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EPF Scheme Certificate : पीएफ खाता तो आपने भी खुलवाया होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि स्कीम सर्टिफिकेट किसे कहते हैं. किस तरह के खाताधारकों को स्कीम सर्टिफिकेट जारी किया जाता है और इसका क्या काम होता है. अगर आप भी ईपीएफ के तहत पेंशन लेना चाहते हैं तो यह सर्टिफिकेट जरूरी होता है.
ईपीएफओ पेंशन दिलाने के लिए स्कीम सर्टिफिकेट जारी करता है.
नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आंकड़ो देखें तो पता चलता है कि देश में करीब 7 करोड़ से भी ज्यादा पीएफ खाताधारक हैं. भविष्य निधि यानी पीएफ खाता खासतौर से रिटायरमेंट के बाद पेंशन और बुढ़ापे की जरूरतों के लिए खोला जाता है, जिसमें आज आपका किया गया योगदान कल पेंशन के रूप में मिलता है. लेकिन, ज्यादातर खाताधारकों को यह नहीं पता होगा कि पेंशन लेने के लिए स्कीम सर्टिफिकेट की जरूरत होती है. आखिर यह स्कीम सर्टिफिकेट होता क्या है और पेंशन के लिए इसकी जरूरत क्यों पड़ती है.
सबसे पहले आपको यह बताते हैं कि स्कीम सर्टिफिकेट भी ईपीएफओ की ओर से जारी किया जाता है. ईपीएफ एक्ट 1952 के तहत कमर्चारी भविष्य निधि संगठन सैलरीड कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ दिलाने के लिए स्कीम सर्टिफिकेट जारी करता है. यह सर्टिफिकेट आपको रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाने में मदद करता है. अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सर्टिफिकेट सभी कर्मचारियों को मिलता है या फिर इसके लिए कुछ खास लोग ही योग्य माने जाते हैं.
क्या है स्कीम सर्टिफिकेट
स्कीम सर्टिफिकेट उन कर्मचारियों को जारी किया जाता है, जो अपने ईपीएफ अंशदान को निकालने के बावजूद रिटायरमेंट उम्र के बाद पेंशन का लाभ लेना चाहते हैं. जो कर्मचारी 10 साल की सर्विस पूरी कर लेते हैं और उनकी उम्र 58 साल नहीं पहुंचती है, उन्हें ईपीएफओ की ओर से स्कीम सर्टिफिकेट जारी किया जाता है. ऐसे कर्मचारियों के लिए स्कीम सर्टिफिकेट प्राप्त करना जरूरी होता है, लेकिन जो कर्मचारी 10 साल की सर्विस पूरी नहीं करते हैं, उनके लिए स्कीम सर्टिफिकेट जारी करना जरूरी नहीं. हालांकि, अगर वे चाहें तो इस सर्टिफिकेट को ईपीएफओ से प्राप्त कर सकते हैं.
क्या है इस सर्टिफिकेट का फायदा
स्कीम सर्टिफिकेट के जरिये आप नौकरी बदलने पर अपना पेंशन अकाउंट ट्रांसफर करा सकते हैं. यह सर्टिफिकेट इस बात का सबूत होता कि आपके पेंशन का पैसा नई कंपनी के साथ खोले गए पीएफ खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. इससे आपके पेंशन लाभ में इजाफा होता है. साथ ही अगर पीएफ खाताधारक की मौत हो जाती है तो स्कीम सर्टिफिकेट की मदद से उनका परिवार पेंशन क्लेम कर सकता है. वैसे तो 8 साल की सर्विस पूरी करने वाला कर्मचारी भी अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकता है, लेकिन बेहतर होगा अगर 10 साल की सर्विस पूरी करें, ताकि उन्हें ईपीएस 1995 के तहत रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ मिल सके.
ईपीएफ स्कीम के क्या फायदे
- ईपीएफ में जमा किए गए पैसों पर आपको सालाना 8.25 फीसदी का ब्याज मिल रहा है.
- इस खाते में आपकी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी और इतना ही पैसा कंपनी की ओर से भी डाला जाता है.
- आपकी बेसिक और डीए अगर 15 हजार तक है तो इसमें 12 फीसदी अंशदान कर सकते हैं. वालंटरी प्रोविडेंट फंड यानी वीपीएफ के जरिये इस निवेश को दोगुना कर सकते हैं.
- ईपीएफ खाते में सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आपको सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है.
- कर्मचारी की ओर से पीएफ खाते में डाले गए पैसों पर मिलने वाला 2.5 लाख रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होता है, जबकि नियोक्ता का पूरा ब्याज ही टैक्स के दायरे से बाहर रहता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें