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अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी के 2500 बुजुर्गों ने संकल्प लिया है कि वे स्कूल कॉलेजों में जाकर बच्चों संग जुड़ेंगे और अपने अनुभव बांटेंगे. बदले में युवाओं से डिजिटल और साइबर ज्ञान सीखेंगे.
सीनियर सिटिजन अब युवाओं और बच्चों से जुड़ेंगे.
बुजुर्गों के अनुभव युवाओं के काम आ सकते हैं. वहीं युवाओं से बुजुर्ग तकनीकी बारीकियां सीख सकते हैं. युवाओं और बुजुर्गो के बीच सामाजिक तालमेल को बेहतर करने के लिए देश के वरिष्ठ नागरिकों ने एक अनोखी पहल की है.
अपनी-अपनी नौकरियों से सेवानिवृत हो चुके सीनियर सिटिजन अब छोटे बच्चों और युवाओं से जुड़ेंगे. 2500 बुजुर्गों ने युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए संकल्प लिया है. ये सभी डिजिटल मंच के जरिए डिजिटल सदस्य बनाएंगे और स्कूलों, कॉलेजों में संपर्क करेंगे.
बुजुर्गों का कहना है कि सेवानिवृत होने के बाद जीवन खत्म नहीं हो जाता, बेहतर समाज के निर्माण में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों का उपयोग होना चाहिए. ऐसे में देशभर के वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाने, हितों की रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच मंच स्थापित करने सहित कई मुद्दों पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें संस्था के देशभर के 200 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए.
सम्मेलन में अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष केएल अरोड़ा ने कहा कि संस्था गत 17 वर्षो से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में काम कर रही है, संस्था को राष्ट्रीय स्तर का पंजीकरण मिलने के बाद संस्था के विजन 2030 के अंर्तगत सात एजेंडों पर काम करने के लिए प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा की गई.
इसके साथ ही संस्था का विस्तारीकरण दिल्ली सहित राष्ट्रीय स्तर पर करने का संकल्प लिया गया है. केवल वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा ही नहीं बल्कि युवाओं के साथ साझेदारी कर वरिष्ठ नागरिक संगठन समाज को सही दिशा देने का काम भी कर रही है. संस्था के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भारत भूषण इलाहबादी ने कहा कि संस्था युवा पीढ़ी और सीनियर सिटिजन वर्ग के बीच एक मंच का काम करेगा, जिससे मतभेद दूर होने के साथ ही जानकारियों को भी साझा किया जा सके, साइबर मंच के जरिए जानकारियों का आदान प्रदान किया जा सकेगा.
उदाहरण के लिए साइबर फ्रॉड की जानकारी वरिष्ठ नागरिक युवाओं से सीखेंगे इसके लिए युवाओं को डिजिटल सदस्य के रूप में संस्था से जोड़ा जाएगा. वहीं भारत भूषण ने कहा कि युवाओं को कॉकरोच बनने की नहीं, बल्कि लॉयन बनने की जरूरत है, युवाओं के ज्ञान के सही दिशा देकर देश को विकसित बनाया जा सकता है.
वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और युवाओं की तकनीकि जानकारी निश्चित रूप से समाज में बदलावा की दिशा तय करेगी. बता दें कि अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से वर्ष 2010 में शुरू हुई संस्था है जो आज राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्राप्त कर चुकी है. आने वाले दिनों में इस संस्था के सदस्य स्कूली बच्चों से कनेक्ट होते दिखाई देंगे.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें