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राज्य के हाईस्कूलों में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई होती है। शिक्षकों के पद भी सृजित हैं। लेकिन इस विषय के शिक्षक बनने की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए रांची के दो विवि में बीएड के दौरान कंप्यूटर साइंस पढ़ने का विकल्प नहीं है। इसमें रांची विवि और डीएसपीएमयू शामिल हैं। इन दोनों विवि में साइंस को मेथड पेपर के रूप में शामिल नहीं किए जाने से आईटी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। बीसीए, बीएससी आईटी, बीएससी सीए व एमसीए जैसी डिग्री रखने वाले विद्यार्थी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विषय चुनने के विकल्प से वंचित हैं। उन्हें गणित या दूसरे विषयों का विकल्प चुनना पड़ता है। प्रिंसिपल व डीएसडब्ल्यू को छात्रों ने दिए आवेदन राजकीय शिक्षक प्रशिक्षक महाविद्यालय (जीटीटीसी), कांके के प्राचार्य डॉ. रमन कुमार झा और डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहू को दिए आवेदन देकर छात्रों ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू करने की मांग की है। मोर्चा महासचिव राकेश रौशन के नेतृत्व में विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बोर्ड ऑफ स्टडीज और अकादमिक काउंसिल से प्रस्ताव पारित कराकर कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की जाए। प्रतिनिधिमंडल में मार्विन टोप्पो, अमन कुमार पांडेय, अनुज कुमार, अर्पण उरांव, आशीष कुजूर समेत अन्य थे। राज्य के कई विश्वविद्यालय में कंप्यूटर की पढ़ाई हो रही विनोबा भावे विवि, हजारीबाग, कोल्हान विवि, चाईबासा में कंप्यूटर साइंस को बीएड के मेथड विषय के रूप में पढ़ाने की सुविधा है। रांची वीमेंस कॉलेज जब ऑटोनोमस था तो अपनी एकेडमिक काउंसिल में पास कराकर कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की गई थी। आगे क्या… प्रस्ताव तैयार कर कोर्स की स्वीकृति लेनी होगी बीएड कोर्स में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। प्रस्ताव पर बोर्ड ऑफ स्टडीज और अकादमिक काउंसिल से स्वीकृति लेनी होगी। इसके साथ ही पढ़ाई शुरू होने मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
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