रांची17 घंटे पहले
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तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटे के भीतर ही चुनावी घोषणा पत्र के प्रमुख वादों पर अमल शुरू कर दिया। उनकी सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने और नशे के खिलाफ अभियान शुरू करने जैसे फैसले लिए।
वहीं झारखंड में ‘एक वोट, सात गारंटी’ के सहारे सत्ता में लौटी महागठबंधन सरकार के 18 महीने पूरे होने वाले हैं, लेकिन 450 रुपए गैस सिलिंडर और किसानों को 3200 रुपए एमएसपी जैसे कई बड़े वादे अब भी अधूरे हैं। स्थिति यह है कि अब सरकार के अपने मंत्री राधाकृष्ण किशोर को ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घोषणा पत्र की याद दिलानी पड़ रही है।
झामुमो, कांग्रेस राजद और वामदलों के समर्थन वाले इंडिया गठबंधन ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं, किसानों, युवाओं, आदिवासियों और गरीब परिवारों को केंद्र में रखकर सात बड़ी गारंटियां घोषित की थीं। सत्ता में वापसी के करीब 18 महीने बाद की स्थिति देखें तो कुछ योजनाओं में सरकार ने तेजी दिखाई है, जबकि कई अहम वादे अब भी लागू होने बाकी हैं। राज्य सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि सात गारंटियों की समीक्षा कितनी बार हुई, किस विभाग को क्या लक्ष्य मिला और कौन-सी योजना कब तक पूरी होनी थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी घोषणा पत्र अब राजनीतिक नैरेटिव का बड़ा हथियार बनते जा रहे हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन पर जवाबदेही तय नहीं हो पाती।
जानिए… महागठबंधन की घोषणा और योजनाओं का हाल
गारंटी स्थिति वर्तमान हाल
मंईयां सम्मान योजना पूरा 50 लाख से अधिक महिलाओं को 2500 रु.
450 रुपए गैस सिलिंडर अधर में योजना शुरू नहीं
धान पर 3200 रुपए एमएसपी अधूरा अमल नहीं
10 लाख रोजगार आंशिक 16 हजार नियुक्तियां, 10 हजार को रोजगार
15 लाख स्वास्थ्य बीमा आंशिक प्रक्रिया शुरू
आरक्षण विस्तार लंबित प्रस्ताव केंद्र के पास
शिक्षा विस्तार धीमी प्रगति कॉलेज-मेडिकल कॉलेज प्रस्ताव स्तर पर
घोषणा पत्र…एक वोट, सात गारंटी का सच
सरकार का दावा: करीब 16 हजार नियुक्तियां की गई हैं। श्रम मेलों के जरिए करीब 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आयोग आने वाले समय में बड़ी संख्या में नियुक्तियां करने जा रहा है।
रोजगार… महागठबंधन ने घोषणापत्र में 10 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार देने की बात कही थी। जेपीएससी और जेएसएससी कई भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक और विवादों में भी घिरी रहीं।
खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी बोले: केंद्र से राशि मिलने और बजट की स्थिति बेहतर होने पर भविष्य में एमएसपी बढ़ाने पर विचार होगा। अभी किसानों को पहली बार एकमुश्त भुगतान जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर बोले: 450 रुपए में गैस सिलिंडर देने पर करीब 2000 करोड़ रु. का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यदि 200 रु. प्रति सिलिंडर सब्सिडी दी जाए तो सरकार पर लगभग 744 करोड़ रु. का भार आएगा। सीएम से अनुरोध किया है कि इसपर निर्णय लें।
सरकार का पक्ष: महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मंईयां सम्मान योजना राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल है।
उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू बोले: जिन विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां कॉलेज खोलने की तैयारी चल रही है। आने वाले समय में सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।
मंईयां सम्मान योजना… सरकार की सबसे चर्चित और सबसे सफल योजना मंईयां सम्मान योजना मानी जा रही है। महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि एक हजार से बढ़ाकर 2500 रुपए करने का वादा किया गया था। फिलहाल 50 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए मिल रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य… घोषणा पत्र में सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और जिला मुख्यालयों में मेडिकल तथा इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की बात कही गई थी। जामताड़ा, गिरिडीह, खूंटी और धनबाद में मेडिकल कॉलेज की दिशा में पहल शुरू हुई है, लेकिन अधिकांश योजनाएं अभी शुरुआती चरण में हैं।
एमएसपी… धान पर 3200 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी देने का वादा भी पूरा नहीं हो सका है। किसान संगठनों का कहना है कि चुनाव के दौरान यह सबसे बड़ा मुद्दा था, लेकिन अब तक इस दिशा में राज्य सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग का कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया।
गैस सिलिंडर योजना… गरीब परिवारों को 450 रुपए में गैस सिलिंडर देने की घोषणा अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है। यही वजह है कि अब सरकार के भीतर से भी इसे लेकर दबाव बढ़ने लगा है। अगर यह योजना लागू होती तो राज्य की करीब 32 लाख महिलाओं को सीधा लाभ मिलता।
