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सीबीएसई 12वीं (आर्ट्स) 2026 में बोकारो के अमृत राज जिला टॉपर बने हैं. उन्होंने 99.6% अंक हासिल किए. अमृत ने तीन विषयों में 100 में 100 अंक प्राप्त किए. वह भविष्य में आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग को दिया है.
बोकारोः बोकारो जिले के होली क्रॉस स्कूल बालीडीह के मेधावी छात्र अमृत राज ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 में आर्ट्स संकाय में 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. अमृत ने पॉलिटिकल साइंस में 100 अंक, इकोनॉमिक्स में 100 अंक, संस्कृति में 100 अंक, इंग्लिश में 99 और हिस्ट्री में 99 अंक प्राप्त किए हैं.
खास बातचीत में अमृत राज ने बताया कि वह अपने परीक्षा परिणाम से बेहद खुश हैं, क्योंकि सालभर की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह सफलता मिली है. आगे उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत और सही रणनीति होना बेहद जरूरी है. वहीं, बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर अमृत राज ने बताया कि वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे. साथ ही हर विषय के लिए उन्होंने चैप्टर वाइज स्ट्रेटजी बनाकर पढ़ाई की. जिससे पूरा सिलेबस समय पर पूरा करने में मदद मिली है.
तैयारी में बीते सालों के क्वेश्चन पेपर अहम
बोर्ड परीक्षा के आखिरी महीने की रणनीति पर चर्चा करते हुए अमृत ने बताया कि बीते सालों के क्वेश्चन पेपर और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. बार-बार प्रैक्टिस करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा का डर भी खत्म हो जाता है.
छात्रों को टॉपर की सलाह
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अमृत राज ने सलाह दी है कि सबसे पहले अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए और लगातार अनुशासन के साथ मेहनत करना चाहिए क्योंकि अनुशासन की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं. पढ़ाई के दौरान होने वाले डिस्ट्रैक्शन को लेकर अमृत ने बताया कि कई बार लगातार पढ़ाई से थकावट महसूस होती थी. ऐसे समय में वह छोटे-छोटे ब्रेक लेते थे और कभी-कभी दोस्तों से फोन पर बात कर लेते थे, जिससे उनका मन फ्रेश हो जाता था और दोबारा पढ़ाई में ध्यान लगाने में मदद मिलती थी.
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए अमृत राज ने बताया कि वह आगे पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं और भविष्य में आईएएस अधिकारी बनने का सपना है. वहीं, अमृत ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी नानी, बड़े भाई, माता-पिता और शिक्षकों को दिया है जिन्होंने, उनकी कमजोरी को दूर करने में हमेशा मदद की है.
माता-पिता ने क्या कहा?
अमृत के पिता कृष्ण दयाल सिंह समाजसेवी हैं, जबकि माता राधिका लॉ कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. बेटे की सफलता पर अमृत राज के पिता कृष्णा दयाल सिंह ने बताया कि वह बेटे की सफलता से बहुत खुश है. उन्हें उम्मीद है कि और अभी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, वहीं उनकी मां राधिका ने बताया कि अमित राज बचपन से ही मेधावी रहे हैं. ऐसे में बेटे की सफलता से वह गौरवान्वित महसूस कर रही हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.