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Jharkhand Mineral Amendment Bill News: JMM ने केंद्र के नए खनिज संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया है. इसे काला कानून बताया. पार्टी महासचिव विनोद पाण्डेय ने कहा कि इससे झारखंड को 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. JMM ने आर्थिक नाकेबंदी और राष्ट्रपति से मुलाकात की चेतावनी दी.
JMM ने केंद्र के नए खनिज संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया है.
रांची: झारखंड की खनिज संपदा और राज्य के वित्तीय अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बीच तल्खी बेहद बढ़ गई है. पार्टी के महासचिव विनोद पाण्डेय ने रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित कराए गए नए खनिज संशोधन विधेयक का तीखा विरोध किया है. उन्होंने इस विधेयक को ‘काला कानून’ करार देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि राज्य के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके खिलाफ JMM चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी.
राज्यसभा से पारित विधेयक पर उठाए गंभीर सवाल
JMM महासचिव विनोद पाण्डेय ने कहा कि 12 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक सीधे तौर पर देश के समृद्ध खनिज संपदा वाले राज्यों जैसे झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और ओडिशा की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार करता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से सीधे सवाल दागे. इसमें वित्तीय अध्ययन पर सवाल करते हुए कहा कि क्या इस संशोधन विधेयक को लाने से पहले प्रभावित राज्यों की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभावों का कोई विस्तृत अध्ययन कराया गया है? क्या केंद्र ने झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और ओडिशा जैसे प्रभावित राज्यों से कोई औपचारिक राय-मशविरा किया था? जब इस विधेयक से राज्यों को हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, तो उसकी भरपाई कौन करेगा? खनिज झारखंड की धरती का है, तो उस पर फैसला लेने का अधिकार केंद्र में बैठे लोगों को कैसे हो सकता है? यह तानाशाही फैसला राज्य की जनता को स्वीकार्य नहीं है.
झारखंड पर पड़ेगा 15,000 करोड़ का नुकसान, बकाया भी बढ़ा
विनोद पाण्डेय ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस विधेयक के लागू होने से झारखंड को सीधे तौर पर 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का भारी नुकसान झेलना पड़ेगा. इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार पर बकाया राशि को लेकर भी बड़ा हमला बोला. उन्होंने बताया कि केंद्र के पास झारखंड का बकाया जो पहले 1,36,000 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर 1,60,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है.
जनकल्याणकारी योजनाओं पर संकट की आशंका
JMM महासचिव ने चिंता व्यक्त की कि इस आर्थिक नुकसान से राज्य सरकार द्वारा संचालित कई महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती हैं. इसमें मंईया सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सर्वजन पेंशन योजना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी कल्याणकारी योजनाएं शामिल है.
JMM की बड़ी चेतावनी: सड़क से लेकर राष्ट्रपति भवन तक संघर्ष
केंद्र के इस कदम के खिलाफ JMM ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है. पार्टी इस काले कानून के खिलाफ पूरे राज्य में सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगी. विनोद पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि अगर केंद्र ने फैसला वापस नहीं लिया तो झारखंड से खनिज संपदा को राज्य के बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. जरूरत पड़ने पर राज्य में आर्थिक नाकेबंदी भी की जाएगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि JMM को 1980 के दशक वाले आक्रामक आंदोलन के दौर में जाने के लिए मजबूर न किया जाए. हम अपना हक छीनने नहीं देंगे और इसके लिए किसी भी हद तक जाएंगे. बातचीत का रास्ता खुला रखते हुए पार्टी जल्द ही इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेगी.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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