कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित मिटको कॉलोनी में गुरुवार को एक महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। महिला का शव घर में पड़ा था और स्कूल से वापस आने पर बेटे ने सबसे पहले लाश देखी।
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मृतका की पहचान 30 वर्षीय नेहा राज के रूप में हुई है, जो शंभू राणा की पत्नी थीं। नेहा ने 6 साल पहले शंभू राणा से प्रेम विवाह किया था। घटना का खुलासा तब हुआ, जब नेहा राज का बेटा दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल से घर लौटा।
कमरे में प्रवेश करते ही उसने अपनी मां को खून से लथपथ देखा और चीखते हुए घर से बाहर भागा। उसकी चीख सुनकर पड़ोसी जमा हो गए। पड़ोसियों ने बच्चे से जानकारी ली, जिसने बताया कि उसकी मां के गले से खून बह रहा है और वह बोल नहीं पा रही है।

नेहा का शव बेड के नीचे मिला।
फैक्ट्री से कॉपी पहुंचाने बाजार गए थे पति
इसके बाद पड़ोसियों ने नेहा के पति शंभू राणा को सूचना दी, जो उस समय अपनी फैक्ट्री से कॉपी पहुंचाने एक दुकान पर गए हुए थे। सूचना मिलते ही शंभू ने अपने साथियों को जल्द से जल्द घर पहुंचने को कहा।
उमेश पंडित समेत अन्य पड़ोसी तुरंत शंभू के घर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि नेहा का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था और काफी खून बह रहा था। पड़ोसियों ने तत्काल महिला को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा थाना प्रभारी सदर अस्पताल पहुंचे और जांच शुरू कर दी। एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे और मामले की छानबीन में जुट गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला लग रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। मृतका के परिजनों से इस मामले में पूछताछ की जा रही है। जो भी इस मामले में लिप्त होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

रोते-बिलखते परिजन।
मायके वालों को शादी से थी आपत्ति
बताते चलें कि नेहा राज का मायके झुमरीतिलैया के पानी टंकी रोड में स्थित है। उसने 2017 में अपने मायके वालों के इच्छा के विरुद्ध जाकर बेकोबार निवासी शम्भू राणा से प्रेम विवाह किया था।
बताते चलें कि उनके इस विवाह से नेहा के मायके वाले नाराज थे। शादी के बाद वह अपने पति के साथ मिटको कॉलोनी में ही रहती थीं। वे अपने पीछे एक पुत्र तथा एक पुत्री छोड़ गई हैं।
कॉपी बनाने का था कारोबार
बताते चलें कि नेहा राज मिटको कॉलोनी में ही अपने पति के साथ मिलकर कॉपी बनाने का बिजनेस करती थी। नेहा फैक्ट्री की देखरेख करती थीं, जबकि शम्भू मार्केटिंग का कार्यभार संभालते थे।
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कोडरमा सदर प्रखंड की बेकोबार अंश पंचायत निवासी नेहा राज स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। वह अपने पति के साथ मिलकर कॉपी बनाने और बाइंडिंग का व्यवसाय करती हैं, जिससे उन्हें सालाना 18 लाख रुपए तक की आमदनी हो रही है।
नेहा अब अन्य महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। नेहा ने लॉकडाउन के वक्त 50 हजार रुपए की सीएलएफ (CLF) राशि और 1 लाख रुपये का बैंक ऋण लेकर कॉपी मेकिंग और बाइंडिंग का अपना व्यवसाय शुरू किया। पढ़िए पूरी खबर…