नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से यूट्यूबर अजीत भारती के एक कथित कमेंट को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया है. सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारती के कथित कमेंट को ‘गरिमा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति बेहद परेशान करने वाली अवमानना’ बताया था. उन्होंने कहा था कि शेड्यूल कास्ट (एससी) नागरिकों, बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाने वाली अपमानजनक टिप्पणियों को ‘फ्री स्पीच’ कहकर खारिज नहीं किया जा सकता.
सिंघवी ने अपने पोस्ट में लिखा था कि राजनीतिक असहमति लोकतांत्रिक रूप से वैध है लेकिन जातिवादी गाली और अपमान स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा था कि संविधान लोगों को बोलने की आजादी देता है लेकिन यह आजादी जाति और नफरत को हथियार बनाने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करती.
सिंघवी के ट्वीट पर क्या बोले अजीत भारती?
सिंघवी की इस टिप्पणी पर अजीत भारती ने जवाब देते हुए कहा है कि जिस वीडियो के आधार पर टिप्पणी की है उसे उन्होंने कथित तौर पर पूरा देखा ही नहीं है. भारती का दावा है कि जिस क्लिप को लेकर सिंघवी ने एससी समुदाय को लेकर टिप्पणी की उसमें एससी समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की गई थी. भारती ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के बारे में अपमानजनक शब्द कहे गए हैं, तो उसे उसकी जाति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने सिंघवी के ट्वीट में इस्तेमाल किए गए ‘SC नागरिकों को निशाना बनाते हुए अपमानजनक टिप्पणियां’ वाले दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिप्पणी किसी विशेष व्यक्ति को लेकर थी, न कि पूरे एससी समुदाय को लेकर.
‘मैं मानहानि का केस करूंगा, कोर्ट में घसीटूंगा’
अजीत भारती ने सिंघवी को सीधे मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि वह सिंघवी के खिलाफ मानहानि का केस दाखिल करूंगा और उन्हें कोर्ट तक लेकर जाउंगा. भारती ने कहा कि उन्हें इस मामले में किसी वकील की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह खुद कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं. उन्होंने सिंघवी की कानूनी क्षमता पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि उन्होंने कथित तौर पर डेढ़ मिनट का वीडियो तक नहीं देखा और इसके बावजूद उनके बारे में ऐसी बातें लिखीं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है. भारती ने कहा कि अगर सिंघवी अपने पोस्ट को नहीं हटाते हैं तो वह उन्हें कोर्ट में घसीटेंगे और उन्हें अपने शब्दों का जवाब देना पड़ेगा.
‘फ्री स्पीच मेरा अधिकार है, आंबेडकर ने नहीं दिया’
भारती ने अपने जवाब में संविधान और फ्री स्पीच को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि फ्री स्पीच का अधिकार उन्हें उनका देश और संविधान देता है. उन्होंने डॉ.भीमराव आंबेडकर के संदर्भ में कहा कि संविधान भारत का है और उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति के संविधान सभा में होने मात्र से यह नहीं कहा जा सकता कि वही उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दे रहे हैं. भारती ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी जुड़ी है लेकिन उनके अनुसार उन्होंने जिस मामले में टिप्पणी की, उसमें न तो राजनीतिक असहमति का मामला था और न ही जातिगत अपमान या तिरस्कार किया गया था.
सिंघवी के ‘पब्लिक डिस्कोर्स’ वाले बयान पर भी हमला
सिंघवी ने अपने पोस्ट में कहा था कि सार्वजनिक विमर्श को इस स्तर तक गिरने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इस पर भारती ने सिंघवी पर ही ‘मोरैलिटी का लेक्चर’ देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह सिंघवी के नैतिकता संबंधी उपदेशों से सहमत नहीं हैं और उनके मुताबिक जिन लोगों का सार्वजनिक जीवन में प्रभाव है. उन्हें किसी सामान्य नागरिक के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने से पहले पूरे संदर्भ को देखना चाहिए.
‘मेरे और मेरे परिवार को धमकियां मिल रही हैं’
भारती ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक हस्तियों की टिप्पणियों के कारण सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ इस तरह का माहौल बनता है. हालांकि, ये सभी दावे अजीत भारती द्वारा अपने बयान में लगाए गए आरोप हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री से नहीं होती.
विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
दरअसल, विवाद की शुरुआत अजीत भारती के एक कथित कमेंट से हुई. इसके बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए भारती के कमेंट को ‘गरिमा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति बेहद परेशान करने वाली अवमानना’ बताया. सिंघवी ने लिखा कि एससी नागरिकों, बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाने वाली अपमानजनक टिप्पणियों को फ्री स्पीच के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने राजनीतिक असहमति और जातिगत अपमान के बीच अंतर बताते हुए कहा कि ‘राजनीतिक असहमति जायज़ है, लेकिन जातिवादी गाली-गलौज और अपमान नहीं.’ इसके बाद अजीत भारती ने अपने जवाब में सिंघवी पर वीडियो को पूरा देखे बिना टिप्पणी करने का आरोप लगाया और मानहानि का मुकदमा दायर करने तथा उन्हें कोर्ट में घसीटने की चेतावनी दी.