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Fortune 500 List : पीएम मोदी ने जब लाल किले की प्राचीर से फॉर्च्यून-500 कंपनियों में भारत की 10 कंपनियां शामिल करने का लक्ष्य रखा तो हर किसी के मन में इस लिस्ट के बारे में जानने की इच्छा और जाग उठी. आखिर यह लिस्ट क्या है, जिसमें शामिल होना दुनियाभर की कंपनियों के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जाता है और अभी तक इसमें कितने नाम शामिल हो चुके हैं.
फॉर्च्यून 500 लिस्ट में फिलहाल 9 कंपनियां शामिल हैं.
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को लाल किले की प्राचीर से बड़े सपने का लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि अगले एक दशक में फॉर्च्यून -500 की लिस्ट में 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करने का लक्ष्य है. उनके इस बयान के बाद देशभर में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि आजादी के 80 साल बाद तक देश की कितनी कंपनियों को फॉर्च्यून-500 की लिस्ट में जगह मिली है. साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि यह किस तरह की लिस्ट है, जो दुनिया की टॉप कंपनियों का पैमाना बन चुकी है.
ग्लोबल पत्रिका फॉर्च्यून हर साल सबसे ज्यादा रेवेन्यू कमाने वाली दुनिया की टॉप-500 कंपनियों की लिस्ट जारी करता है. इस लिस्ट में सबसे ज्यादा नाम अमेरिकी कंपनियों के ही रहते हैं. दुनिया की सभी कंपनियां इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने की होड़ में लगी रहती हैं. यही वजह है कि पीएम मोदी ने भी भारतीय कॉरपोरेट जगत को इस लिस्ट में ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपना नाम दर्ज कराने का आह्वान किया है. उन्होंने 10 साल में इस लिस्ट में शामिल होने वाली भारतीय कंपनियों की संख्या बढ़ाकर 50 पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
अभी कितनी कंपनियां शामिल
फॉर्च्यून ग्लोबल-500 की साल 2025 की लिस्ट में फिलहाल 9 भारतीय कंपनियां शामिल हैं. फॉर्च्यून की यह लिस्ट पिछले महीने जुलाई में ही सामने आई है. इसमें 5 सरकारी कंपनियां शामिल हैं, जबकि 4 प्राइवेट कंपनियां हैं. भारतीय कंपनियों में टॉप पर रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जो फिलहाल 88वें नंबर पर है. इसके बाद एलआईसी का नंबर आता है जो 95वें पायदान पर हैं और इंडियन ऑयल 127वें नंबर पर काबिज है. इन कंपनियों के अलावा एसबीआई, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स, बीपीसीएल और आईसीआईसीआई बैंक भी इस लिस्ट में शामिल हैं.
500 कंपनियों ने कितना पैसा बनाया
फॉर्च्यून-500 की लिस्ट में शामिल दुनिया की सभी कंपनियों ने पिछले साल कुल मिलाकर 43.1 ट्रिलियन डॉलर का रेवेन्यू कमाया है. इस लिस्ट में अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन टॉप पर रही है. भारतीय कंपनियों की बात करें तो अभी इसमें 9 कंपनियां ही शामिल हैं और पीएम मोदी ने 10 साल में यह संख्या 5 गुना से भी ज्यादा बढ़ाकर 50 करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए कॉरपोरेट जगत में लगातार ग्रोथ की जरूरत है.
बड़े बैंक बनाने का भी लक्ष्य
पीएम मोदी ने फॉर्च्यून-500 में 50 देसी कंपनियों को शामिल करने का लक्ष्य तो रखा ही है, साथ ही दुनिया के बड़े बैंकों की लिस्ट में भारत के बैंकों को शामिल करने का भी लक्ष्य रखा है. एसएंडपी ग्लोबल मार्केट की ओर से अप्रैल 2026 में जारी लिस्ट में इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चीन पहले पायदान पर था. इस बैंक का कुल एसेट 7.65 ट्रिलियन डॉलर बताया जाता है. इतना ही नहीं, अगले तीन पायदान यानी 2,3 और 4 नंबर पर भी चीन के ही बैंक हैं. इन पर एग्रीकल्चर बैंक ऑफ चाइना, चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक और बैंक ऑफ चाइना का नाम आता है.
किस देश की सबसे ज्यादा कंपनियां
फॉर्च्यून-500 की लिस्ट में सबसे ज्यादा नाम अमेरिकी कंपनियों का ही शामिल है. इस बार की लिस्ट में भी अमेरिका की 141 कंपनियां शामिल हैं तो चीन की 122 कंपनियों का नाम है. इसके अलावा जापान की 40, जर्मनी की 28 और फ्रांस की 24 कंपनियों के नाम इस लिस्ट में हैं. ब्रिटेन की 21, कनाडा की 14, दक्षिण कोरिया की 13 और स्विट्जरलैंड की 12 कंपनियों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं. फिर नंबर आता है भारत का, जहां 9 कंपनियों को इसमें जगह मिली हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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