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सीएम सी. जोसेफ विजय ने प्रभावित मजदूरों को सभी जरूरी मेडिकल मदद देने का अधिकारियों को निर्देश दिया. उन्होंने लीक के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली जांच कमेटी बनाने का भी आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने पैनल को तुरंत इंस्पेक्शन करने और 24 घंटे के अंदर डिटेल्ड रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. जांच में सेफ्टी प्रोटोकॉल, मेंटेनेंस प्रोसेस और फैसिलिटी में संभावित कमियों की जांच होने की उम्मीद है.
गैस लीक के पीड़ितों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
चेन्नई. तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक निजी फिश मील निर्यात कारखाने की उत्पादन इकाई में अमोनिया गैस रिसाव के कारण दो महिलाओं की मौत हो गई और 62 अन्य लोग प्रभावित हुए. राज्य सरकार ने यह जानकारी दी. यह घटना पेरियापालयम के निकट कनिगैपेयर गांव में हुई. सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और लोक स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है तथा 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है.
इससे पहले पुलिस ने मृतकों की संख्या सात बताई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की एक विज्ञप्ति और स्वास्थ्य मंत्री के. जी. अरुणराज ने बाद में इसे दो बताया. पत्रकारों से बात करते हुए अरुणराज ने कहा कि इस स्तर के प्रभाव वाला अमोनिया गैस रिसाव पहले कभी नहीं हुआ है. मंत्री ने कहा, “चिकित्सकों का कहना है कि हमने कहीं भी इस तरह के इतने उच्च स्तर वाले मामले नहीं देखे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट देखी जा रही है और बताया कि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को निजी अस्पतालों से सरकारी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है. उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति को निजी अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था, और दूसरे व्यक्ति की वहां इलाज के दौरान मौत हो गई.”
मंत्री के अनुसार, 28 मरीज वेल्स मेडिकल कॉलेज में, 18 वेंकटेश्वर अस्पताल में, 10 राजीव गांधी सरकारी अस्पताल (एमएमसी) में और सात सरकारी स्टेनली अस्पताल में भर्ती हैं. ड्यूटी पर तैनात कुल 64 कर्मी, जिनमें 60 महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे, अचानक हुए गैस रिसाव से प्रभावित हुए. मुख्यमंत्री विजय ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक को दो.दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह राज्यों में सरकारी खर्च पर भिजवाया जाये. इस बीच, ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
पीएम मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति ने जताया दुख
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से 2 लोगों की मौत हो गई, वहीं घायलों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है. पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हादसे पर दुख जताया है. पीएमओ की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया गया-तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए हादसे के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ. इस हादसे में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दुख जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक फैक्ट्री में हुए दुखद हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. मैं दुखी परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं. मेरी दुआएं इस हादसे से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं. मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करती हूं.
वहीं उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पोस्ट में दुख जताते हुए लिखा कि तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक की घटना में हुई दुखद मौतों से बहुत दुख हुआ. दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मैं इलाज करा रहे लोगों के जल्दी और पूरी तरह ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. इस मुश्किल समय में प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें