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The 58-km Muri-Chandil railway line will be doubled, and trains will run...



रांची रेल मंडल में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए 58 किमी लंबे मुरी-चांडिल रेलवे लाइन को डबल करने का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। इस रेल लाइन पर 130-140 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन चलेगी।

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वर्तमान में यह सेक्शन सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए कई बार रुकना पड़ता है, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है। परियोजना का डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस परियोजना को मंजूरी मिल जाएगी।

डबल लाइन बनने से इस रूट की सेक्शन क्षमता बढ़ेगी और पैसेंजर ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी। इसके अलावा सिल्ली से ईलू तक नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बाधाएं दूर हो चुकी हैं और पुल निर्माण का काम चल रहा है। लाइन बनने के बाद ट्रेनें मूरी होकर जाने के बजाय सीधे नए रूट से गुजरेंगी। परियोजना रांची, टाटानगर और हावड़ा रूट पर बढ़ते रेल दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

मुरी-बरकाकाना रेलखंड का दोहरीकरण, रांची से दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनों का समय बचेगा

रांची मंडल अंतर्गत मुरी से बरकाकाना रेलखंड का 853 करोड़ रुपए की लागत से दोहरीकरण होगा। परियोजना को लेकर रेलवे ने डीपीआर तैयार कर लिया है। यह रेलवे बोर्ड में है। इसकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है। करीब 58 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के पूरा हो जाने से रांची से दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और लेटलतीफी भी कम होगी। परियोजना के तहत कुल ट्रैक की लंबाई 70.378 किलोमीटर होगी और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे ने इस लाइन को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित करने की योजना बनाई है। इसी कारण ट्रैक को 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम गति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। दोनों परियोजनाओं के तैयार होने के बाद दिल्ली से कोलकाता तक डबल लाइनें हो जाएंगी।

जानें डीपीआर में क्या-क्या

परियोजना की कुल लंबाई 59.490 किलोमीटर निर्धारित

36.09 किलोमीटर हिस्सा झारखंड, 23.40 किमी पश्चिम बंगाल में पड़ेगा

अनुमानित लागत 847.76 करोड़, जबकि एस्केलेशन सहित 897.56 करोड़ रु. तक पहुंच सकती है लागत

3 वर्ष तय की गई है निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा करीब

डबलिंग के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा तक हो सकेगी

मजबूत रेल नेटवर्क के लिए बेहतर इंफ्रा जरूरी: डीआरएम

रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए मजबूत रेल नेटवर्क जरूरी है। इसके लिए डबल लाइन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का होना आवश्यक है। वर्तमान में कई जगह सिंगल लाइन होने से ट्रेनों के परिचालन में दिक्कत आती है और क्रॉसिंग के कारण देरी होती है। रेलवे लाइनों के डबल होने से ट्रेनों का आवागमन अधिक सुगम होगा, समय की बचत होगी और भविष्य में नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता भी खुलेगा।



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