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Guruvayur Temple Marriage Record: केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में रविवार को महज सात घंटे (सुबह 4:10 से दोपहर 12:45) में रिकॉर्ड 416 शादियां संपन्न हुईं. मलयम महीने चिंगम के पहले रविवार के शुभ अवसर पर बनी इस रिकॉर्ड संख्या ने 8 सितंबर 2024 के 334 शादियों के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया. मंदिर में छह मंडप बनाए गए थे जहां हर घंटे 60 से ज्यादा शादियां कराई गईं. भीड़ नियंत्रण के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे.
मंदिर में शादियों का नया रिकॉर्ड बना गया है. (File Photo)
केरलम के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया है. मंदिर में महज सात घंटे के भीतर रिकॉर्ड 416 शादियां संपन्न हुईं. मंदिर देवस्वोम बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार यह इस मंदिर के इतिहास में एक सिंगल दिन में हुई शादियों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. मलयम कैलेंडर के अनुसार चिंगम महीने का पहला रविवार विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. इसी वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं और विवाह करने वाले जोड़ों की भारी भीड़ उमड़ी. इससे पहले मंदिर में एक दिन में सबसे ज्यादा 334 शादियों का रिकॉर्ड था जो 8 सितंबर 2024 को बना था. रविवार को स्पॉट बुकिंग सहित कुल 442 शादियों का शेड्यूल तय किया गया था.
सुबह 4:10 बजे से शुरू हुआ शादियों का सिलसिला
विवाह की रस्में तड़के मंदिर के पूर्वी द्वार पर स्थित पहले मंडप में देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष ए. वी. गोपीनाथ द्वारा दीप प्रज्वलित करने के साथ शुरू हुईं. इसके बाद सुबह 4:10 बजे से शादी की रस्में शुरू हुईं जो दोपहर 12:45 बजे तक लगातार चलती रहीं. बीच में सिर्फ उषापूजा और पंथीराडी पूजा के समय मंदिर के कपाट बंद रहने के कारण कुछ समय के लिए विराम लिया गया. दिन की पहली शादी थलास्सेरी के अर्णव मोहन कुमार और पझयंगडी की विद्या आनंद राज के बीच पारंपरिक संगीत के बीच संपन्न हुई जिसके बाद बाकी के मंडपों में भी शादियां शुरू कराई गईं.
सुरक्षा, पुलिस बल और खास इंतजाम
भीड़ को संभालने के लिए मंदिर परिसर में छह विशेष मंडप तैयार किए गए थे. ओवरक्राउडिंग रोकने के लिए हर दूल्हा-दुल्हन के साथ आने वाले मेहमानों की संख्या 24 तय की गई थी. अधिकारियों के मुताबिक हर घंटे 60 से अधिक शादियां कराई गईं.
देवस्वोम चेयरमैन ए. वी. गोपीनाथ ने बताया:
• भीड़ नियंत्रण: 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.
• इमरजेंसी मेडिकल सेवा: एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया था.
• फायर ब्रिगेड: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर एंड रेस्क्यू टीम भी तैनात रही.
चेयरमैन ने इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड का श्रेय गुरुवायूर के स्थानीय लोगों और आम श्रद्धालुओं के सहयोग को दिया जिन्होंने पाबंदियों के बावजूद व्यवस्था बनाए रखने में मदद की.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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