कुंड के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाते रहते हैं. मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ अब धरोहर संरक्षण गांव में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है. ग्रामीण कुंड की सफाई, परिसर की व्यवस्था सुधारने और धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार श्रमदान भी कर रहे हैं. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sikar,Sikar,Rajasthan Source link

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‘कांग्रेस पिछले 12 साल से मौका खोज रही है लेकिन…’ PM मोदी...

Last Updated:June 05, 2026, 17:54 IST पीएम मोदी ने सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी 18,800 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी. ख़बरें फटाफट पीएम मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधा. सूरत.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए विपक्ष पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन वही लोग दशकों तक देश को दूसरे देशों पर निर्भर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज देश में कुछ निराशावादी लोग आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाते हैं. ये वे लोग हैं जिन्होंने हमेशा भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा. वे भूल जाते हैं कि दूसरों पर निर्भर रहने वाला देश कभी भी विकास की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकता, जिसका वह हकदार है.” उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक आर्थिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत और सक्षम बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज रक्षा, विनिर्माण, तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है. सूरत के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने शहर की “सर्कुलर वाटर इकोनॉमी” की सराहना की. उन्होंने कहा कि सूरत जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बनकर उभरा है. पीएम मोदी ने कहा, “आजकल सूरत की सर्कुलर वाटर इकोनॉमी की बहुत चर्चा हो रही है. अब प्रयास यह है कि आने वाले कई दशकों तक सूरत के लिए पीने के पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से तापी बैराज परियोजना को मंजूरी दी गई है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सूरत को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने में जुटी हैं. उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाएं न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देंगी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Surat,Surat,Gujarat Source link

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मानसून ने पकड़ी तूफानी रफ्तार, 5 राज्‍यों में रेड अलर्ट, कहां कल...

नई दिल्‍ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दावा किया है कि देश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून आज कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे चुका है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर फिर से लौटने वाला है. ऐसे में वीकेंड पर बाहर निकलने से पहले आपके लिए कल का मौसम कैसा रहेगा और आने वाले दिनों में मौसम की जानकारी क्या है, यह जानना बेहद जरूरी है. आइए देश के अलग-अलग हिस्सों के अनुसार जानते हैं मौसम का हाल. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का रेड अलर्टमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने वाला है. • केरल और कर्नाटक: केरल में 6 और 7 जून को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक में भी अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश (7 से 20 सेमी) का अनुमान है. अगर आप इन राज्यों में रहते हैं, तो कल का मौसम आपके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है. • तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत: तमिलनाडु में भी भारी बारिश की संभावना है. वहीं पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 7 दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. दिल्‍ली-UP, राजस्‍थान में धूल भरी आंधी उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को कल का मौसम मिलाजुला देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. • आंधी और तूफान का अलर्ट: राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 6 जून को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान (Thundersquall) की चेतावनी दी गई है. • तापमान में उतार-चढ़ाव: उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 5 जून तक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन 6 जून से एक बार फिर तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी शुरू होने जा रही है. ऐसे में कल का मौसम धीरे-धीरे गर्म होने की तरफ बढ़ेगा. कहां जारी रहेगी हीटवेव?एक तरफ जहां देश के आधे हिस्से में मानसून मेहरबान है, वहीं कुछ राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. IMD से प्राप्‍त मौसम की जानकारी के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 5 और 6 जून को अलग-अलग इलाकों में लू चलने की संभावना है. इसके अलावा, ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. यदि आप शनिवार को किसी जरूरी काम से बाहर जा रहे हैं, तो अपने इलाके में कल का मौसम कैसा रहेगा, इसकी पूरी अपडेट देखकर ही घर से बाहर निकलें. दक्षिण भारत में जहां लोगों को जलजमाव से बचना होगा, वहीं राजस्थान, दिल्‍ली और उत्तर प्रदेश के लोगों को तेज आंधी और बढ़ती गर्मी के लिए तैयार रहना चाहिए. देश के विभिन्न राज्यों के मौसम का हाल जानने के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन जरूर करें. Source link

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India Defence News | सेना के अधिकारियों की खर्च करने की पावर...

होमताजा खबरदेश डिफेंस चीफ्स की खर्च करने की ताकत हुई दोगुनी, अब किस कमांडर के पास कितना बजट? Last Updated:June 05, 2026, 15:36 IST Center Hikes Spending Powers of Military Chiefs: केंद्र सरकार ने रक्षा बलों की वित्तीय शक्तियों को बढ़ाकर 100 परसेंट तक कर दिया है. नए DFPDS-2026 नियमों के तहत अब सर्विस चीफ्स 125 करोड़ रुपये और सैन्य कमांडर 100 करोड़ रुपये तक खर्च कर सकेंगे. इस कदम से 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी. साथ ही इमरजेंसी खरीद, रिसर्च और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को दोगुना बजट सपोर्ट मिलेगा. इससे सेना की ऑपरेशनल तैयारी और मजबूत होगी. क्यों बढ़ाई गई आर्मी चीफ और कमांडरों की फाइनेंशियल पावर? (सांकेतिक फोटो Made with AI) नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सैन्य कमांडरों और सर्विस चीफ्स की खर्च करने की फाइनेंशियल पावर को काफी बढ़ा दिया है. इस नए फैसले से सेना के लिए अब हथियार और जरूरी सामान खरीदना बहुत आसान हो जाएगा. रक्षा मंत्रालय के इस कदम से करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया जा सकेगा. इस नए नियम को डेलीगेशन ऑफ फाइनेंशियल पावर्स फॉर डिफेंस सर्विसेज (DFPDS-2026) नाम दिया गया है. इसके तहत अधिकारियों की खर्च करने की लिमिट को 100 परसेंट तक बढ़ा दिया गया है. कुछ मामलों में तो यह लिमिट दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. इस फैसले का मुख्य मकसद सेना की जरूरतों को बिना किसी देरी के पूरा करना है. इससे सेना की ऑपरेशनल तैयारी और मजबूत होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों के साथ नए वित्तीय नियमों की गाइडलाइन जारी की. सर्विस चीफ्स की खर्च करने की नई लिमिट क्या है? नए नियमों के मुताबिक आर्मी चीफ, नेवी चीफ और एयर चीफ की फाइनेंशियल पावर काफी बढ़ गई है. अब वे किसी भी जरूरी प्रोजेक्ट के लिए 125 करोड़ रुपये तक खर्च कर सकते हैं. इससे पहले उनकी लिमिट केवल 75 करोड़ रुपये तय थी. इस फैसले से वे बिना किसी सरकारी फाइलिंग के तुरंत बड़े फैसले ले सकेंगे. इससे सेना की जरूरतें समय पर पूरी होंगी. आर्मी कमांडरों को कितने करोड़ खर्च करने की छूट मिली? आर्मी कमांडरों और उनके बराबर के नेवी और एयरफोर्स के बड़े अधिकारियों की पावर भी बढ़ाई गई है. उनकी खर्च करने की लिमिट को पहले के 30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह ऐतिहासिक बदलाव फील्ड लेवल पर चल रहे प्रोजेक्ट्स को बहुत तेज कर देगा. अफसरों को बार-बार दिल्ली से मंजूरी नहीं मांगनी पड़ेगी. I congratulate MoD and the Armed Forces on getting enhanced Financial Powers for Revenue related Procurement having annual value of more than Rs 1.25 Lakh crore under the new delegation of financial powers (DFPDS-2026). Source link

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