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Yoga For Weight Loss: मोटापा कम करने और पेट के आसपास की चर्बी कम करने के लिए ये पांच योगासन काफी मददगार साबित हो सकते हैं. इन्हें करने से लाइफस्टाइल डिजीज भी नियंत्रण में रहती हैं. पलामू के योग गुरु से जानते हैं कि इन्हें कैसे किया जा सकता है.
पलामू. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है. अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण बड़ी संख्या में लोग बढ़ते वजन से परेशान हैं. मोटापा न केवल शरीर की बनावट को प्रभावित करता है, बल्कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और जोड़ों की समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है. ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है.
पलामू के योग गुरु पुरुषार्थी पवन आर्य बताते हैं कि अगर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम एक घंटा योग और व्यायाम के लिए निकाले, तो मोटापे को नियंत्रित करने के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है. उन्होंने ऐसे पांच योगासनों के बारे में बताया, जो वजन नियंत्रण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं. इसके लिए कपालभाति, द्विचक्री आसन, भुजंगासन समेत अन्य कई व्यायाम किए जा सकते हैं.
मंडूकासन: पाचन तंत्र को करता है मजबूत
मंडूकासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन है, जो पेट और पाचन तंत्र पर विशेष रूप से कार्य करता है. इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठकर एड़ियों पर बैठना होता है. इसके बाद दोनों हाथों की मुट्ठी बंद कर नाभि के दोनों ओर पेट पर रखी जाती है और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुका जाता है. इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौट आते हैं. योग विशेषज्ञ ने आगे कहा कि मंडूकासन से मोटापा कम होता है. इसके साथ पाचन क्रिया बेहतर होती है, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है तथा पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं.
ताड़ासन: शरीर को देता है संतुलन और मजबूती
ताड़ासन योग का आधारभूत आसन माना जाता है. इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों पैरों को मिलाया जाता है और सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाकर पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचा जाता है. इस दौरान एड़ियां भी ऊपर उठाई जाती हैं और शरीर का संतुलन बनाए रखा जाता है. ताड़ासन रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाने में मदद करता है. इसके नियमित अभ्यास से शरीर की मुद्रा में सुधार होता है, पैरों और हाथों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं तथा शरीर में लचीलापन बढ़ता है. मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए यह आसन शरीर को सक्रिय करने और कैलोरी खर्च करने की दिशा में एक अच्छा प्रारंभिक अभ्यास माना जाता है.
तिर्यक ताड़ासन: कमर और पेट की चर्बी पर करता है काम
तिर्यक ताड़ासन, ताड़ासन का ही एक उन्नत रूप है. इसमें शरीर को दाएं और बाएं ओर झुकाया जाता है. अभ्यास के दौरान दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाकर शरीर को एक ओर झुकाया जाता है और फिर दूसरी ओर. यह क्रिया कमर, पेट और रीढ़ की मांसपेशियों में गहरा खिंचाव पैदा करती है. योग गुरु पवन आर्य बताते हैं कि तिर्यक ताड़ासन पेट के आसपास जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक हो सकता है. इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता है और शरीर का संतुलन बेहतर बनाता है. नियमित अभ्यास से कमर की लचक बढ़ती है और शरीर अधिक चुस्त एवं फुर्तीला महसूस करता है.
वीरभद्रासन: ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने वाला आसन
वीरभद्रासन को शक्ति, संतुलन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है. इस आसन में दोनों पैरों के बीच पर्याप्त दूरी बनाकर एक पैर आगे और दूसरा पीछे रखा जाता है. आगे वाले घुटने को मोड़कर दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाया जाता है. कुछ समय तक इस स्थिति में बने रहने से शरीर की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. वीरभद्रासन पैरों, जांघों, कंधों और पीठ को मजबूत बनाता है. यह रक्त संचार को बेहतर करता है और शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है. नियमित अभ्यास से शरीर अधिक ऊर्जावान बनता है और वजन नियंत्रण की प्रक्रिया को भी गति मिलती है.
त्रिकोणासन: लचीलापन बढ़ाने के साथ कैलोरी भी करता है बर्न
त्रिकोणासन एक लोकप्रिय योगासन है, जिसमें शरीर त्रिकोण की आकृति बनाता है. इसे करने के लिए दोनों पैरों को फैलाकर खड़ा हुआ जाता है और शरीर को एक ओर झुकाते हुए एक हाथ को पैर की ओर तथा दूसरे हाथ को ऊपर की ओर रखा जाता है. यह आसन कमर, पेट, जांघ और कूल्हों की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है. योग विशेषज्ञ पवन का कहना है कि त्रिकोणासन शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है और अतिरिक्त कैलोरी खर्च करने में मदद करता है. हालांकि केवल इस आसन से मोटापा पूरी तरह कम नहीं होता, लेकिन संतुलित आहार और नियमित योग अभ्यास के साथ यह पेट और कमर की अतिरिक्त चर्बी घटाने में उपयोगी साबित हो सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें