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आंधी-तूफान में नहीं गिरेगा एक भी आम, अपनाएं ये धांसू टिप्स, पैसों...


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आंधी-तूफान में नहीं गिरेगा एक भी आम,अपनाएं ये धांसू टिप्स, मुनाफा होगा डबल

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मानसून की आमद होती है. आंधी तूफान चलता है जिसकी वजह से भी फसल उजड़ने लगती है.किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. जब यह स्थिति बनती है तो किसान भाई कुछ तरीके अपना कर अपनी फसल को भी बचा सकते हैं. उसमें कुछ वैल्यू एडिशन करके मुनाफा भी बढ़ा सकते हैं.

गर्मी का मौसम यानी कि आमों का सीजन और आम के दीवाने तो इन्हें किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ते हैं. वह सीजन में अलग-अलग वैरायटी के आमों को खाना पसंद करते हैं किसी में रस ज्यादा होता है तो किसी में गूदा, तो कोई कच्चे आमों को खाने का भी शौकीन होता है. लेकिन आम के सीजन में जब एक साथ फल आते हैं.इनके भाव एकदम से गिर जाते हैं.

खासकर कच्चे आमों को लेकर यह स्थिति बनती है या फिर जब आमों का सीजन जाने वाला होता है तब मानसून की आमद होती है. आंधी तूफान चलता है जिसकी वजह से भी फसल उजड़ने लगती है.किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. जब यह स्थिति बनती है तो किसान भाई कुछ तरीके अपना कर अपनी फसल को भी बचा सकते हैं. उसमें कुछ वैल्यू एडिशन करके मुनाफा भी बढ़ा सकते हैं.

आंधी तूफान में उजाड़ रहा आम का बगीचा
सागर के कपूरिया में प्रगतिशील युवा किसान आकाश चौरसिया के द्वारा 36 वैरायटी के आमों का उत्पादन ले रहे हैं. लेकिन उनके द्वारा जब एक साथ फल आ जाते हैं. आंधी तूफान में फल झड़ते हैं या फिर पक्षियों के द्वारा आम गिराए जाते हैं तो उनका अलग-अलग तरह से उपयोग करते हैं. आकाश बताते हैं कि आम के फल को अगर चिड़िया खाकर गिर रही है या किसी अन्य वजह से वह टूट कर गिर गए हैं. दम एकदम से सस्ते हो गए हैं तो ऐसी स्थिति में हम उन फलों को एकत्रित करते हैं. उनको छीलकर काटते हैं. फिर उनको धूप में सूखने के लिए डाल देते हैं जिनको आम की कली के नाम से बाजार में बेचा जाता है. इसको सूखने के बाद पाउडर फॉर्म में भी कर सकते हैं. जिनको अमचूर कहते हैं. इस अमचूर का उपयोग आजकल गोलगप्पे का पानी बनाने के लिए खूब किया जाता है खास तौर पर भिंड मुरैना ग्वालियर इलाके में इसकी डिमांड बहुत अधिक है. यह पाउडर 200 – 300 रुपया किलो तक बिक जाता है.इसके अलावा इन कच्चे आम को अच्छे से कटिंग करके अचार के रूप में भी तैयार किया जा सकता है.

अच्छा वैल्यू एडिशन हो सकता है
वहीं इसके अलावा जब इन फलों की गुठलियों खेतों में गिर जाती या रह जाती हैं तो इसे भी अंकुरण होता है जिनका ग्राफ्टिंग करके पौधे तैयार करते हैं. एक पौधा 80 से 100 रुपए तक में बिक जाता है. इस तरह से कुछ आसान उपाय करके हम अपनी फसल का वैल्यू एडिशन कर सकते हैं जो किसान को होने वाला नुकसान मुनाफे के रूप में बदल जाता है.



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