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भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में गुमला नगर परिषद द्वारा कैच द रेन 2026 अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत पूरे शहर में 30 दिवसीय विशेष जन-जागरूकता अभियान और जल संरक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिसका मुख्य नारा है हर बूंद की रक्षा, भविष्य की सुरक्षा। इस अभियान के तहत चार प्रमुख लक्ष्यों को रेखांकित किया गया है।
जिसमें वर्षा जल संचयन को बढ़ावा, गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए जमीन के भीतर पानी को पहुंचाना सुनिश्चित करना, जलाशयों का संरक्षण व पुनर्जीवन और नागरिकों को जागरूक बनाना शामिल है। ईओ मनीष कुमार और सिटी मैनेजर हेलाल अहमद ने बताया कि इस दौरान जन-जागरूकता व संवाद, सामुदायिक सहभागिता, सफल प्रयासों का प्रचार, स्वच्छता और श्रमदान और शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। अभियान को महज पानी बचाने तक सीमित न रखकर इसे पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया है। इस अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिससे न केवल पर्यावरण को बल मिलेगा बल्कि हरित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अपील की है कि सभी आम नागरिक, सामाजिक संगठन और शैक्षणिक संस्थान इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
जल है तो कल है का दिया संदेश: कार्यक्रम के निमित नगर परिषद सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर सभी को जल है, तो कल है का शपथ दिलाया गया।
उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे वर्षा जल संचयन की तकनीकों को अपनाएंगे। जल स्रोतों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखेंगे और जल संरक्षण के इस जरूरी संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वर्षा की हर बूंद की कीमत है। इसलिए इसे संचय करें। अपने घरों की छतों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं ताकि भूमिगत जल स्तर को सुधारा जा सके।