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MEA on Pakistan Occupied Kashmir Protest: विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में बेकसूर नागरिकों पर ढाए जा रहे अत्याचारों पर कड़ा रुख अपनाया. इन विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए जारी दमनकारी कार्रवाई में 40 से अधिक आम नागरिकों की मौत हो चुकी है. भारत ने पाक रक्षा मंत्री द्वारा नागरिकों को दुश्मन बताने की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की.
भारत ने पाकिस्तान की क्लास लगाई.
नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में भारत ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के गंभीर हालात पर पाकिस्तान सरकार और वहां के सैन्य तानाशाहों को जमकर लताड़ लगाई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की हुकूमत पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष नागरिकों पर निर्मम और दमनकारी बल का प्रयोग कर रही है. इस हिंसक कार्रवाई में अब तक 40 से अधिक आम नागरिकों की दुखद मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं. भारत ने पाकिस्तान के रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि पीओके के लोगों के प्रति पाकिस्तानी सत्ता की बेरुखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां के रक्षा मंत्री ने अपने ही अधिकार मांगने वाले नागरिकों को दुश्मन करार दे दिया है.
पीएम सलाहकार ने कबूली मुजाहिद्दीन वाली सच्चाई
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक ने सार्वजनिक तौर पर यह कबूल किया है कि भारत के खिलाफ इस्तेमाल के लिए जिस मुजाहिद्दीन तंत्र को उन्होंने खुद ट्रेनिंग दी, हथियार दिए और बढ़ावा दिया, अब वही उनके खिलाफ हथियार उठाकर चुनौती बन चुके हैं. हाल ही में हुए तथाकथित चुनावों में भी पीओके की जनता ने पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की मांग
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दमनकारी शासन झेल रहे पीओके के नागरिकों ने गैर-कानूनी हत्याओं की स्वतंत्र जांच के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है. भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान की इन अमानवीय गतिविधियों की बारीकी से जांच करे और वहां हो रहे अत्याचारों के लिए इस्लामाबाद को जवाबदेह ठहराए.
रूसी सेना से 139 भारतीय रिहा
विदेश मंत्रालय ने रूसी सेना में शामिल भारतीयों की वापसी पर भी महत्वपूर्ण अपडेट दिया. सरकार के निरंतर कूटनीतिक प्रयासों के चलते अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से सुरक्षित रिहा करा लिया गया है. प्रवक्ता ने बताया कि बाकी बचे लगभग दो दर्जन (24) भारतीयों की जल्द रिहाई के लिए भी रूसी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत चल रही है. इसके साथ ही सरकार ने नागरिकों को धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों और जोखिम भरे जॉब ऑफर से सतर्क रहने की चेतावनी दी है.
अमेरिकी टैरिफ पर भारत की नजर
अमेरिका द्वारा 100 प्रतिशत प्रस्तावित टैरिफ और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत ने अपनी स्थिति साफ की. MEA ने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा नीति पूरी तरह देशवासियों की जरूरतों पर आधारित है. भारत कई देशों से ऊर्जा स्रोतों की खरीद करता है जिसमें अमेरिका भी शामिल है. भारत अमेरिकी सरकार की हर गतिविधि पर बारीक नजर बनाए हुए है.
संसद में MEA की जानकारी
विदेश मंत्रालय ने संसद में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले 5 वर्षों में वैश्विक संकटों के दौरान विदेशों से 32,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है.
पश्चिम एशिया संकट: इस वर्ष पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद भारतीय मिशनों की मदद से 40 लाख से ज्यादा नागरिक स्वदेश लौटे, जिनमें अकेले कतर से लगभग 1 लाख भारतीय वापस आए. इरान संकट: वर्ष 2026 में अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान ईरान से 2,557 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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