नई दिल्ली. बड़े अरमानों के साथ लॉन्च हुए कॉकरोच पार्टी के आंदोलन के साथ बीते कुछ दिनों में ऐसा कांड हुआ कि अब खत्म कब होगा और कैसे होगा कि बातें होने लगी हैं.. लेकिन जैसे किसी फिल्म में क्लाइमेक्स आता है वैसे ही इस आंदोलन का क्लाइमेक्स आज आ गया जब इस कहानी में पहली बार खुलकर केजरीवाल की इंट्री हो गई..ोखुलकर इस लिए कहा जा रहा है क्योंकि इससे पहले भी कॉकरोच पार्टी वाले दीपके और उनकी टीम को केजरीवाल की ही टीम बताया जाता रहा है.. उनका कनेक्शन बताया जाता रहा है लेकिन आज केजरीवाल खुलकर इस आंदोलन के मंच पर आ गए.
केजरीवाल के इस मंच पर आते क्या क्या हुआ आज आपको देखना चाहिए…
क्या केजरीवाल सोनम वांगचुक को नया अन्ना बनाएंगे या आंदोलन के एग्जिट का रास्ता बताएंगे. आज उस सीक्रेट प्लान के बारे में आपको बताऊंगा. इतना ही नहीं.. अब तो कॉकरोच पार्टी वालों के आंदोलन में एक के बाद एक इंडी के नेता, मोदी विरोधी और आंदोलनजीवी जिस तरह से पहुंचने लगे. वो सब पब्लिक को साफ दिख रहा है कि आखिर चल क्या रहा है.
डिंपल यादव से लेकर राकेश टिकैत तक.. सब पहुंच गए आज.. उमर अब्दुल्ला सपोर्ट में उतर आए हैं, कपिल सिब्बल बोल रहे हैं… पूरी पॉलिटिक्स आज आपके सामने खोलकर रख दूंगा.. साथ ही.. इस पॉलिटिक्स के बीच कॉकरोच वालों का कौन सा झूठ पकड़ा गया…
वांगचुक की भूख हड़ताल पर कैसे खुद वांगचुक और कोर्ट.. दोनों ने अभिजीत दीपके को एक्सपोज कर दिया आज आपको ये भी दिखाएंगे..
जब इंडी के सारे साथी कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में लगे हैं.. कांग्रेस कहां अलग थलग पड़ी है..
बुधवार को पीएम मोदी की मैराथन मीटिंग के बाद गुरुवार को सोनिया गांधी ने भी मीटिंग की है उसके बारे में बताऊंगा कि अकेले पड़ी कांग्रेस क्या करने वाली है.
केजरीवाल कैसे कॉकरोच के मंच पर जाकर फंस गए क्योंकि ये वही केजरीवाल हैं जो आजकल राम मंदिर का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन राम का अपमान करने वालों के लिए तालियां बजाने वालों को कैसे गले लगा रहे हैं. आपको ये सब दिखाऊंगा.
लेकिन पहले जो गदर मचा है, उसका एक ट्रेलर देख लीजिए
वांगचुक की हालत पर कोर्ट ने चिंता जताई
वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन
वांगचुक पर सरकार का पहला रिएक्शन
डॉक्टर स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं- सरकार
जरूरत पड़ने पर उचित इलाज दिया जाएगा- सरकार
19 दिनों से सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे
कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध-प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
विपक्षी नेताओं से समर्थन की अपील
सोनम वांगचुक, एक्टिविस्ट – मेरी हालत कुछ ऐसी भी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊँ.
कपिल सिब्बल, राज्यसभा सांसद – प्रधान जी कभी इस्तीफा नहीं देंगे, ना सरकार इनको कहेगी कि इस्तीफा दो.
उमर अब्दुल्ला,सीएम, जम्मू-कश्मीर – सोनम वांगचुक के साथ अभी तक बातचीत करने की कोशिश नहीं की गई. अब आगे हुकूमत का क्या रवैया रहेगा, हम नहीं जानते.
सोनाक्षी सिन्हा, एक्ट्रेस – वो सच के लिए, कुछ अच्छे के लिए लड़ रहे हैं. पर कोई सुन क्यों नहीं रहा?
सिंगर विशाल ददलानी – मेरा आपसे विनती है कि अनशन तोड़ दें. मेरी सरकार से विनती है कि उनकी बात सुन लें.”
अरविंद केजरीवाल, AAP – “कॉकरोच आंदोलन की बात सुन लो, सोनम वांगचुक की बात सुन लो. नहीं तो आज से 3 साल बाद आपका भी वही हाल होगा, जो 2014 में इनका हुआ था.”
जब से कॉकरोच वालों का आंदोलन शुरू हुआ तब से लोग यही कह रहे थे कि ये सब टेक्निक तो केजरीवाल वाली लग रही है. वही जंतर मंतर, वही धरना प्रदर्शन, वही भूख हड़ताल, वही अनशन. लोग ये भी कह रहे थे कि जो लोग कॉकरोच आंदोलन चला रहे हैं, उनमें से कई लोग कहीं ना कहीं केजरीवाल से जुड़े थे. लेकिन केजरीवाल खुद कभी खुलकर सामने नहीं आए और कॉकरोच वालों के मंच पर नहीं गए थे. लेकिन आज पहली बार केजरीवाल खुलकर सामने आ गए और कॉकरोच वालों के मंच पर पहुंच गए.
आप अरविंद केजरीवाल के जंतर मंतर पहुंचने की तस्वीरें देखिए..वो जैसे ही आए उन्होंने अभिजीत दीपके को गले लगा दिया है. वहां मौजूद कॉकरोच पार्टी वाले खुश हो गए
ये तस्वीरें इसलिए मायने रखती है क्योंकि अभिजीत दीपके पर अरविंद केजरीवाल का करीबी होने के आरोप लगते हैं, अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी में काम भी कर चुके हैं.
देखिए कैसे जब केजरीवाल कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके से मिले तो उस वक्त क्या सीन था क्या माहौल था
कुछ दिन पहले की बाइट है
मोदी जी कुछ दिन पहले कहा था
इसके बाद अब सर्टिफिकेट दिया है
अभिजीत दीपके अरविंद केजरीवाल को देखकर कितना खुश और Excited थे ये उनके चेहरे से पता लग रहा था. ऐसा Excitement और ऐसी खुशी किसी दूसरे के आने पर अभिजीत दीपके के चेहरे पर नहीं दिखी. क्योंकि आज केजरीवाल के अलावा दूसरे भी नेता आए थे. जैसे आप देखिए कि डिंपल यादव वहां पर पहुंची थी.
राकेश टिकैत वहां पर पहुंचे थे. आप तीन तस्वीरें देख लीजिए. आपको फर्क दिख जाएगा. कि केजरीवाल से मिलते ही अभिजीत दीपके कैसे खुश दिख रहे हैं. मोबाइल पर वीडियो बना रहे हैं. संजय सिंह से गले मिल रहे हैं.
यही सब तस्वीरें देखकर लोग कह रहे हैं कि कॉकरोच वाले तो केजरीवाल की बी टीम जैसी लग रही है. जबकि कॉकरोच वाले पहले ये कह रहे थे कि ये अपने आंदोलन को राजनैतिक नहीं बनाएंगे, नेताओं को दूर रखेंगे
कॉकरोच वाले इसलिए भी खुश हैं क्योंकि केजरीवाल ने जाते ही इनके लिए माहौल बना दिया. केजरीवाल ने मंच पर जाकर ये कह दिया कि सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बना दो. लेकिन लोग कह रहे हैं कि जब दिल्ली में आपकी सरकार थी तब मनीष सिसोदिया की जगह सोनम वांगचुक को ही शिक्षा मंत्री बना देते.
अभी पंजाब में उनकी सरकार है वहां सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बना दीजिए…अगर नरेंद्र मोदी नहीं बना रहे तो आप बना दीजिए. और लोगों को दिखा दीजिए कि सोनम वांगचुक कैसे शिक्षा मंत्री साबित होंगे..इसकी पंजाब से शुरुआत कीजिए. सुनिए अरविंद केजरीवाल का वो बयान जिस पर नया बवाल मचा है…
अरविंद केजरीवाल, AAP
धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए लेकिन सोनम वांगचुक को देश का एजुकेशन मिनिस्टर बनाना चाहिए. होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? हाथ खड़े करके बताओ मैं प्रधानमंत्री जी को कहना चाहता हूँ. धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाओ. मेरे को पता है, प्रधानमंत्री जी सुनने वाले नहीं हैं. प्रधानमंत्री जी करेंगे नहीं ये. क्यों नहीं करेंगे? उनको डर लगता है, ये सोनम वांगचुक कोई क्रांतिकारी चीज़ न कर दे. 20 तारीख को, मैं सब लोगों से, देश के कोने-कोने में जो लोग सुन रहे हैं, जो लोग सोशल मीडिया पर देखेंगे, जो लोग मीडिया के ज़रिए देखेंगे, सबको अपील करना चाहता हूं ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में यहां पर आइएगा और 20 तारीख के इस आंदोलन को, इनके कॉल को, पार्लियामेंट तक के जो यात्रा है, उसको सफल बनाना है, ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में आना है.
आप देखिए कि ये कितनी बेसिरपैर की बात है कि अगर पंजाब में कोई किसान आंदोलन हो जाए तो क्या केजरीवाल उस आंदोलन के नेता को कृषि मंत्री बना देंगे. कोई स्टूडेंट प्रोटेस्ट हो जाए तो क्या उसके नेता को शिक्षा मंत्री बना देंगे. लेकिन इस तरह की बातें करके केजरीवाल तालियां बटोरने में लगे हैं. केजरीवाल ने मंच ये भी कह दिया कि तीन साल बाद मोदी सरकार चली जाएगी. सुनिए केजरीवाल को
अरविंद केजरीवाल, AAP
मैं यही सोच रहा था. यही जंतर-मंतर था. 4 अप्रैल, 2011 का दिन था. यहां पर अन्ना हजारे बैठे हुए थे, यहां पर सामने. अन्ना हजारे जी बैठे हुए थे. उस वक्त की सरकार को भी बड़ा अहंकार था. तीन साल के बाद, वो सरकार नहीं बची अपने अहंकार की वजह से डूब गई. आज 2026 है. मैं इन लोगों से कहना चाहता हूं, युवाओं की बात सुन लो, कॉकरोच आंदोलन की बात सुन लो, सोनम वांगचुक की बात सुन लो, नहीं तो आज से तीन साल बाद आपका भी वही हश्र होगा जो 2014 में इनका हुआ था. ये भी अभी अहंकार में डूबे हुए हैं बहुत ज़्यादा. इनको भी अक्ल नहीं आ रही. ये भी बहुत ज़्यादा अहंकार में डूबे हुए हैं.
अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि 3 साल बाद मोदी सरकार भी वो हाल होगा जो 2014 में मनमोहन सरकार का हुआ था यानी मोदी सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी. यानी अरविंद केजरीवाल मान रहे हैं कि 3 साल मोदी सरकार रहेगी लेकिन यही केजरीवाल मार्च में भविष्यवाणी कर रहे थे कि
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर 2026 भी पूरा नहीं कर पाएंगे..तब केजरीवाल अपनी पॉलिटिकल समझ का हवाला दे रहे थे सुनिए…
कॉकरोच पार्टी के मंच पर जाकर अरविंद केजरीवाल ने खुद को भी फंसा दिया है..क्योंकि एक तरफ तो अरविंद केजरीवाल आजकल खुद को राम भक्त और सबसे बड़ा सनातनी साबित करने में लगे हैं
दूसरी तरफ वो उस अभिजीत दीपके से मिल रहे हैं जो राम के अपमान पर मंच पर तालियां बजा रहे थे… दरअसल, कॉकरोच पार्टी के मंच पर कॉमेडियन कुणाल कामरा भी गए…कुणाल कामरा ने मंच से भगवान राम का अपमान कर दिया…विवादित बयान दे दिया
कुणाल कामरा ने भगवान राम को सीता का पति कहते हुए गलत लहजे में बात की..और जब कुणाल कामरा ये विवादित बयान दे रहे थे तब बगल में खड़े अभिजीत दीपके ताली बजवा रहे थे.
आप ये भी देखिए कॉकरोच पार्टी से जुड़े लोग भी हिंदू धर्म और देवी देवताओं का अपमान कर चुके हैं. कॉकरोच वाले कभी किसी कॉमेडियन, कभी किसी एक्ट्रेस, और अब केजरीवाल के आने से झूम रहे हैं. लेकिन आज इनका एक बड़ा झूठ भी पकड़ा गया. ये लोग सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर माहौल बना रहे थे कि सोनम वांगचुक की जान खतरे में हैं. भूख हड़ताल से उनकी तबीयत बिगड़ रही है. उन्हें कुछ हो जाएगा
खुद अभिजीत दीपके कह चुके हैं कि वो 3 दिन से सोनम वांगचुक के पीछे पड़े हैं कि अनशन तोड़ दो…क्योंकि उनकी हालत बिगड़ती जा रही है
लेकिन बुधवार को ही सोनम वांगचुक ने खुद ये बात कही है कि उनकी तबीयत इतनी भी खराब नहीं कि वो दो चार दिन में कुछ अनहोनी हो जाएगी… वांगचुक ने कहा कि उनकी मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट नॉर्मल है…अभी वो कुछ और दिन भी ऐसे ही चल सकते हैं
गुरुवार को कोर्ट से भी कॉकरोच वालों को झटका लगा. सोनम वांगचुक की जान को खतरा बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में जो याचिका डाली गई थी उसपर आज सुनवाई हुई..
– याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई
– कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन से बड़ा कुछ नहीं हो सकता
– याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि सरकार वांगचुक को आतंकी की तरह ट्रीट कर रही है
– इसलिए हाईकोर्ट इसमें दखल दे और सरकार पूरी मेडिकल मदद दे
– हालांकि कोर्ट में सरकार के खिलाफ वाला एजेंडा तब फेल हो गया है
– जब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि वांगचुक की हेल्थ की जांच तो पहले से ही सरकारी डॉक्टर कर रहे हैं
– इस पर कोर्ट ने कहा कि वो सरकार के स्टैंड की तारीफ करते हैं
– इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिए कि सरकार वांगचुक की सेहत की नियमित निगरानी कराए
– जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत जरूरी इलाज उपलब्ध कराया जाए
– केंद्र सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया कि डॉक्टर कहेंगे तो वांगचुक की जरूरी मेडिकल मदद के लिए दखल भी देंगे
यानी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर सरकार को भी concern है इसलिए कोर्ट के दखल से पहले ही उनकी जांच सरकारी डॉक्टर कर रहे हैं. और सरकार ने इशारों में ये भी संकेत दे दिए कि अगर डॉक्टर कहेंगे तो उनकी जान बचाने के लिए दखल भी देंगे यानी उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल भी लाया जा सकता है और जबरदस्ती उनके अनशन को तुड़वाया जा सकता है लेकिन उनकी जान को खतरे में नहीं डाला जाएगा.
ऐसा कई दिनों से दिख रहा है कि कॉकरोच वाले अब सोनम वांगचुक को लेकर एक्जिट प्लान ढूंढ रहे हैं.
आप देखिए कि आज सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने को लेकर डिंपल यादव ने चौंकाने वाली बात कह दी.
सोनम वांगचुक से मिलने सपा सांसद डिंपल यादव भी पहुंची थी. डिंपल यादव ने क्या कहा. वो आपको बताएंगे.
लेकिन पहले आप देखिए कि डिंपल यादव जब वहां पर पहुंची तो मंच पर अनाउंसमेंट करने वाले ने कैसे उन्हें गलती से डिंपल कपाड़िया कह दिया. इस तरह की गलतियां हो जाती है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसका मजाक बना रहे हैं,…
उधर डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक से बातचीत की. बातचीत के बाद उन्होंने बड़ा दावा कर दिया कि सोनम वांगचुक 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर देंगे. मंच से डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक की तरफ देखते हुए ये दावा किया कि ये बात खुद सोनम वांगचुक ने उनसे कही है.
डिंपल यादव बड़ी बात कह रही हैं कि आप संसद तक इस लड़ाई को पहुंचाइए और हम संसद में इस लड़ाई को लड़ेंगे
– तो क्या ये माना जाए कि अब कॉकरोच पार्टी अपना मुद्दा विपक्ष के हाथ में सौंप देगी ?
– क्या विपक्ष की पार्टियां और कॉकरोच पार्टी के बीच इसे लेकर कोई डील हो गई है?
– क्या 20 जुलाई के बाद सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और प्रदर्शन दोनों खत्म हो जाएगा?
– क्या कॉकरोच पार्टी ये मुद्दा विपक्ष के हाथ में सौंपकर घर निकल जाएगी?
हालांकि अभिजीत दीपके ने डिंपल यादव के बयान को उनके मुंह पर खारिज कर दिया है. अभिजीत दीपके ये कह रहे हैं कि डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक से रिक्वेस्ट की है. लेकिन अभी सोनम वांगचुक ने कुछ नहीं कहा है…
यानी अभिजीत दीपके ने डिंपल यादव को ही झूठा साबित कर दिया क्योंकि डिंपल यादव तो ये कह रही थी सोनम वांगचुक ने खुद उनसे 20 तारीख को अनशन खत्म करने को कहा है
तो क्या डिंपल यादव को कोई कंफ्यूजन हो गया या फिर सोनम वांगचुक 20 तारीख को अनशन खत्म करना चाहते हैं लेकिन कॉकरोच पार्टी ऐसा नहीं चाहती क्या इस वजह से कंफ्यूजन है
सुनिए अभिजीत दीपके क्या कह रहे हैं
मैम (डिंपल यादव) ने सर (सोनम वांगचुक) से रिक्वेस्ट की है कि 20 तारीख को अपनी भूख हड़ताल को खत्म कीजिए. इसके बाद उनकी पार्टी संसद में इस लड़ाई को आगे लड़ेगी. ऐसा मैम ने रिक्वेस्ट किया है, लेकिन सर (सोनम वांगचुक) ने इस पर अभी तक कुछ नहीं कहा है.
अभिजीत दीपके भले ही 20 तारीख को अनशन खत्म करने की बात को नहीं मान रहे हों लेकिन सोनम वांगचुक ने इसके संकेत कल ही दे दिए थे
आप सोनम वांगचुक का कल का बयान सुनिए…वो कह रहे हैं कि हम सब मिलकर इस मुद्दे को संसद के हवाले कर देंगे.
अगर विपक्ष के हवाले ये मुद्दा कर दिया जाएगा तो फिर कॉकरोच वाले क्या करेंगे. अभी तक ये सोनम वांगचुक को लेकर लगातार माहौल बना रहे हैं और इसमें कोई कमी नहीं रख गए. आप देखिए कि कैसे एक के बाद एक बॉलीवुड के लोग बोल रहे हैं.
ये सब लोग कॉकरोच वालों के मंच पर पहुंच रहे हैं लेकिन वहां पर ये बात अब भी हो रही है कि राहुल गांधी क्यों नहीं आ रहे.
सोनम वांगचुक भी कह चुके हैं कि विपक्षी दलों को साथ आना चाहिए…नहीं तो जनता सब देख रही है.