भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

अरावली में दिखी दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली, बच्चे के साथ...


फरीदाबाद: फरीदाबाद की अरावली पहाड़ियों से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने वन्यजीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं को उत्साहित कर दिया है. कोट गांव में दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली कही जाने वाली रस्टी स्पॉटेड कैट अपने बच्चे के साथ दिखाई दी है. खास बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर की अरावली में पहली बार इस दुर्लभ बिल्ली और उसके बच्चे की मौजूदगी का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड मिला है. महज 10 सेकंड की यह झलक अब वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी खोज मानी जा रही है. इस प्रजाति का बच्चा पहली बार कैमरे में कैद हुआ है.

कहां दिखी पहाड़ी बिल्ली

Local18 से बातचीत में पुरातत्व विभाग से जुड़े तेजवीर मावी ने बताते हैं मैं अपने दोस्तों के साथ कोट गांव की पहाड़ी के पास खड़े थे अंधेरा होने लगा था और हम लोग आपस में बातचीत कर रहे थे. तभी रास्ते पर एक छोटी सी बिल्ली दिखाई दी. पहले लगा कि कोई चूहा भाग रहा है लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वह रस्टी स्पॉटेड कैट का बच्चा था और उसके साथ उसकी मां भी थी.

तेजवीर मावी ने बताते हैं मैंने इससे पहले इस तरह की बिल्ली यहां कभी नहीं देखी थी. यह दिल्ली-एनसीआर का पहला रिकॉर्ड हो सकता है. यह बिल्ली दिन में बहुत कम दिखाई देती है और ज्यादातर रात में ही निकलती है.

कोट गांव में पहली बार दिखी है बिल्ली

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर यतिन वर्मा बताते हैं यह बिल्ली अरावली क्षेत्र में पहले भी मांगर, दमदमा, भोंडसी और रेवाड़ी इलाके में देखी जा चुकी है, लेकिन कोट गांव में पहली बार इसका बच्चा डॉक्यूमेंट हुआ है.

यतिन वर्मा बताते हैं यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पता चलता है कि यह प्रजाति अब यहां प्रजनन भी कर रही है.

दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली

यतिन वर्मा बताते हैं बच्चे की उम्र करीब 6 से 8 सप्ताह के बीच मानी जा रही है. बड़ी रस्टी स्पॉटेड कैट की बॉडी करीब 40 से 45 सेंटीमीटर लंबी होती है जबकि पूंछ 6 से 12 इंच तक की होती है. इसका वजन लगभग 1 से डेढ़ किलो तक होता है. फीमेल का वजन और भी कम हो सकता है. यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली कहा जाता है.

क्या कुछ है खास

यतिन वर्मा बताते हैं यह बिल्ली सामान्य घरेलू बिल्ली से करीब आधे आकार की होती है. इसके शरीर पर जंग जैसे धब्बे बने होते हैं और गर्दन के आसपास खास स्पॉट दिखाई देते हैं. इसका रंग हल्का भूरा या ग्रे होता है आंखें बड़ी होती हैं और पूंछ अपेक्षाकृत मोटी दिखाई देती है.

यतिन वर्मा बताते हैं यह प्रजाति भारत, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में पाई जाती है. यह बेहद फुर्तीली होती है और बहुत तेजी से भागती है. जब मैं वहां मौजूद था तब भी बिल्ली ज्यादा डरी हुई नहीं लगी.

यतिन वर्मा बताते हैं अब इस बिल्ली के व्यवहार को समझने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि यह आबादी के बेहद करीब दिखाई दे रही है. इसे सबसे ज्यादा खतरा आवारा कुत्तों से हो सकता है. साथ ही घरेलू बिल्लियों के साथ मिक्स ब्रीडिंग का खतरा भी बना रहता है. अरावली की पहाड़ियों में तेंदुए भी रहते हैं, इसलिए यह समझना जरूरी है कि इन दोनों प्रजातियों का व्यवहार एक-दूसरे के साथ कैसा रहता है. हालांकि, यह इतनी छोटी और फुर्तीली होने की वजह से यह बिल्ली आसानी से खतरे से निकल जाती है.

बिल्ली, इंसानों के लिए बिल्कुल खतरनाक नहीं

यतिन वर्मा बताते हैं यह बिल्ली इंसानों के लिए बिल्कुल खतरनाक नहीं है. यह चूहे, छिपकली, सांप और कीड़े-मकोड़े खाती है. गांवों में चूहों की संख्या कम करने में यह मददगार साबित हो सकती है. यानी यह छोटी सी जंगली बिल्ली इंसानों के लिए नुकसान नहीं बल्कि फायदा पहुंचाने वाली प्रजाति है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top