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RK Sinha Death Reason: भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद और सिक्योरिटी कंपनी एसआईएस (SIS) के संस्थापक आरके सिन्हा का शुक्रवार को निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से बीमार थे और उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी हुआ था. उनका पूरा नाम रविंद्र किशोर सिन्हा था. उनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले के बहियारा गांव में हुआ था. उनके निधन से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर है.

आरके सिन्हा का निधन कैसे हुआ, BJP के पूर्व सांसद को क्या हुआ था?Zoom

आरके सिन्हा का निधन आज हो गया. (फेसबुक वॉल से फोटो)

RK Sinha Death News: BJP के पूर्व सांसद आरके सिन्हा अब इस दुनिया में नहीं रहे. सिक्योरिटी कंपनी एसआईएस के संस्थापक आरके सिन्हा यानी रवींद्र किशोर सिन्हा का आज यानी शुक्रवार को निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली आवास पर अंतिम सांस ली. वह लंबे वक्त से बीमार था. उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी हुआ था. पूर्व राज्यसभा सांसद और एसआईएस कंपनी के संस्थापक का जन्म भोजपुर जिले के बहियारा गांव में हुआ था. उनके निधन से देश में शोक की लहर है.

फिलहाल, उनका निधन कैसे हुआ? इसे लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि, सूत्र बताते हैं कि आरके सिन्हा लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. वह उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रसित थे. बीते कुछ समय पहले उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था. इसके बाद आरके सिन्हा लंबे वक्त कोमा में रहे. इसके बाद आज उनका निधन हो गया. फिलहाल, उनके पार्थिव शरीर को पटना ले जाने की तैयारी है.

रवींद्र किशोर सिन्हा ने पटना में एक पत्रकार के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. तब वे महीने के लगभग 250 रुपये कमाते थे. पांच दशक से भी अधिक समय बाद उनके द्वारा खड़ी की गई कंपनी एक लिस्टेड बिजनेस बन गई है, जिसका कुल रेवेन्यू लगभग 16,000 करोड़ रुपये है.

आरके सिन्हा ने 1974 में पटना में ‘सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज’ (SIS) की स्थापना की थी. यह विचार समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के एक सुझाव से आया था, जिन्होंने सिन्हा को सेना से रिटायर हुए लोगों को सिक्योरिटी गार्ड के रूप में रोजगार दिलाने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया था.

बाद में आरके सिन्हा ने बताया कि शुरुआत में वे इस काम को किसी बिजनेस की शुरुआत के बजाय एक समाज सेवा के रूप में देखते थे. लेकिन जैसे-जैसे संगठन का विस्तार हुआ और उसने ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और स्टैंडर्ड ऑपरेशंस (मानकीकृत कार्यप्रणाली) के लिए सिस्टम बनाना शुरू किया, तो यह सोच बदल गई.

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शंकर पंड‍ित

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…

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