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नीट परीक्षा लीक मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाला मामला सामने आया. आरोपियों की ओर से एक वकील कोर्ट के सामने पेश हो गए. वे बिना कोर्ट की गाउन में पहुंच गए थे. यह देखकर जज भी चौंक उठे.
सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी नीट पर सुनवाई्..
सुप्रीम कोर्ट में NEET-UGC पेपर लीक से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई जब अदालत ने वकील की पहचान पर सवाल उठा दिए. सुनवाई के बीच जज ने सीधे आरोपियों से पूछ लिया कि क्या वे उस वकील को पहचानते हैं, जो उनकी ओर से पेश हो रहा था. फिर जो हुआ वो और भी चौंकाने वाला था.
सूत्रों के अनुसार, यह मामला तीन आरोपियों से जुड़ा हुआ है, जिनकी तरफ से वीपी सिंह नाम के वकील अदालत में पेश हुए थे. लेकिन उनकी वेशभूषा देखकर जज साहब हैरान रह गए. न तो उन्होंने अदालत का ड्रेस गाउन पहना था और ना ही उन्होंने कोर्ट की प्रक्रिया का पालन किया था.
जब आरोपी से जज ने पूछा
सुनवाई के दौरान जज ने सीधे आरोपियों में से एक मंगीलाल बिवाल को बुलाकर उनसे सीधा सवाल किया, क्या आप इन वकील साहब को पहचानते हैं? आरोपी कुछ बोल नहीं पाए. इसके बाद कोर्ट को शक हुआ. पूछा कि क्या बिना अनुमति के वकील साहब ने कोर्ट के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. जज ने स्पष्ट किया कि यदि किसी वकील को आधिकारिक रूप से पक्षकारों की ओर से पेश होना है, तो उसे कोर्ट से आवश्यक अनुमति लेनी चाहिए और प्रक्रिया का पालन करना चाहिए.
वकील मुहैया कराने को कहा
कोर्ट में यह भी चर्चा हुई कि यदि किसी आरोपी के पास निजी वकील उपलब्ध नहीं है, तो क्या अदालत की ओर से सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाए. यह विकल्प भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत हर आरोपी का मौलिक अधिकार माना जाता है, ताकि किसी भी व्यक्ति को उचित कानूनी सहायता से वंचित न रखा जाए. बाद स्थिति को संभालते हुए अदालत ने एक अन्य सरकारी वकील को आरोपियों की ओर से पेश होने के लिए नियुक्त करने का निर्देश दिया, ताकि सुनवाई प्रक्रिया आगे बाधित न हो और सभी पक्षों को कानूनी प्रतिनिधित्व मिल सके.
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