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पू. सिंहभूम में 60 आवेदन संदिग्ध मिले सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पूर्वी सिंहभूम में 60 ऐसे आवेदन ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं, जो संदिग्ध है। आशंका है कि ये छात्राएं संबंधित स्कूलोंे में पढ़ती ही नहीं हैं। मामला सामने आने के बाद जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने सभी आवेदनों की स्वीकृति पर रोक लगा दी है। संदिग्ध आवेदनों की पहचान के बाद अब संबंधित स्कूलों से नए सिरे से सत्यापन कराया जाएगा। जांच की जाएगी कि आवेदन करने वाली छात्राएं वास्तव में संबंधित स्कूल में पढ़ती हैं या नहीं। उनके दस्तावेज और पात्रता का भी मिलान कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आवेदन को स्वीकृति मिलेगी और उनके बैंक खाते में सहायता राशि भेजी जाएगी। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
ये है आवेदन की प्रक्रिया… ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्राओं को आवेदन करना होता है। सीडीपीओ दस्तावेज-पात्रता की जांच करती है। फिर आवेदन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के ऑफिस में भेजा जाता है। वहां जांच- स्वीकृति के बाद राशि लाभुकों के खाते में भेजी जाती है।
6 चरणों में मिलती है 40 हजार की सहायता कक्षा 8वीं व 9वीं में नामांकित छात्राओं को 2,500-2,500 रु. मिलते हैं। वहीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं को प्रत्येक कक्षा के लिए 5-5 हजार रु. दिए जाते हैं। इसके अलावा 18 से 19 वर्ष की आयु पूरी करने वाली पात्र युवतियों को 20 हजार रु. का एकमुश्त अनुदान दिया जाता है। इस तरह एक पात्र लाभुक को कुल 40 हजार रुपए तक की सहायता मिलती है।
31,953 का लक्ष्य, 7366 आवेदन अभी स्कूलों में लंबित… पूर्वी सिंहभूम में इस योजना के तहत 31,953 छात्राओं को लाभ देने का लक्ष्य है। अब तक सीडीपीओ कार्यालयों को 22,839 आवेदन मिले हैं। इनमें से 21,781 आवेदनों को सीडीपीओ स्तर से स्वीकृति दी जा चुकी है। वहीं, 7,366 आवेदन अब भी स्कूलों से सीडीपीओ कार्यालय तक नहीं पहुंचे हैं। आवेदनों की जांच कराई जा रही है। अब तक कई आवेदन संदिग्ध पाए गए हैं। ऐसे आवेदनों का संबंधित स्कूलों से नए सिरे से सत्यापन कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही सभी आवेदनों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिर योजना का लाभ मिलेगा। -शत्रुंजय कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम
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