नई दिल्ली (High Paying Jobs after BTech). 12वीं के बाद बीटेक यानी बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी देश के सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद डिग्री कोर्सेज में से एक माना जाता है. हर साल लाखों स्टूडेंट्स इस उम्मीद के साथ इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लेते हैं कि पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें अच्छी कंपनी में शानदार पैकेज वाली नौकरी मिल जाएगी. लेकिन बीटेक की डिग्री मिलते ही अक्सर मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर उन्हें किस तरह की नौकरी मिलेगी और करियर का रास्ता किस तरफ जाएगा.
बीटेक से कौन सी नौकरी मिलती है?
अगर आप इस साल या अगले साल बीटेक की तैयारी कर रहे हैं तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि 4 साल बाद नौकरी कहां मिलेगी. इससे करियर ग्राफ स्पष्ट रहता है.
1. सॉफ्टवेयर और आईटी सेक्टर की नौकरी
अगर आपने बीटेक कंप्यूटर साइंस (CSE) या आईटी (IT) से किया है तो आईटी सेक्टर रेड कारपेट बिछाकर तैयार रहता है. इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब डेवलपर, डेटा एनालिस्ट, क्लाउड इंजीनियर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जैसे प्रमुख पद शामिल हैं. यहां शुरुआती सैलरी ही काफी आकर्षक मिलती है.
2. कोर इंजीनियरिंग (मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल)
अगर आपकी ब्रांच कोर रही है तो आप मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और पावर प्लांट्स में जॉब कर सकते हैं. मैकेनिकल इंजीनियर, सिविल साइट इंजीनियर, डिजाइन इंजीनियर और क्वॉलिटी एश्योरेंस मैनेजर जैसे रोल कोर बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स को आसानी से मिलते हैं.
3. बीटेक के बाद सरकारी नौकरी
बीटेक की डिग्री के बाद सरकारी नौकरी पाने के बेहतरीन मौके होते हैं. GATE परीक्षा के जरिए BHEL, NTPC, IOCL जैसी बड़ी PSU कंपनियों में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बन सकते हैं. इसके अलावा रेलवे (RRB JE/SSE), रक्षा सेवाएं (CDS/SSC Tech) और UPSC की भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में जाने का विकल्प खुला रहता है.
4. नॉन-टेक्निकल और मैनेजमेंट रोल्स
अगर आपका रुझान कोडिंग या कोर साइट वर्क में नहीं है तो बिजनेस एनालिस्ट, प्रोडक्ट मैनेजर, कंसलटेंट या डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट जैसे नॉन-टेक रोल्स में भी कदम रख सकते हैं. टेक बैकग्राउंड होने के कारण कई कंपनियां ऐसे स्टूडेंट्स को प्राथमिकता देती हैं.
बीटेक के बाद सैलरी कितनी मिलेगी?
बीटेक के बाद सैलरी इंजीनियरिंग कॉलेज की रेटिंग, ब्रांच और स्किल्स पर निर्भर करती है. किसी एवरेज कॉलेज से बीटेक कोर्स करने पर शुरुआती पैकेज 3 से 6 लाख रुपये सालाना (LPA) तक मिल सकता है, जबकि आईआईटी या एनआईटी से निकलने वाले स्टूडेंट्स को 12 से 30 लाख रुपये सालाना या उससे भी अधिक का पैकेज मिलता है.