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IMD Weather Arabian Sea Low Pressure: झुलसाती गर्मी से बेहाल लोगों के लिए मौसम विभाग (आईएमडी) ने कुछ राहत वाली बात बताई हैं. एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके भीषण लू की चपेट में हैं, वहीं पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के दस्तक देने से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम सुहाना होने वाला है. इसके अलावा, अंडमान तट पर मानसून 23-24 मई को समय से पहले पहुंच सकता है. हालांकि, अरब सागर में बन रहे एक लो-प्रेशर सिस्टम के कारण केरल में मानसून की एंट्री में थोड़ी देरी की आशंका भी जताई गई है. दूसरी तरफ, बिहार और ओडिशा में तूफानी बारिश का अलर्ट है.
उत्तर भारत तो भीषण गर्मी से जूझ रहा है. पारा धर्राटे काटते हुए 45 डिग्री सेल्सियस से पार चला गया है, कहीं-कहीं तो 48 को पार कर गया है. मैदानी इलाकों में आसमान से आग बरस रही है और लोग बारिश की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. इसी बीच, मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने राहत देने वाली कुछ अहम जानकारियां साझा की हैं. जहां एक तरफ मैदानी राज्यों में चिलचिलाती धूप का कहर जारी है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर मौसम ने करवट ले ली है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है. इसके अलावा, अरब सागर में बन रहे दबाव और अंडमान में मानसून की संभावित एंट्री को लेकर भी अहम अपडेट सामने आया है.
भीषण गर्मी के बीच जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए मौसम विभाग ने सबसे बड़ी खुशखबरी दी है. यहां शुक्रवार से हीटवेव की कोई चेतावनी नहीं है. दरअसल, हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने दस्तक दे दी है. इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में आज से ही बारिश और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो जाएगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल और बड़ी राहत मिलेगी. पर्यटकों के लिए भी यह एक शानदार खबर है.
जम्मू-कश्मीर की तरह ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निवासियों और वहां जाने वाले पर्यटकों के लिए भी अच्छी खबर है. शुक्रवार को इन दोनों पहाड़ी राज्यों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी. मैदानी इलाकों की तपन से दूर, यहां का मौसम बेहद सुहाना हो जाएगा. हालांकि मैदानी इलाकों में इसका खास असर नहीं दिखेगा, लेकिन पहाड़ों पर रहने वालों को हीटवेव के प्रकोप से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा. यह राहत लंबे समय तक बनी रह सकती है.
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गर्मी से राहत के साथ-साथ कुछ राज्यों में तूफानी बारिश का भी अलर्ट है. आईएमडी ने बिहार के दरभंगा, मधुबनी और सीतामढ़ी जिलों के लिए ‘रेड वार्निंग’ जारी की है. अगले कुछ घंटों में यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की भारी बारिश भी हो सकती है. लोगों को पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सख्त हिदायत दी गई है.
बिहार के कई अन्य जिलों में भी मौसम करवट ले रहा है, जिससे गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. अररिया, भागलपुर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल जिलों के लिए मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी.
पूर्वी भारत में भी बादलों का डेरा देखने को मिलेगा. ओडिशा के मयूरभंज जिले में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा, सिक्किम के गंगटोक, ग्यालशिंग, मंगन, नामची, पाक्योंग और सोरेंग जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। इससे इन क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी से लोगों को भारी राहत मिलेगी और मौसम एकदम खुशनुमा बन जाएगा.
केरल में मानसून की दस्तक को लेकर मौसम विज्ञानी अरब सागर पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. वर्तमान में अरब सागर में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low-pressure area) बन रहा है. अगले 24 घंटों की निगरानी बहुत महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसी दौरान हवाओं का पैटर्न तय होगा. अगर यह सिस्टम मजबूत होता है, तो यह पश्चिमी तट से दूर सोमालिया, यमन और ओमान की तरफ बढ़ सकता है, जिससे वहां भविष्य में तूफानी हालात पैदा हो सकते हैं.
मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी और उम्मीद जगाने वाली खबर है. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तटों पर इस साल मानसून अपने तय समय से दो-तीन दिन पहले ही दस्तक दे सकता है. उम्मीद जताई जा रही है कि 23 या 24 मई के आसपास ही अंडमान में झमाझम मानसूनी बारिश शुरू हो जाएगी, जो देश के बाकी हिस्सों के लिए भी एक बहुत शुभ संकेत माना जा रहा है.
मैदानी इलाकों में अभी हीटवेव से पूरी तरह राहत नहीं मिली है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के मैदानी हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, पूर्वी यूपी के दक्षिणी हिस्सों, पश्चिमी यूपी के उत्तरी हिस्सों और विदर्भ के कुछ इलाकों के लिए अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. लोगों को खुद को हाइड्रेटेड रखने, घरों में रहने और तेज धूप से बचने की सख्त सलाह दी गई है.
अरब सागर में बन रहे इस लो-प्रेशर सिस्टम का सीधा असर केरल के मानसून पर पड़ सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम लक्षद्वीप और केरल-कर्नाटक तट के पास मानसून के लिए जरूरी ‘पश्चिमी हवाओं’ के प्रवाह को कमजोर कर सकता है. अगर ऐसा होता है, तो केरल में मानसूनी बारिश की गतिविधियां शुरुआत में थोड़ी कमजोर पड़ सकती हैं और मानसून के आगमन में हल्की देरी भी हो सकती है. अगले 48 घंटे में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी.
पहाड़ों और पूर्वी भारत में जहां राहत की खबर है, वहीं राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा. मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. आने वाले 6 से 7 दिनों तक यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार ही रहने का अनुमान है. हालांकि, देश के अन्य हिस्सों में बन रहे वेदर सिस्टम के बाद उम्मीद है कि जल्द ही मैदानी इलाकों में भी मौसम में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.