भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Dinesh Trivedi Bangladesh Cabinet Rank | बांग्लादेश में दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट...


होमताजा खबरदेश

चीन-पाक के होश उड़ाने वाली कूटनीति, त्रिवेदी का ढाका में बढ़ा कद क्या कहता है?

Last Updated:

Dinesh Trivedi Bangladesh Cabinet Rank: भारत ने बांग्लादेश में हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है. यह कदम दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए उठाया गया है. मोहम्मद यूनुस के बाद तारिक रहमान सरकार में भारत कूटनीतिक पकड़ बना रहा है. त्रिवेदी का रुतबा चीन और पाकिस्तान की चालों का सीधा जवाब है. इसके साथ ही भारत ने बांग्लादेशियों के लिए टूरिस्ट वीजा सेवा फिर शुरू की है.

चीन-पाक के होश उड़ाने वाली कूटनीति, त्रिवेदी का ढाका में बढ़ा कद क्या कहता है?Zoom

बांग्लादेश में दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट रैंक क्यों मिला? जानिए भारत का मास्टरप्लान. (Photo : PTI/India in Bangladesh/X)

नई दिल्ली: ढाका में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट रैंक दिया गया है. होम मिनिस्ट्री ने एक मेमोरेंडम के जरिए इस फैसले की जानकारी दी है. बांग्लादेश से रिश्ते हमेशा से भारत की विदेश नीति में काफी अहम रहे हैं. हाल के समय में दोनों देशों के बीच काफी तनाव और उतार-चढ़ाव देखने को मिले थे. शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने कमान संभाली थी. अब तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बन चुके हैं. ऐसे में भारत अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करना चाहता है. दिनेश त्रिवेदी को यह दर्जा देना सीधा मैसेज है. भारत यह बताना चाहता है कि वह ढाका मिशन को कितनी ज्यादा अहमियत देता है. इस फैसले से चीन और पाकिस्तान को भी कड़ा संदेश मिला है.

ढाका में दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट रैंक मिलने के क्या मायने हैं?

दिनेश त्रिवेदी पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह कोई रेगुलर आईएफएस अधिकारी नहीं हैं. उन्हें अप्रैल के महीने में ढाका में भारत का नया हाई कमिश्नर बनाया गया था. अब उन्हें यूनियन कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दे दिया गया है. यह दर्जा सिर्फ प्रोटोकॉल के लिए काम करेगा. टेबल ऑफ प्रेसिडेंस में कोई स्थायी बदलाव नहीं किया गया है. फिर भी यह एक बहुत बड़ा कूटनीतिक संकेत है.

आमतौर पर किसी एंबेसडर को इतना ऊंचा रैंक नहीं दिया जाता है. इस बड़े फैसले से दिनेश त्रिवेदी को ढाका में सबसे ऊंचे स्तर पर बातचीत करने का अधिकार मिल गया है. उन्हें राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग में ज्यादा तरजीह मिलेगी. यह कदम दिखाता है कि न्यू दिल्ली अपने इस मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख रहा है.





Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top