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Tanvi Sharma Merchant Navy Success Story: 12वीं के बाद नहीं चुनी इंजीनियरिंग-डॉक्टरी,...


नई दिल्ली (Tanvi Sharma Merchant Navy Success Story). 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आते ही देश के ज्यादातर घरों में इंजीनियरिंग, मेडिकल और नामी कॉलेजों की चर्चा शुरू हो जाती है. हर दूसरा स्टूडेंट नीट या जेईई की कोचिंग की तैयारी में जुट जाता है. लेकिन जम्मू-कश्मीर के राजौरी की रहने वाली 18 साल की तन्वी शर्मा ने लीक से हटकर कुछ ऐसा करने का सोचा, जिसकी आम तौर पर कोई उम्मीद नहीं करता. उन्होंने भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय मर्चेंट नेवी को अपने करियर के रूप में चुना.

तन्वी शर्मा का फैसला बिल्कुल सही साबित हो चुका है. 12वीं पास करने के कुछ ही हफ्तों बाद उन्होंने मर्चेंट नेवी की परीक्षा पास कर ली है. मर्चेंट नेवी की तैयारी के लिए आम तौर पर लोग कोचिंग का सहारा लेते हैं. लेकिन तन्वी शर्मा ने ऐसा नहीं किया था. उन्होंने सिर्फ एक महीने की सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया. अब अगस्त से उनकी ट्रेनिंग भी शुरू होने जा रही है. तन्वी शर्मा की सक्सेस स्टोरी पढ़कर जानिए कि मात्र 18 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मेहनत से इतिहास कैसे रचा.

भीड़ से बिल्कुल अलग चुनी राह

स्कूल खत्म करने के बाद तन्वी शर्मा के पास करियर के कई आसान और जाने-पहचाने रास्ते मौजूद थे. उनके नंबर इतने अच्छे थे कि वे आसानी से मेडिकल या इंजीनियरिंग की तरफ कदम बढ़ा सकती थीं. लेकिन वे कुछ अलग करना चाहती थीं. वह बिल्कुल अनोखी पहचान बनाना चाहती थीं. तन्वी शर्मा आने वाली पीढ़ी के सामने मिसाल पेश करना चाहती थीं कि कामयाबी सिर्फ उन्हीं रास्तों पर नहीं मिलती, जहां सब जा रहे हैं. आप चाहें तो लीक से हटकर भी करियर बना सकते हैं.

सिर्फ एक महीने में पलट दी किस्मत

आज के समय में जेईई और नीट जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स को पास करने के लिए स्टूडेंट्स सालों-साल कोचिंग में बिता देते हैं. वहीं तन्वी शर्मा ने सिर्फ अपनी किताबों पर भरोसा किया. उन्होंने महज 1 महीने तक पूरे फोकस के साथ खुद पढ़ाई की. उनका कहना है कि पढ़ाई के घंटों से ज्यादा आपकी लगन मायने रखती है. जब तक आपके अंदर अपने लक्ष्य को पाने की आग और जुनून नहीं होगा, तब तक बाहरी रिसोर्सेस भी आपका भला नहीं कर सकते.

किताबों से बाहर की असल चुनौतियां

मर्चेंट नेवी की परीक्षा पास करना तन्वी के सफर का एक हिस्सा मात्र था. असली परीक्षा तो इसके बाद शुरू हुई. सिलेक्शन के अलग-अलग चरणों के लिए तन्वी शर्मा को अकेले ही देश के कोने-कोने में सफर करना पड़ा. इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के लिए वे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और गोवा जैसे बड़े शहरों में गईं. स्कूल से तुरंत निकली एक लड़की के लिए घर से दूर अनजान शहरों में रहकर खुद को शांत और फोकस्ड रखना बड़ी चुनौती थी. इसे भी उन्होंने बखूबी पार किया.

सफलता के पीछे मां का हाथ

विभिन्न मीडिया इंटरव्यूज में तन्वी शर्मा से पूछा गया कि वह अपनी कामयाबी का श्रेय किसे देती हैं. उन्होंने बिना झिझक अपनी मां का नाम लिया. मर्चेंट नेवी एग्जाम की तैयारी के मुश्किल दिनों से लेकर अलग-अलग शहरों के लंबे और थका देने वाले दौरों तक, तन्वी की मां हमेशा उनके साथ ढाल बनकर खड़ी रहीं. माता-पिता के इसी भरोसे ने तन्वी शर्मा को हर कदम पर हौसला दिया और वह इतनी कम उम्र में अपनी सक्सेस स्टोरी रच पाईं.

शुरू होने जा रहा है नया सफर

अगस्त 2026 में तन्वी शर्मा मर्चेंट नेवी जॉइन करेंगी. उनका यह नया सफर अनुशासन, जिम्मेदारी और रोमांच से भरा होगा. यह नया सफर उनके गृहनगर की सीमाओं से बहुत दूर समंदर की लहरों पर शुरू होगा. तन्वी शर्मा की सक्सेस स्टोरी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो लीक से अलग हटकर नहीं सोच पाते हैं. उन्हें लगता है कि भीड़ के पीछे भागे बिना सफल नहीं हुआ जा सकता. सच तो यह है कि कभी-कभी सबसे खूबसूरत मंजिलें अलग रास्ता चुनने से ही मिलती हैं.

मर्चेंट नेवी में करियर कैसे बनाएं?

मर्चेंट नेवी में करियर की शुरुआत के लिए इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (IMU-CET) पास करना होता है. 12वीं (PCM यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के बाद होने वाली इस प्रवेश परीक्षा में बेसिक साइंस, मैथ्स, इंग्लिश और जनरल एप्टीट्यूड से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. लिखित परीक्षा पास करने के बाद सख्त मेडिकल टेस्ट, फिजिकल फिटनेस स्टैंडर्ड और इंटरव्यू के चरणों से गुजरना पड़ता है. इसके बाद ही मर्चेंट नेवी के प्री-सी ट्रेनिंग कोर्सेज (जैसे DNS या BSc नॉटिकल साइंस) में एडमिशन और शिपिंग कंपनियों में स्पॉन्सरशिप मिलती है.



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