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Rahul Gandhi visit Viral hawker Irfan: स्मार्टफोन के गूगल वॉयस कमांड से संविधान सीखकर जंतर-मंतर आंदोलन में छाए फेरीवाले मोहम्मद इरफान की समझ के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कायल हो गए हैं. कभी स्कूल न जाने वाले इरफान की बेबाक सोच और मजदूरों के हक में उठाई आवाज से प्रभावित होकर राहुल गांधी खुद उनकी बस्ती पहुंचे. वहां उन्होंने परिवार संग चाय पी, इरफान को संसद का न्योता दिया और प्रियंका गांधी से उनकी फोन पर बात कराई.
राहुल गांधी इरफान के घर मिलने पहुंचे.
नई दिल्ली. दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों के बीच से उठी एक अनोखी आवाज ने देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. कभी स्कूल की दहलीज न लांघने वाले 35 वर्षीय फेरीवाले मोहम्मद इरफान की लोकतंत्र, संविधान और मजदूरों के अधिकारों पर बेबाक समझ सोशल मीडिया पर वायरल है. जिसे जानने के बाद खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उनके हुनर और जज्बे के मुरीद हो गए. स्मार्टफोन पर गूगल वॉयस कमांड के जरिए संविधान की प्रस्तावना से लेकर देश की आर्थिक व्यवस्था का ज्ञान हासिल करने वाले इरफान की इसी प्रतिभा से प्रभावित होकर राहुल गांधी खुद उनकी बस्ती पहुंचे. वहां उन्होंने इरफान के परिवार के साथ बैठकर चाय पी, उन्हें संसद आने का न्योता दिया और मौके पर ही अपनी बहन प्रियंका गांधी से फोन पर उनकी बात भी कराई. ज्ञान और सीखने की ललक की यह ऐसी मिसाल बन गई है, जिसने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी डिग्री या संपन्नता की मोहताज नहीं होती.
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान फेरीवाले मोहम्मद इरफान अचानक सोशल मीडिया पर सनसनी बन गए. वजह थी उनकी लोकतंत्र, संविधान और मजदूरों के अधिकारों पर बेहद परिपक्व और बेबाक समझ. भगत सिंह की कविताओं के माध्यम से उन्होंने देश की जटिल सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में एक टूटे मकान में रहने वाले इरफान रोज बर्फ बेचकर करीब 500 रुपये कमाते हैं. NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन में उन्होंने मजदूरों की न्यूनतम दिहाड़ी, टैक्स प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था पर खुलकर अपनी बात रखी. उनका तर्क था कि 500 कमाने वाला व्यक्ति भी टैक्स भरता है इसलिए उसकी समस्याओं और आत्मसम्मान पर भी बात होनी चाहिए. इरफान के इस तेवर और विचारों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सत्ता के गलियारों तक गूंज उठे.
घर मिलने पहुंचे राहुल गांधी
इरफान की प्रतिभा और विचारों से प्रभावित होकर खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उनकी झुग्गी बस्ती पहुंचे. उन्होंने इरफान और उनके परिवार से मुलाकात की, चाय पी और उनका हालचाल जाना. इस दौरान उन्होंने इरफान को संसद आने का न्योता दिया और फोन पर प्रियंका गांधी से भी बात कराई. तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि इरफान जैसे युवाओं की सोच उनके हालातों की मोहताज नहीं है और सीखने की यही तीव्र ललक भारत की असली ताकत है.
अमूमन किसी बड़े नेता से मिलने पर लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का पिटारा खोलते हैं, लेकिन इरफान ने अपने लिए कुछ मांगने के बजाय सिर्फ इतना कहा, “मेरे लिए कुछ मत कीजिए, बस देश के गरीबों और मजदूरों के हक की लड़ाई लड़िए.” इरफान की इस मांग ने यह साबित कर दिया कि ज्ञान किसी डिग्री का मोहताज नहीं होता.
सवाल-जवाब
फेरीवाले मोहम्मद इरफान बिना स्कूल गए संविधान और लोकतंत्र के बारे में कैसे जान पाए?
इरफान ने स्मार्टफोन के ‘गूगल वॉयस कमांड’ और यूट्यूब को अपना गुरु बनाया और इसी डिजिटल माध्यम से संविधान की प्रस्तावना, अधिकार और राजनीति से जुड़ी जानकारी हासिल की.
मोहम्मद इरफान CJP प्रोटेस्ट के दौरान किस बात को लेकर वायरल हुए थे?
वे NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन में मजदूरों के हक, आत्मसम्मान, GST और 8 घंटे की शिफ्ट के लिए ₹18,000 न्यूनतम वेतन की बेबाक मांग उठाने के कारण वायरल हुए थे.
नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) से मुलाकात के दौरान इरफान ने क्या मांग रखी?
इरफान ने अपने लिए कोई व्यक्तिगत मदद मांगने के बजाय केवल देश के गरीब और मजदूर वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का अनुरोध किया.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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