Last Updated:
अमेठी जिले के कई पंचायत सचिवालय, सामुदायिक बारात घर और सीएससी केंद्र निर्माण के बाद भी बंद पड़े हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी भवनों पर ताले लगे होने से उन्हें योजनाओं और जरूरी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. वहीं जिला प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
अमेठी: सरकारी भवनों का निर्माण इसलिए कराया जाता है कि जनता से जुड़े काम उन भवनों मे आसानी से एक छत के नीचे हो सके लेकिन सवाल यही है कि जब जनता से जुड़े कार्यालय और भवन संचालन की राह देख रहे हो तो लाभ कैसे मिलेगा कुछ ऐसी कहानी है अमेठी जिले के अलग-अलग ग्राम पंचायत की जहां पर सरकारी भवन की बिल्डिंग तो तैयार हो गई है लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण उन्हें सिर्फ और सिर्फ इंतजार करना पड़ रहा है और इसका नुकसान सिर्फ पैसों की बर्बादी से नहीं बल्कि जनता के हित से भी जुड़ा है.
कम्युनिटी सर्विस सेंटर पर ताले लगे हैं
तस्वीरें हैं अमेठी जिले के अलग-अलग ग्राम पंचायत की पहली तस्वीर है अमेठी जिले के जामों ब्लॉक की जहां पर मौजूद सामुदायिक बारात घर के साथ-साथ सीएससी यानी कम्युनिटी सर्विस सेंटर बनाया गया लेकिन आज उसे पर ताले लगे हैं. बारात घर के तो शीशे भी तोड़ दिए गए और कुर्सियां तोड़ कर उठा ली गई लेकिन आज तक जनता को लाभ नहीं मिला इसके साथ ही अमेठी जिले के गौरीगंज अमेठी जामों सहित अलग-अलग ब्लॉक के दर्जनों पंचायत सचिवालय ऐसे हैं जहां पर सिर्फ और सिर्फ ताले लगे रहते हैं जनता के हित से जुड़े कोई काम हुआ नहीं होते ऐसे में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है लोकल 18 की ग्राउंड में रिपोर्ट में तस्वीर सामने आई लोगों ने जमकर आक्रोश भी जताया.
बारात घर हो पंचायत सचिवालय हो या सामुदायिक शौचालय सभी का यही हाल है
अमेठी की गौरीगंज निवासी चंदन पांडे बताते हैं कि जब भवन का निर्माण हुआ है तो उसे जनता के लिए खुलना चाहिए लेकिन भवनों में ताले लगे रहते हैं चाहे बारात घर हो पंचायत सचिवालय हो या सामुदायिक शौचालय सभी का यही हाल है. पूरे जिले में अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं जिससे सीधे नुकसान जनता को होता है और वह अपने काम के लिए परेशान होती है इन भावनाओं को शुरू कराया जाए और उसका निर्माण करा कर उसे जनता के सुपुर्द किया जाए.
वही लोकल 18 से बातचीत करते हुए एक और स्थानीय निवासी और बुजर्ग शिवकुमार पांडे बताते हैं सरकार की योजना का लाभ धरातल पर कम ही उतर रहा है अधिकारी कोई समस्या नहीं सुनते शिकायत की जाती है तो समस्याओं का नजर अंदाज हो जाता है ऐसे में हमें काफी समस्या होती है अगर इन भवनों का संचालन होने लगे तो हमें अपने काम के लिए तहसील और ब्लॉक लेवल के चक्कर न लगाने पड़े.
वही एक और स्थानीय निवासी और युवा ने कहा कि जब भवन बने हैं, तो उनका इस्तेमाल भी होना चाहिए इस तरह तो सरकार के पैसे का दुरुपयोग होगा और जनता को उससे जुड़े काम न मिलने से काफी समस्या होगी. इन भवनों का सही संचालन होना चाहिए, ताकि समस्या ना हों.
दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी
वहीं पूरे मामले पर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने कहा कि कुछ भवन संस्था के माध्यम से बनाए गए हैं तो कुछ भवन दूसरे विभाग से जुड़े हुए हैं. इसके साथ ही कुछ पंचायती राज विभाग के हैं जहां पर जो समस्या है उसका निस्तारण करने के लिए इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध अगर जांच में कोई लापरवाही हुई तो कार्रवाई होगी.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें